Dehradun पीएम मोदी का जोशीला भाषण: Prime minister ने देहरादून में 18,000 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का किया उद्घाटन, जोशीली कविता 'जहाँ पवन बहे संकल्प लिए...' से पूरा किया भाषण

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने देहरादून में 18,000 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी। उत्तराखंड न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का भी प्रतीक है। इसलिए, राज्य का विकास केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन सरकार' की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है।

Prime minister ने देहरादून में 18,000 करोड़ रुपये की लागत वाली  परियोजनाओं का किया उद्घाटन, जोशीली कविता 'जहाँ पवन बहे संकल्प लिए...' से पूरा किया भाषण

नई दिल्ली, एजेंसी।  प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने देहरादून में 18,000 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे जंक्शन से देहरादून तक), सहारनपुर से भद्राबाद, हरिद्वार को जोड़ने वाली ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट परियोजना, दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर से हलगोआ, हरिद्वार रिंग रोड परियोजना, नजीबाबाद-कोटद्वार सड़क चौड़ीकरण परियोजना,  देहरादून-पांवटा साहिब (हिमाचल प्रदेश) सड़क परियोजना और लक्ष्मण झूला के पास गंगा नदी पर एक पुल का निर्माण शामिल है।

प्रधानमंत्री  मोदी ने देहरादून में चाइल्ड फ्रेंडली सिटी प्रोजेक्ट,  देहरादून में जलापूर्ति, सड़क तथा जल निकासी प्रणाली के विकास, श्री बद्रीनाथ धाम और गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास कार्यों के साथ हरिद्वार में एक मेडिकल कॉलेज की आधारशिला भी रखी। इस दौरान मोदी ने सात परियोजनाओं को उद्घाटन किया।

इस दौरान भूस्खलन की समस्या का समाधान, देवप्रयाग से श्रीकोट तक और एनएच -58 पर ब्रह्मपुरी से कोडियाला तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना, यमुना नदी पर निर्मित 120 मेगावाट की व्यासी जलविद्युत परियोजना, देहरादून में हिमालयी संस्कृति केंद्र और देहरादून में अत्याधुनिक इत्र तथा सुगंध प्रयोगशाला (सुगंधित पौधों के लिए केंद्र) इनमें शामिल हैं।

अटल जी ने भारत में शुरू किया था कनेक्टिविटी अभियान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तराखंड न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का भी प्रतीक है। इसलिए, राज्य का विकास केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन सरकार' की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस शताब्दी की शुरुआत में, अटल जी ने भारत में कनेक्टिविटी बढ़ाने का अभियान शुरू किया था। प्रधानमंत्री ने कहा, लेकिन उनके बाद 10 साल देश में ऐसी सरकार रही, जिसने देश का, उत्तराखंड का, बहुमूल्य समय व्यर्थ कर दिया। उन्होंने कहा, "10 साल तक देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर घोटाले हुए, घपले हुए। इससे देश का जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई के लिए हमने दोगुनी गति से मेहनत की और आज भी कर रहे हैं.” बदली हुई कार्यशैली के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा, "आज भारत, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के इरादे से आगे बढ़ रहा है। आज भारत की नीति, 'गतिशक्ति' की है, दोगुनी-तीन गुनी तेजी से काम करने की है।”


2019 में 10 लाख लोगों ने केदारनाथ के ​किए दर्शन
प्रधानमंत्री ने कनेक्टिविटी के लाभों का जिक्र करते हुए कहा कि केदारनाथ त्रासदी से पहले 2012 में 5 लाख 70 हजार लोगों ने दर्शन किए थे। उस समय यह एक रिकॉर्ड था, जबकि कोरोना काल शुरू होने से पहले, 2019 में 10 लाख से ज्यादा लोग केदारनाथ जी के दर्शन करने पहुंचे थे। "यानी केदार धाम के पुनर्निर्माण ने ना सिर्फ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाई बल्कि वहां के लोगों को रोजगार- स्वरोजगार के भी अनेकों अवसर उपलब्ध कराए हैं।" प्रधानमंत्री ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की आधारशिला रखने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “जब ये बनकर तैयार हो जाएगा, तो दिल्ली से देहरादून आने-जाने में जो समय लगता है, वो करीब-करीब आधा हो जाएगा। 


पीएम मोदी की जोशीली कविता 
प्रधानमंत्री ने यह आश्वस्त करते हुए कहा कि "आजादी के इस अमृत काल में, देश ने जो प्रगति की रफ्तार पकड़ी है वो अब रुकेगी नहीं, थमेगी नहीं, बल्कि और अधिक विश्वास और संकल्पों के साथ आगे बढ़ेगी।" प्रधानमंत्री ने इस जोशीली कविता के साथ अपनी बात समाप्त की:—

 “जहाँ पवन बहे संकल्प लिए,
जहाँ पर्वत गर्व सिखाते हैं,
जहाँ ऊँचे नीचे सब रस्ते
बस भक्ति के सुर में गाते हैं
उस देव भूमि के ध्यान से ही
उस देव भूमि के ध्यान से ही
मैं सदा धन्य हो जाता हूँ
है भाग्य मेरा,
सौभाग्य मेरा,
मैं तुमको शीश नवाता हूँ

तुम आँचल हो भारत माँ का
जीवन की धूप में छाँव हो तुम
बस छूने से ही तर जाएँ
सबसे पवित्र वो धरा हो तुम
बस लिए समर्पण तन मन से
मैं देव भूमि में आता हूँ
मैं देव भूमि में आता हूँ
है भाग्य मेरा
सौभाग्य मेरा
मैं तुमको शीश नवाता हूँ

जहाँ अंजुली में गंगा जल हो
जहाँ हर एक मन बस निश्छल हो
जहाँ गाँव गाँव में देश भक्त
जहाँ नारी में सच्चा बल हो
उस देवभूमि का आशीर्वाद लिए
मैं चलता जाता हूँ
उस देवभूमि का आशीर्वाद
मैं चलता जाता हूँ
है भाग्य मेरा
सौभाग्य मेरा
मैं तुमको शीश नवाता हूँ

मंडवे की रोटी
हुड़के की थाप
हर एक मन करता
शिवजी का जाप
ऋषि मुनियों की है
ये तपो भूमि
कितने वीरों की
ये जन्म भूमि
मैं तुमको शीश नवाता हूँ और धन्य धन्य हो जाता हूँ

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