चिंगारी सुलगा सकती हैं सैंकड़ों जिंदगिया: जहां धधकने वाले सिलैण्डरों का जमावड़ा, वहीं भविष्य संवारने के लिए किताबें खोल रही छात्राएं

जिला मुख्यालय पर गोयली चौराहे स्थित एक गैस गोदाम सभी समाज के छात्रावास और हवाईपट्टी के सामने बड़ी जनहानि का सबब है। इस गैस गोदाम के पास लगभग 500 विद्यार्थी निवास करते है। पास ही हॉस्पिटल भी है और बड़ी आबादी बसी हुई है।

जहां धधकने वाले सिलैण्डरों का जमावड़ा, वहीं भविष्य संवारने के लिए किताबें खोल रही छात्राएं

गणपत सिंह मांडोली
सिरोही। सरकारें कह रही कि एक बालिका पढ़ेगी तो कई पीढिय़ा तरेगी। दूसरी तरफ बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकारी स्तर पर लाख जतन किए जा रहे हैं। इधर, जिला मुख्यालय पर जहां छोटी सी चिंगारी से धधकने वाले सिलैण्डरों का जमावड़ा है, वहीं अपना भविष्य संवारने की चिंता में सैंकड़ों छात्राएं रोजाना किताबें खोलकर आखर ज्ञान ले रहे हैं। 
जिला मुख्यालय पर गोयली चौराहे स्थित एक गैस गोदाम सभी समाज के छात्रावास और हवाईपट्टी के सामने बड़ी जनहानि का सबब है। इस गैस गोदाम के पास लगभग 500 विद्यार्थी निवास करते है। पास ही हॉस्पिटल भी है और बड़ी आबादी बसी हुई है। 
रावल ब्राह्मण बारह शासन (छात्रावास) संस्थान के प्रतिनिधि इस स्थिति को लेकर चिंतित है। संस्थान के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन देकर अपनी चिंता को साफ भी किया है। रावल ब्राह्मण समाज का कहना है कि इस गैस गोदाम को अन्य जगह शिफ्ट किया जाएं, ताकि छात्राओं के साथ विद्यार्थी यहां उन्मुक्त माहौल में पढ़ाई कर सके। 
हालत यह है कि गैस गोदाम मालिक द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए गोदाम के बाहर भरे सिलैण्डर्स को खुले परिसर में रखा गया है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते है। गैस गोदाम को प्रशासन ने बिना भौतिक जांच किए अनापत्ति जारी कर दी, वह भी 2023 तक के लिए जारी की गई है। जागरूक नागरिकों का कहना है कि गैस गोदाम को अनापत्ति देने से पहले इसके आस-पास सभी समाज के छात्रावास और उनमें रह रहे काफी सख्या में विद्यार्थियों पर नजर डाल दी जाती तो उपयुक्त रहता। महज 20 फीट की दूरी पर हवाईपट्टी भी है, लेकिन प्रशासन को इससे कोई सरोकार नहीं है।
कहावत भी है कि प्यास लगे तब कुआं खोदना, शायद प्रशासन इसी की बाट जोह रहा है कि जब हादसा होगा, तभी गैस गोदाम के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।

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