फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए भी प्रीकॉशन डोज: राजस्थान में 2007 में जन्म तो मिल सकेगी 15 से 18 साल की एज ग्रुप के बच्चों को वैक्सीन

केन्द्र सरकार ने इसके लिए गाइडलाइन जारी कर दी है, अब राज्य सरकार इसको लेकर जल्द ही एसओपी जारी करेगी। राज्य में तीन जनवरी से 15 से 18 साल की एज ग्रुप के बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू किया जाएगा।

राजस्थान में 2007 में जन्म तो मिल सकेगी 15 से 18 साल की एज ग्रुप के बच्चों को वैक्सीन

जयपुर। राज्य में तीन जनवरी से 15 से 18 साल की एज ग्रुप के बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश में जिन बच्चों का जन्म वर्ष 2007 तक है, उन सभी को वैक्सीन लग सकेगी। बच्चे का जन्म 2007 का होना चाहिए, फिर भले ही वो एक जनवरी का हो या फिर 31 दिसम्बर 2007 को। केन्द्र सरकार ने इसके लिए गाइडलाइन जारी कर दी है, अब राज्य सरकार इसको लेकर जल्द ही एसओपी जारी करेगी।

स्वास्थ्य निदेशालय के टीकाकरण परियोजना के निदेशक डॉ. रघुराज सिंह ने बताया कि प्रदेश में किशोरों के साथ ही अन्य वर्गों को टीके लगाने की तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। टीकाकरण सेंटर्स पर भी पूरी तैयारी की जा चुकी है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन में प्रीकॉशन डोज (बूस्टर) के लिए लाभार्थी को डॉक्टर से लिखा सर्टिफिकेट या कोई दस्तावेज लगाने की जरूरत अनिवार्य नहीं की गई है। इन एज ग्रुप के लोगों का मौके पर ही पंजीबद्ध कर वैक्सीन लगाई जा सकेगी। प्रीकॉशन डोज केवल उन्हीं व्यक्तियों को लगाई जा सकेगी, जिसके दूसरी डोज लगे नौ महीने या 39 सप्ताह का समय हो गया हो।

राजस्थान में 15-18 एज ग्रुप के 46 लाख, 51 हजार बच्चों को वैक्सीनेट करने का लक्ष्य है। राज्य का चिकित्सा विभाग इस एज ग्रुप के बच्चों की संख्या अनुमानित 51 लाख, 11 हजार के आसपास मानकर चल रहा है, लेकिन केन्द्र सरकार ने 46 लाख, 51 हजार का आंकड़ा रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया से जारी डेटा के आधार पर निकाला है। 60 साल या उससे ज्यादा एज ग्रुप के वे लोग जो बीमार हैं, उन्हें प्रीकॉशन डोज 10 जनवरी से लगेगी। ऐसे लोगों की संख्या राजस्थान में 13 लाख, 66 हजार, 600 निर्धारित की गई है। वर्तमान में राजस्थान में इस एज ग्रुप के लोगों की कुल संख्या 73 लाख, 40 हजार से भी ज्यादा है। 60 साल से ज्यादा एज ग्रुप के अलावा 10 जनवरी से हेल्थ व फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए भी प्रीकॉशन डोज का अभियान चलाया जाएगा। प्रदेश में हेल्थ वर्कर पांच लाख, 88 हजार, 779 हैं। फ्रंट लाइन वर्कर्स पांच लाख, 89 हजार, 908 से ज्यादा है।

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