अब हेलमेट के स्टैंडर्ड पर होगी जांच: अब राजस्थान में पहनना होगा स्टैंडर्ड हेलमेट, मार्च से शुरू होगा जांच और जागरूकता अभियान

राजस्थान में अब बिना आईएसआई मार्का वाले हेलमेट पहनने पर कार्रवाई होगी। परिवहन विभाग मार्च में जांच के साथ जागरूकता अभियान चलाएगा। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा राज्य मंत्री बृजेन्द्र सिंह ओला ने बताया कि प्रदेशभर में अब बिना आईएसआई मार्क (नॉन स्टैंडर्ड) वाले हेलमेट बेचने वालों और उपयोग करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

अब राजस्थान में पहनना होगा स्टैंडर्ड हेलमेट, मार्च से शुरू होगा जांच और जागरूकता अभियान

जयपुर।
राजस्थान में अब बिना आईएसआई मार्का वाले हेलमेट पहनने पर कार्रवाई होगी। परिवहन विभाग मार्च में जांच के साथ जागरूकता अभियान चलाएगा। 
परिवहन एवं सड़क सुरक्षा राज्य मंत्री बृजेन्द्र सिंह ओला ने बताया कि प्रदेशभर में अब बिना आईएसआई मार्क (नॉन स्टैंडर्ड) वाले हेलमेट बेचने वालों और उपयोग करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग और पुलिस विभाग द्वारा जल्द ही सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। हालांकि इस अभियान से पहले विशेष अभियान चलाकर हेलमेट निर्माताओं और वाहन चालकों को स्टैंडर्ड हेलमेट ही उपयोग में लेने के लिए जागरूक भी किया जाएगा।
परिवहन एवं सड़क सुरक्षा राज्य मंत्री ओला की अध्यक्षता में सोमवार को परिवहन भवन में स्टैंडर्ड हेलमेट ही उपयोग में लाने और नॉन स्टैंडर्ड पर कार्यवाही करने के संबंध में अहम बैठक हुई। 
इसमें ओला ने परिवहन और पुलिस विभाग के अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई और जागरूकता अभियान चलाने के लिए निर्देश दिए।
ओला ने कहा कि दोपहिया वाहनों की सड़क दुर्घटना में अधिकांशतः हेड इंजरी होती है। इसलिए स्टैंडर्ड हेलमेट ही उपयोग में लाकर दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। 
उन्होंने कहा कि परिवहन और पुलिस विभाग द्वारा भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) और मोटर वाहन अधिनियम, 1988 में निर्धारित मानकों वाले हेलमेट उपयोग में लाने की सुनिश्चितता की जाए। 
उन्होंने परिवहन और पुलिस विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से जांच, कार्रवाई और जागरूकता अभियान चलाने के लिए एक वार्षिक कैलेंडर बनाने के निर्देश दिए।


बैठक में परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार ने कहा कि हर स्टैंडर्ड हेलमेट पर लाइसेंस नंबर अंकित होते है। वाहन चालक हेलमेट खरीदने से पहले उन अंकित नंबरों को ‘बीआईएस केयर‘ मोबाइल एप्लीकेशन के जरिये सर्च कर हेलमेट की प्रामणिकता जांच सकते है। 
उन्होंने बीआईएस अधिकारी को हेलमेट पर क्यूआर कोड भी प्रिंट कराने और सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ के अधिकारियों को हर जिले में जागरूकता संबंधित हॉर्डिंग्स लगाने के सुझाव दिए।
बैठक में परिवहन आयुक्त महेंद्र सोनी ने कहा कि सड़क सुरक्षा ही विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। 
सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ द्वारा जल्द ही वृहद स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। आमजन के साथ-साथ स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को जागरूक करेंगे।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, यातायात वी.के. सिंह ने कहा कि जल्दी ही नॉन स्टैंडर्ड हेलमेट बनाने और बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में गृह विभाग की संयुक्त शासन सचिव डॉ. सौम्या झा, भारतीय मानक ब्यूरो, जयपुर शाखा प्रथम निदेशक कनिका कालिया, परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के अपर परिवहन आयुक्त आकाश तोमर, आर.सी.यादव सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

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