रीट गहलोत सरकार का बड़ा फैसला: रीट परीक्षा 2021 को लेकर गहलोत मंत्रिमंडल ने परीक्षा रद्द करने का किया ऐलान, लेवल—2 रद्द

राजस्थान सरकार ने आखिरकार रीट भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द कर दिया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद रीट के लेवल—2 को रद्द करने का ऐलान कर दिया। 

रीट परीक्षा 2021 को लेकर गहलोत मंत्रिमंडल ने परीक्षा रद्द करने का किया ऐलान, लेवल—2 रद्द


जयपुर।
राजस्थान सरकार ने आखिरकार रीट भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द कर दिया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद रीट के लेवल—2 को रद्द करने का ऐलान कर दिया। 
सरकार की ओर से कहा ​गया कि रीट परीक्षा-2021 के आयोजन के समय राज्य सरकार ने लाखों अभ्यर्थियों के निःशुल्क आवागमन की व्यवस्था की। 
इसके साथ ही आमजन ने भी इन अभ्यर्थियों को आवास तथा भोजन कराने में मुक्तहस्त से सहयोग किया। परीक्षा के दौरान नकल आदि रोकने के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की गई। 

एसओजी ने अपने निगरानी तंत्र से परीक्षा से पूर्व ऎसे अभ्यर्थियों तथा आपराधिक व्यक्तियों के बारे में सूचना प्राप्त की और उसके आधार पर कार्रवाई प्रारंभ की।


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि 26 सितम्बर, 2021 को आयोजित रीट परीक्षा के बाद कुल 42 अधिकारियों-कार्मिकों को निलंबित एवं बर्खास्त तक किया जा चुका है।
एसओजी ने निष्पक्ष रूप से कार्य करते हुए अल्प समय में ही यह पता किया है कि प्रश्न-पत्र कहां से लीक हुआ और इसमें प्रथम दृष्टया कौन-कौन लोग लिप्त थे। 
इस उद्देश्य से त्वरित अनुसंधान जारी है और अब तक कुल 38 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें 14 अभ्यर्थी भी शामिल हैं। इस मामले में 1 करोड़ 16 लाख रूपए की रिकवरी की जा चुकी है। 
सरकार के आदेशों के मुताबिक राज्य सरकार ने अब तक के अनुसंधान एवं प्राप्त जानकारी के आधार पर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर के तत्कालीन अध्यक्ष डीपी जारौली को बर्खास्त तथा बोर्ड सचिव सहित कुल 42 अधिकारियों-कार्मिकों को तत्काल निलंबित किया है। 
लेवल प्रथम लीक नहीं, लेवल 2 रद्द
राज्य सरकार ने अब यह निर्णय किया है कि रीट की परीक्षा के लेवल-प्रथम में चूंकि किसी प्रकार की कोई पेपर लीक या अन्य किसी प्रकार की घटना प्रकाश में नहीं आई है।
इसके साथ ही इसके माध्यम से शिक्षक भर्ती के करीब 15 हजार 500 पदों पर अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दी जानी हैं। ऎसे में बेरोजगार युवाओं एवं अभ्यर्थियों के हित में नियुक्तियां शीघ्र देने के लिए इन पदों को शीघ्र भरा जाए।
यह भी निर्णय किया गया है कि इस वर्ष रीट लेवल-प्रथम परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर नियुक्ति दी जाएगी। 
उन्हें नियुक्ति के लिए शिक्षक भर्ती की अन्य परीक्षा नहीं देनी होगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में कैबिनेट ने निर्णय किया कि लेवल-द्वितीय के लिए आयोजित रीट परीक्षा को निरस्त किया जाए।
 प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस वीके व्यास की अध्यक्षता में गठित समिति की 15 मार्च को रिपोर्ट आते ही भर्ती के लिए आगामी परीक्षा की तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी। 

अब 46500 पदों पर होगी रीट 2022 परीक्षा 
कैबिनेट ने विद्यालयों में रिक्त पद भरने, शिक्षा में गुणवत्ता तथा युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने के लिए निर्णय किया कि रीट परीक्षा-2022 के माध्यम से होेने वाली भर्ती में पदों की संख्या को 20 हजार से बढ़ाकर अब 30 हजार किया जाए। 
इसमें रीट-2021 के लेवल द्वितीय के 16 हजार 500 पद जोड़ते हुए अब कुल 46 हजार 500 पदों के लिए रीट-2022 का आयोजन इस वर्ष जुलाई माह में किया जाना प्रस्तावित है। इससे रीट परीक्षा-2021 के लेवल द्वितीय के अभ्यर्थियों तथा जो विद्यार्थी अभी बीएसटीसी और बीएड का अध्ययन कर रहे हैं, उन्हें भी परीक्षा में बैठने का अवसर मिल सकेगा। बीएसटीसी करने वाले विद्यार्थियों का परिणाम जून माह में आने की संभावना है।

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