Rajasthan में प्रधानमंत्री कुसुम योजना: Kusum Yojana के बी कम्पोनेंट के क्रियान्वयन में राजस्थान देश में प्रथम, 25000 का लक्ष्य 23800 सेट लगाए

मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने ऊर्जा विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि कुसुम योजना के बी कम्पोनेंट के क्रियान्वयन में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। राजस्थान सरकार ने प्रदेश में 25000 सोलर पम्प सेट स्थापना के लक्ष्य के विरूद्ध राज्य द्वारा 23800 सेट लगाए गए है। 

Kusum Yojana के बी कम्पोनेंट के क्रियान्वयन में राजस्थान देश में प्रथम, 25000 का लक्ष्य 23800 सेट लगाए

जयपुर।
मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने ऊर्जा विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि कुसुम योजना के बी कम्पोनेंट के क्रियान्वयन में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। 
राजस्थान सरकार ने प्रदेश में 25000 सोलर पम्प सेट स्थापना के लक्ष्य के विरूद्ध राज्य द्वारा 23800 सेट लगाए गए है। 
इस पर सीएस ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए की योजना के ए व सी कम्पोनेंट को प्रोत्साहन देने व इनसे जुड़ी समस्याओं के निदान के दिए अतिरिक्त प्रयास करें। 
बैठक में मुख्य सचिव ने सहकारिता विभाग की बजट घोषणा वर्ष 2020-21 की अनुपालना में आगामी 4 वर्षों में 2000 नवीन ग्राम सेवा सहकारी समितियों का गठन, 500 ग्राम सेवा सहकारी समितियों को सोलर पैनल से जोड़ना, ग्राम सेवा सहकारी समितियों में गोदाम निर्माण कार्य व उनके जमीन आवंटन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की प्रगति की समीक्षा की।
सीएस आर्य ने सभी जिला कलेक्टर को निर्देश दिए है वे राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणों की व्यक्तिगत निगरानी करते हुए शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित करें।


इसके साथ ही सभी जिला कलेक्टर मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना एवं प्रधानमंत्री कुसुम योजना की सफलता पूर्वक क्रियान्विती भी सुनिश्चत करें। 
आर्य मंगलवार को यहां शासन सचिवालय में सभी संभागीय आयुक्तों, जिला कलक्टर व विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों के साथ संबंधित योजनाओं व कार्यक्रमों की वीडियो कॉन्फेंस के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने राजस्थान सम्पर्क पोर्टल की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी जिला कलेक्टर प्राप्त प्रकरणों की स्वं निगरानी करें। 
सभी प्रकरणों का निर्णयात्मक निस्तारण सुनिश्चित करें। ऎसी परिस्थिति उत्पन्न ना हों कि फॉलो-अप के अभाव में परिवादी का प्रकरण प्रशासन व विभागों के मध्य ही उलझा रहें।
उन्होंने कहा कि आमजन के लिए कलेक्टर वह पड़ाव होना चाहिए, जहां सभी समस्याओं का समाधान मिले। 
कलेक्टर का दायित्व है कि वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा अनुरूप संवेदनशील प्रशासन व जनसुनवाई को प्रतिबद्धता के साथ सुनिश्चित करें। जिन विभागों में प्रकरण लम्बित है वहां पर कलेक्टर आवश्यक कार्यवाही करें। 
उन्होंने 6 महीने से ज्यादा लम्बित प्रकरणों पर अतिशीध्र कार्यवाही के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने एक प्रस्तुतिकरण के माध्यम से मुख्य सचिव को स्टेट फ्लैगशिप कार्यक्रम-मुख्यमंत्री किसान मित्र योजना की प्रगति के बारें में अवगत कराया। 
उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग की इस योजना ने सफलता के कई आयाम स्थापित किए है।
प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री अश्विनी भगत ने भी एक प्रस्तुतिकरण के माध्यम से लम्बित प्रकरणों के बारें में मुख्य सचिव को अवगत कराया।
इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा विभाग के शासन सचिव वैभव गालरिया ने मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना व कोविड-19 टीकाकरण की प्रगति से मुख्य सचिव को अवगत कराया। 
उन्होंने कहा कि आदिनांक राजस्थान में सभी जिलों का प्रथम डोज के कवरेज में प्रतिशत 75 से ऊपर है। 
शेष पात्र व्यक्तियों का टीकाकरण भी जल्द ही कर लिया जाएगा। बैठक में राजस्थान कौशल एवं आजिविका विकास निगम की प्रबंध संचालक नलिनी कठौतिया ने मुख्यमंत्री युवा सबंल योजना की प्रगति व गौपालन विभाग की शासन सचिव डॉ. आरूषि अजेय मलिक ने डेयरी बूथ आवंटन व जिला स्तरीय नंदीशाला के चयन के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया।

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