राजस्थान सरकार का दोगलापन : जयपुर कोचिंग संस्थान में कोरोना गाइड लाइन की पालना नहीं करने पर प्रशासन ने 2 संस्थान को किया सील, ऐसी ही कार्रवाई की उम्मीद उप चुनावों में भी

कोरोना लगातार बढ़ रहा है। या यूं कहा जाएं कि कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक रूप धारण कर रही है। ऐसे में सजगता और सावधानी ही बचाव है, लेकिन राजस्थान सरकार की दोहरी नीति से आमजन बेहद परेशान है। राजस्थान सरकार का शुक्रवार को कोरोना को लेकर दो चेहरे देखने को मिले।

जयपुर कोचिंग संस्थान में कोरोना गाइड लाइन की पालना नहीं करने पर प्रशासन ने 2 संस्थान को किया सील, ऐसी ही कार्रवाई की उम्मीद उप चुनावों में भी
एक फोटो राजस्थान उप चुनाव की है जहां ना तो मास्क, ना सोशल डिस्टेंसिंग और ना ही सेनेटाइजर जैसा कुछ, दूसरी तस्वीर जयपुर के गोपालपुरा की है जहां एक शिक्षण संस्थान को प्रशासन ने सील कर दिया, क्यों कि यहां 50 स्टूडेंट पढ़ाई कर रहे थे

जयपुर। 
कोरोना लगातार बढ़ रहा है। या यूं कहा जाएं कि कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक रूप धारण कर रही है। ऐसे में सजगता और सावधानी ही बचाव है, लेकिन राजस्थान सरकार की दोहरी नीति से आमजन बेहद परेशान है। राजस्थान सरकार का शुक्रवार को कोरोना को लेकर दो चेहरे देखने को मिले। एक राजधानी जयपुर में जहां सरकार के सख्ती के निर्देश के बाद प्रशासन ने सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं कराने पर 2 संस्थान पर सील की कार्रवाई की। यहां तक ठीक है, लेकिन राजस्थान में उपचुनावों में सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क कही भी नजर ही नहीं आ रहा,बावजूद इसके प्रशासन मूक दर्शक बनकर देख रहा है। यहां आपको को दोनों मामले की जानकारी तस्वीर सहित बताते है:—

केस 1

जगह:— राजधानी जयपुर
कार्रवाई:— सोशल डिस्टेंसिंग ना होने पर सील   
कोविड गाइडलाइन की पालना नहीं करने पर प्रशासन ने सख्ती करना शुरू कर दिया है। गृहविभाग की जारी गाइड लाइन को नजरअंदाज कर बड़ी संख्या में छात्रों को एक ही हॉल में बिना सोशल डिस्टेंसिंग के बैठाकर पढ़ाने के मामले में मानसरोवर और गोपालपुरा बाइपास पर दो कोचिंग सेंटरों को सील किया है। नगर निगम मानसरोवर जोन उपायुक्त और इंसीडेंट कमाण्डर आभा बेनीवाल ने आज दोपहर जब जयपुर के गोपालपुरा बाइपास पर रिद्धि-सिद्धी तिराहे के पास अभिज्ञान सरोकार कोचिंग सेंटर में एक हॉल में लगभग 50 से ज्यादा स्टूडेंट्स बिना सोशल डिस्टेंसिंग के बैठे दिखाई दिए। यहां कई स्टूडेंट्स ने फेस मास्क भी नहीं लगा रखा था। इसी तरह मानसरोवर स्थित स्प्रींग बोर्ड अकेडमी कोचिंग सेंटर में भी कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिला। इस पर उपायुक्त बेनवाल ने वहां पढ़ रहे सभी स्टूडेंट्स को बाहर निकलवाया और दोनों सेंटरों को आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत 4 दिन के लिए सील कर दिया। गौरतलब रहे कि इससे पहले गुरुवार को भी जयपुर के जवाहर नगर स्थित ऐसे ही एक कोचिंग सेंटर को सील किया गया था, जहां एक हॉल के अंदर लगभग 100 स्टूडेंट्स को बैठाकर पढ़ाया जा रहा था। इसी तरह गोपालपुरा क्षेत्र स्थित एक होटल को भी कल सील किया था, जहां बड़ी संख्या में विजीटर्स बिना मास्क लगाए बैठे थे।

केस दो 


जगह:— राजस्थान उप चुनाव सीट

जहां प्रशासन ने गृह मंत्रालय का हवाला देते हुए सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं होने पर शिक्षण संस्थान को 4 दिन के लिए सीज कर दिया, वहीं राजस्थान के उपचुनाव वाले इलाकों में मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि जमकर नियमों की अवेहलना कर रहे हैं, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं। सहाड़ा  विधानसभा सीट से आरएलपी के उम्मीदवार  बद्रीलाल जाट के समर्थन में  ग्राम अरनिया एवं नया खेड़ा में हनुमान बेनीवाल ने जमकर नियमों की अवेहलना की। 

बीदासर में राजेंद्र राठौड़ बिना मास्क


सुजानगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बीदासर में भाजपा के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन कर उपस्थित भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं व आम नागरिकों से सुजानगढ़ के सर्वांगीण विकास हेतु भाजपा प्रत्याशी खेमाराम मेघवाल के समर्थन में राजेंद्र राठौड़ ने मतदान की अपील की। तस्वीर आप के सामने है। 

कांग्रेस प्रदेश प्रभारी, मंत्री भाया सब बिना मास्क


कोरोना नियमों का उल्लंघन करने में कांग्रेस के मंत्री, पदाधिकारी या फिर प्रदेश प्रभारी तक पीछे नहीं है। तीन दिन पहले राजसमन्द चुनाव के लिए कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने मुख्य कांग्रेसी नेताओं की मीटिंग ली। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रमोद जैन भाया ,मंत्री अर्जुन बामनिया , जिला अध्यक्ष देवकी नंदन काका,सभापति अशोक टाक सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे लेकिन मास्क नदारद मिला।

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