बाड़मेर कमलेश प्रजापत एनकाउंटर या हत्या: बाड़मेर कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामला पहुंचा हाईकोर्ट, मामले की जांच सीबीआई के साथ 5 करोड़ का हर्जाना लगाने की उठाई मांग 

बाड़मेर का कमलेश प्रजापत एनकाउंटर का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट में कमलेश के परिजनों की ओर से याचिका लगाई गई और इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई। इतना ही नहीं, परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने हत्या के मामले को एनकाउंटर में तबदील कर दिया,

बाड़मेर कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामला पहुंचा हाईकोर्ट, मामले की जांच सीबीआई के साथ 5 करोड़ का हर्जाना लगाने की उठाई मांग 

जयपुर।
बाड़मेर का कमलेश प्रजापत एनकाउंटर (Kamlesh Prajapat encounter) का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट में कमलेश के परिजनों की ओर से याचिका लगाई गई और इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई। इतना ही नहीं, परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने हत्या के मामले को एनकाउंटर में तबदील कर दिया, जबकि यह सोची समझी हत्या है। ऐसे में परिजनों ने कोर्ट से राजस्थान पुलिस पर 5 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाने के साथ एनकाउंटर में शामिल पुलिस कर्मियों से वसूलने की मांग की। इस पर राजस्थान हाईकोर्ट ( Rajasthan High Court) में न्यायाधीश विनीत माथुर (Judge Vineet Mathur) की कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों को नोटिस जारी किए है। मामले की अगली सुनवाई अब 9 जुलाई को होगी। बाड़मेर में 23 अप्रेल को कमलेश प्रजापत को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। अब उसके परिजनों की तरफ से इस बारे में याचिका पेश की गई है। अधिवक्ता धीरेन्द्र सिंह दासपा (Advocate Dhirendra Singh Daspa) ने हाईकोर्ट में बताया कि यह साफ तौर पर हत्या का मामला है। पुलिस जिसे मुठभेड़ करार दे रही है, वह वास्तव में हुई ही नहीं। गोली लगने के दौरान कमलेश के पास कोई हथियार भी बरामद नहीं हुआ। कमलेश को बहुत निकट से सीने में गोली मारी गई। पुलिस चाहती तो उसे पकड़ सकती थी। CCTV फुटेज में साफ है कि पुलिस ने गोली चलाना दर्शाने के लिए कमलेश के वाहन के कांच पर लाठी मारी। पुलिस ने अपने वाहन के बोनट पर भी लाठियां बरसाईं ताकि संघर्ष दर्शाया जा सके। घटनाक्रम के वीडियो से स्पष्ट है कि यह मुठभेड़ नहीं हत्या है।

14 मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स मांगी
हाईकोर्ट की याचिका में मांग की गई है कि पुलिस की ओर से जब्त किए गए कमलेश के 14 मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स उपलब्ध कराई जाए। इससे खुलासा हो सकेगा कि उसकी किन लोगों से बातचीत हुई। इसके बाद घटनाक्रम बदल गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की विशेषज्ञों के माध्यम से नए सिरे से जांच कराई जाए। याचिका में दावा किया गया है कि कमलेश के घर से बरामद 50 लाख रुपए का हिसाब उसकी बैलेंस शीट में है। वहां से बरामद सभी वाहनों के टाइटल भी स्पष्ट है। याचिका में कहा गया है कि इस मामले में बाड़मेर एसपी सहित 24 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू करनी चाहिए। इसके साथ ही, 5 करोड़ रुपए का मुआवजा मांगा गया है। मुआवजे की राशि पुलिसकर्मियों से व्यक्तिगत रूप से वसूले जाने का आग्रह किया गया है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।