कोविड से निर्मल कौर का निधन: स्प्रिंटर मिल्खा सिंह की पत्नी और भारतीय महिला वॉलीबॉल टीम की पूर्व कप्तान निर्मल कौर का निधन

भारतीय स्प्रिंटर रहे मिल्खा सिंह की पत्नी निर्मल कौर का पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशंस के कारण निधन हो गया। वे 85 साल की थीं। निर्मल कौर भारतीय महिला वॉलीबॉल टीम की कप्तान रह चुकी हैं। इसके साथ ही निर्मल कौर पंजाब सरकार में स्पोट्र्स डायरेक्टर  के पद पर भी रही थीं।

स्प्रिंटर मिल्खा सिंह की पत्नी और भारतीय महिला वॉलीबॉल टीम की पूर्व कप्तान निर्मल कौर का निधन

नई दिल्ली।
भारतीय स्प्रिंटर रहे मिल्खा सिंह ( Milkha Singh) की पत्नी निर्मल कौर (Nirmal Kaur) का पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशंस के कारण निधन हो गया। वे 85 साल की थीं। निर्मल कौर भारतीय महिला वॉलीबॉल टीम (Indian women's volleyball team) की कप्तान रह चुकी हैं। इसके साथ ही निर्मल कौर पंजाब सरकार में स्पोट्र्स डायरेक्टर  के पद पर भी रही थीं। मिल्खा सिंह के परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि निर्मल कौर का निधन रविवार शाम 4.00 बजे हुआ। बयान में आगे कहा गया है कि आईसीयू में भर्ती होने के कारण मिल्खा सिंह पत्नी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। आप को बता दें कि कोरोना संक्रमण से जूझ रहीं निर्मल कौर को 26 मई को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती किया गया था। इससे दो दिन पहले मिल्खा सिंह को इसी अस्पताल में भर्ती किया गया था। मिल्खा सिंह को परिवार के अनुरोध पर एक सप्ताह बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था। लेकिन, निर्मल को अस्पताल में ही रखा गया था। मिल्खा सिंह को बाद में आईसीयू में भर्ती कराया गया था। मिल्खा सिंह की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। पीजीआई में चल रहे इलाज में मिल्खा सिंह का स्वास्थ्य दिनों-दिन ठीक हो रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक पिछले दिनों मिल्खा सिंह की भोजन नली को बाहर निकाल दिया गया। वहीं उनके ऑक्सीजन के स्तर में भी तेजी से सुधार हो रहा है। 
इंडो सिलोन खेलों में परवान चढ़ा था प्यार
एक इंटरव्यू में मिल्खा सिंह ने बताया था कि जो मेडल में रोम में मुझे नहीं मिला था वो बाद में मुझे मिल गया। मेरा सबसे अच्छा मैडल है मेरी वाइफ निर्मल। उस समय वह भारत की वॉलीबॉल टीम की कप्तान थी। हालांकि हमारा प्यार परवान चढ़ा कोलंबो में।कोलंबों मे जब हम इंडो-सिलोन खेलों (Indo Ceylon Games) में हिस्सा ले रहे थे। उस वक्त हम दोनों की दूरियां नजदीकियों में बदल गई थी। वे मिल्खा की बहुत बड़ी फैन थीं और ऑटोग्रॉफ लेती रहती थीं। 1955 में कोलंबो में एक टूर्नामेंट में हिस्सा लेने गए थे। निर्मल कौर उस समय भारतीय महिला वालीबॉल टीम की कप्तान थीं, जबकि मिल्खा सिंह एथलेटिक्स टीम का हिस्सा थे। पहली नजर में मिल्खा को निर्मल पसंद आ गईं। दोनों ने एक-दूसरे से काफी बातें कीं। जब वापस जाने लगे तो मिल्खा सिंह अपने होटल का पता लिखकर देने लगे। जब कोई कागज नहीं मिला तो उन्होंने निर्मल के हाथ पर ही होटल का नंबर लिख दिया। फिर बातें और मुलाकात होने लगीं और बात शादी तक पहुंच गईं, लेकिन शादी में भी अड़चन आ गई। निर्मल पंजाबी खत्री फैमिली से थीं इसलिए परिवार शादी के लिए राजी नहीं हो रहा था। उस समय मिल्खा सिंह काफी चर्चा में आ गए थे और उनकी शादी में अड़चन की बात भी कई लोगों तक पहुंच चुकी थी। पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों को पता चला तो वे मदद के लिए आगे आए और दोनों परिवारों से बात कर शादी तय करवा दी। साल 1962 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए। 
मिल्खा सिंह ने कई बार सार्वजनिक तौर पर अपनी पत्नी की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि वे खुद दसवीं पास हैं। बच्चों को पढ़ाने और संस्कार देने में उनकी पत्नी निर्मल का ही अहम रोल रहा है। 

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