Elections प्रत्याशियों का फीडबैक: राजस्थान के पंचायत चुनाव के लिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने सिरोही सहित 4 जिलों के प्रत्याशियों का लिया फीडबैक

राजस्थान में पंचायती राज चुनावों को लेकर आचार संहिता लागू हो चुकी है। उम्मीदवार पर्चा दाखिल कर रहे है। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अब सरगर्मिया तेज हो गई। आज कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने 6 में से 4 जिलों के प्रत्याशियों के संबंध में जनप्रतिनिधियों से विचार विमर्श किया और फीडबैक लिया।

राजस्थान के पंचायत चुनाव के लिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने सिरोही सहित 4 जिलों के प्रत्याशियों का लिया फीडबैक

जयपुर।
राजस्थान(Rajasthan) में पंचायती राज चुनावों (Panchayati Raj Elections) को लेकर आचार संहिता लागू हो चुकी है। उम्मीदवार पर्चा दाखिल कर रहे है। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अब सरगर्मिया तेज हो गई। आज कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा(Congress State President Govind Singh Dotasara) ने 6 में से 4 जिलों के प्रत्याशियों के संबंध में जनप्रतिनिधियों से विचार विमर्श किया और फीडबैक लिया। जानकारी के मुताबिक जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनावों में टिकट बांटने को लेकर कांग्रेस पार्टी में मतभेद शुरू हो गया हैं। दौसा (Dausa)जिले से बैठक की शुरुआत हुई। दौसा के महवा और भरतपुर जिले में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस के नेताओं में खींचतान देखने को मिली। 
डोटासरा की बैठक में भरतपुर जिले की बैठक में कांग्रेस के टिकट पर जीता हुआ कोई भी विधायक नहीं पहुंचा। पूर्व मंत्री और विधायक विश्वेंद्र सिंह(Vishvendra Singh), वैर विधायक और मंत्री भजनलाल जाटव (Bhajanlal Jatav)और पायलट समर्थक बयाना विधायक अमर सिंह जाटव(Amar Singh Jatav) बैठक में नजर नहीं आए। पार्टी टिकट वितरण के मुद्दे पर बैठक में बसपा से कांग्रेस में आए नदबई विधायक जोगिंद्र सिंह अवाना और नगर विधायक वाजिब अली, भरतपुर से राष्ट्रीय लोकदल विधायक और मंत्री सुभाष गर्ग ही शामिल हुए। वहीं पायलट गुट के वेद प्रकाश सोलंकी ने सबकी राय से टिकट बांटने की बात बैठक में रखी। दौसा जिले की बैठक में पूर्व जिला प्रमुख और गहलोत समर्थक अजीत सिंह महुवा (Ajit Singh Mahuva)ने निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला और कांग्रेस के हारे हुए उम्मीदवार अजय बोहरा के कहने से टिकट देने का जमकर विरोध किया। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव (Assembly elections)में कांग्रेस के टिकट की दावेदारी होने के बावजूद जब टिकट नहीं मिला तो बागी लड़ने की जगह पार्टी का साथ दिया। अब जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में टिकट बांटने में मेरी राय को महत्व नहीं दिया जा रहा। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा(Congress state president Dotasara) ने टिकट वितरण को लेकर गुरुवार को दौसा, सवाईमाधोपुर, भरतपुर और सिरोही जिले के विधायकों, विधायक उम्मीदवारों और संगठन प्रभारियों को बैठक में बुलाया था। आप को बता दें कि दौसा के महवा में ओमप्रकाश हुड़ला, सवाईमाधोपुर के गंगापुर में रामकेश मीणा, नगर से वाजिब अली, नदबई से जोगिंद्र सिंह अवाना और सिरोही से संयम लोढ़ा( Sanyam Lodha) कांग्रेस को हराकर विधायक बने। ये विधायक अब सरकार के साथ हैं। इसलिए इनकी सलाह से पंचायतीराज चुनाव में टिकट बंटने की संभावना जताई जा रही है। सिरोही जिले में कांग्रेस का कोई विधायक नहीं है, इसलिए वहां पूरे जिले में टिकट वितरण में संयम लोढ़ा के दखल का विरोध हो रहा है। वहीं बात सवाई माधोपुर के बामनवास व गंगापुर की हो तो वहां का गतिरोध बताया जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasara) ने जिलेवार बैठकों में कांग्रेस नेताओं और विधायकों को जिताऊ और टिकाऊ उम्मीदवारों को छांटने की सलाह दी। सदस्य का चुनाव जीतने के बाद प्रधान, जिला प्रमुख के वक्त विरोधी दल को समर्थन नहीं दे दे इसका भी ध्यान रखने की सलाह दी।

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