महामारी में राजनीति, सियासी बयानबाजी: महामारी में राजनीति, सियासी बयानबाजी ऑक्सीजन और रेमडेसिविर दवा नहीं मिली तो माफ नहीं करेगी पीढ़ियां: पायलट

प्रदेश में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को लेकर चल रही सियासी बयानबाजी के बीच पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा है कि राजनीति और चुनाव तो आते जाते रहेंगे, लेकिन समय पर जनता को वैक्सीन नहीं लगी और सभी जरूरतमंद मरीजों को ऑक्सीजन और रेमडेसिविर दवा नहीं मिली तो भविष्य की पीढियां हमें माफ नहीं करेंगी। 

महामारी में राजनीति, सियासी बयानबाजी ऑक्सीजन और रेमडेसिविर दवा नहीं मिली तो माफ नहीं करेगी पीढ़ियां: पायलट

जयपुर। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को लेकर चल रही सियासी बयानबाजी के बीच पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा है कि राजनीति और चुनाव तो आते जाते रहेंगे, लेकिन समय पर जनता को वैक्सीन नहीं लगी और सभी जरूरतमंद मरीजों को ऑक्सीजन और रेमडेसिविर दवा नहीं मिली तो भविष्य की पीढियां हमें माफ नहीं करेंगी। अभी सभी को जीवन बचाने पर ही ध्यान देना होगा। पायलट ने दवा की अलग-अलग दरों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस वैक्सीन को भारत सरकार दो निर्माताओं से 157 रुपए की दर से खरीद रही है, उसी वैक्सीन की 6 करोड़ डोज पीएम केअर फण्ड के माध्यम से एक निर्माता से 210 रुपए और 1 करोड़ डोज दूसरे निर्माता से 310 रुपए में खरीदी गई हैं। इससे जनता के मन में सवाल उठ रहे हैं।

'वन नेशन, वन वैक्सीन और वन रेट' आज की सबसे बड़ी जरूरत

पायलट की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एक ही वैक्सीन के तीन दाम तय कर भारत सरकार ने जनता को कठिनाई में डाल दिया है। यह बहुत ही विचित्र निर्णय है। एक ही वैक्सीन भारत सरकार को 150 रुपए, राज्य को 400 और निजी अस्पतालों को 600 रुपए में मिलेगी। 'वन नेशन, वन वैक्सीन और वन रेट' आज की सबसे बड़ी जरूरत है। राज्य सरकारें कोविड संकट से पहले ही जूझ रही हैं, ऐसे में वैक्सीन का खर्च केंद्र सरकार को ही वहन करना चाहिए। पायलट ने ऑक्सीजन और रेमडेसिविर दवा के निर्यात की पूर्व में दी गई इजाजत को भी गलत बताया है। कहा कि आज लोगों की जान बचाने के लिए भारत सरकार को ऑक्सीजन और दवा का उचित प्रबंधन करना चाहिए। इसके लिए हवाई मार्ग का भी उपयोग किया जाए।