जालोर कांग्रेस में गुटबाजी...: प्रदर्शन के दौरान वर्चस्व को लेकर आपस में उलझे मंत्री सुखराम विश्नोई व नगर अध्यक्ष जुल्फीकार अली भुट्टो

Jalore Congress

प्रदर्शन के दौरान वर्चस्व को लेकर आपस में उलझे मंत्री सुखराम विश्नोई व नगर अध्यक्ष जुल्फीकार अली भुट्टो
ज्ञापन सौंपने के दौरान आपस में उलझते मंत्री सुखराम विश्नोई और नगर अध्यक्ष।

जालोर.

पंजाब में कांग्रेस में चल रहे गतिरोध को खत्म करने के बाद अब हाईकमान राजस्थान में कांग्रेस के अंदरूनी गतिरोध को थामने की कोशिश में लगी है, लेकिन राजस्थान में यह राह आसान नहीं दिख रही है। ताजा मामला सोमवार का है, जालोर में महंगाई के विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन में आपसी गुटबाजी खुलकर सामने आई। ज्ञापन सौंपने के दौरान वन एवं पर्यावरण मंत्री और नगर अध्यक्ष आपस में ही उलझते दिखे।

दरअसल, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के साथ महंगाई की मार से त्रस्त आमजन की आवाज को बुलंद करने के लिए कांगे्रस ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर अनूठा विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन इस प्रदर्शन के दौरान तकरार की स्थिति ने एकजुटता की कमी के संकेत भी दिए।

यह तकरार मंत्री सुखराम विश्नोई और नगर अध्यक्ष जुल्फीकार अली के बीच हुई, लेकिन मंत्री ने इसे  सामान्य घटनाक्रम बताया। इधर, महंगाई के मुद्दे पर कांगे्रस कार्यकर्ता औद्योगिक क्षेत्र द्वितीय चरण में एकत्र हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने साइकिल, छकड़ा और बैलगाड़ी रैली निकालकर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध जताते हुए महंगाई से त्रस्त आमजन की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान राष्ट्रपति के नाम कलक्टर को ज्ञापन भी सौंपा। यह रैली औद्योगिक क्षेत्र द्वितीय चरण से रवाना होकर पंचायत समिति, हरिदेव जोशी सर्किल, वन वे रोड होते हुए कलक्ट्रेट तक पहुंची। कार्यक्रम के दौरान वन एवं पर्यावरण मंत्री सुखराम, पीसीसी सदस्य ऊमसिंह चांदराई, आमसिंह परिहार, जिला प्रभारी भूराराम सिरवी, पूर्व विधायक रामलाल मेघवाल, रतन देवासी, जवानाराम परिहार, सवाराम पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष महिला कांग्रेस ममता जैन, पूर्व जिलाध्यक्ष नैनसिंह राजपुरोहित, श्रवणसिंह दासपंा, महिला मोर्चा अध्यक्ष शोभा सुंदेशा, ममता, सरोज चौधरी, सुष्मिता गर्ग, उम्मेदसिंह चारण, वर्षा जैन, लक्ष्मण सांखला, लक्ष्मी कांत दवे व रमिला मेघवाल मौजूद थी।

केंद्र की नीतियों को जमकर कोसा

सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि मोदी सरकार 2014 में महंगाई से निजात के घोषणा पत्र के साथ केंद्र में आई थी, लेकिन वर्तमान हालात विपरीत है। यूपीए सरकार में पेट्रोल में 10 रुपए व डीजल में 9.37 रुपए टैक्स लिया जाता था। वहीं अब केंद्र की भाजपा सरकार पेट्रोल पर 34 और डीजल पर 31 रुपए के करीब टैक्स वसूल रही है। रसोई गैस सिलेंडर भी पहुंच से दूर हो रहा है। इधर, ईधन के बढ़ते दामों से किराणा समेत अन्य सभी सामान महंगे हो चुके है। इधर, कोरोना महामारी मेें 97 प्रतिशत परिवारों की आय घटी है और 23 करोड़ भारतीयों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।

मंत्री बोले — गाइड लाइन के अनुसार सौंपा ज्ञापन

कांगे्रस के प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन देने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। कांगे्रस जालोर नगर अध्यक्ष जुल्फीकार अली ने ज्ञापन देने के दौरान आक्रोश जताया। आरोप था कि जालोर में ही  कार्यक्रम होने के बाद भी स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को ज्ञापन देने के दौरान तवज्जो नहीं दी गई। इधर, मामले में वन एवं पर्यावरण मंत्री सुखराम विश्नोई का कहना था कि संगठन में एकजुटता है। वर्तमान में कोरोना स्थितियों में गाइड लाइन की पालना के साथ भीड़ एकत्र नहीं की जानी थी और चैंबर में भी इसी गाइड लाइन के साथ ही ज्ञापन सौंपा जाना था। मामले में विवाद जैसी कोई स्थिति नहीं थी।

ऐसे सामने आया गतिरोध

कांगे्रस पदाधिकारी चेंबर से बाहर आए तो नगर अध्यक्ष जुल्फिकार अली सहित पार्टी के  पदाधिकारियों ने संगठन प्रभारी भूराराम सीरवी के समक्ष उन्हें ज्ञापन देने के लिए साथ नहीं ले जाने पर रोष जताया। इस दौरान मंत्री सुखराम विश्नोई वहां पहुंचे तथा प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए सीमित लोगों को अंदर ले जाने का पक्ष रखते हुए मामले को तूल नहीं देने की बात कही। जिस पर नगर अध्यक्ष भुट्टो व मंत्री में नोक झौंक हुई। इसके बाद जब मंत्री, प्रभारी व अन्य पार्टी पदाधिकारी राजीव गांधी भवन में पौधरोपण के लिए पहुंचे तो नगर कांग्र्रेस सहित अन्य  पदाधिकारी व कार्यकर्ता विरोधस्वरूप वहां नहीं पहुंचे।