राजस्थान में खेलों का स्वर्णिम युग: मुख्यमंत्री ने खेलों के लिये बजट में कोई कमी नही रखी- संयम लोढा

विधायक संयम लोढा ने कहा कि खेल जीवन का अभिन्न अंग है। खिलाड़ी कभी जीवन में हताश नहीं होता  है, खेलने वाले हमेशा हार जीत दोनों साथ लेकर चलता है।

मुख्यमंत्री ने खेलों के लिये बजट में कोई कमी नही रखी- संयम लोढा
शिवगंज | वर्तमान समय राजस्थान में खेलों के लिए स्वर्णिम युग है। प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खेलों के विकास हेतु बजट में कोई कमी नहीं रखी है। यह बात विधायक संयम लोढ़ा ने राज्य स्तरीय नेटबॉल स्काय मार्शल आर्ट रैफरी क्लीनिक की कार्यशाला के समापन समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त की।
विधायक संयम लोढा ने कहा कि खेल जीवन का अभिन्न अंग है। खिलाड़ी कभी जीवन में हताश नहीं होता  है, खेलने वाले हमेशा हार जीत दोनों साथ लेकर चलता है। खेलने वाले बच्चे के अंदर आत्म विश्वास अधिक होता है। वो हारने के बाद भी जीत के लिये खेलता है। लोढा ने कहां कि खेलों के विकास हेतु आप सभी शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों का भी दायित्व बनता है कि अपने बच्चे को वर्तमान समय में खेलों के प्रति जागृत करें और खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। 

विधायक संयम लोढा ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में राज्य की अशोक गहलोत सरकार ने खेल एकडेमी, खेल स्टेडियम स्वीकृत करवाये है। हमारे बच्चे इन सभी का लाभ उठायें हमे इसका ध्यान रखना है। 
विधायक संयम लोढ़ा ने कहां कि खेलकूद मानव मन को प्रसन्न और उत्साहित बनाए रखते हैं। खेलों से नियम पालन के स्वभाव का विकास होता है और मन एकाग्र होता है। खेल में भाग लेने से खिलाड़ियों में सहिष्णुता,धैर्य और साहस का विकास होता है तथा सामूहिक सद्भाव और भाईचारे की भावना बढ़ती है।
लोढा ने कहां कि स्वस्थ शरीर और दिमाग काे विकसित करने के लिए खेल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल कई प्रकार के होते हैं, जाे हमारे शारीरिक के साथ मानसिक विकास में मदद करते हैं। लगातार पढ़ाई के दौरान कई बार तनाव की स्थिति होती है। ऐसे में खेल इस तनाव को दूर करने का बेहतर माध्यम है। हमारे देश में खेलों को उतनी प्राथमिकता नहीं मिलती, जितनी शिक्षा को दी जाती है। जिस तरह दिमाग का सही विकास के लिए शिक्षा जरूरी है, उसी तरह शारीरिक विकास के लिए खेल महत्वपूर्ण हैं। शिक्षा के माध्यम से हम टीम भावना नहीं सीख सकते, लेकिन खेल से यह संभव है।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष वजिंग राम घांची, जिला शिक्षा अधिकारी भंवर सिंह, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार, शिक्षक नेता धमेंद्र गहलोत, नरेन्द्र सिंह राजपुरोहित सहित शारीरिक शिक्षक मौजूद रहें।

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