सरकार का चारागाह भूमि को लेकर बड़ा फैसला: Rajasthan में चारागाह भूमि पर 30 वर्ष से घर बनाकर रह रहे परिवारों को मिलेगा अधिकतम 100 वर्गमीटर का पट्टा, सिरोही विधायक ने उठाई थी मांग

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई। राजस्थान में चारागाह भूमि पर बसी सघन आबादी के नियमितिकरण के लिए नीति के प्रारूप के अनुमोदन सहित कई अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय किए गए।

Rajasthan में चारागाह भूमि पर 30 वर्ष से घर बनाकर रह रहे परिवारों को  मिलेगा अधिकतम 100 वर्गमीटर का पट्टा, सिरोही विधायक ने उठाई थी मांग

जयपुर।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में कई अहम फैसले किए गए। इनमें सबसे अहम ​निर्णय संविदा नियुक्ति के लिए नियम बनाने का किया गया। 
इसके बाद बात करें तो राजस्थान में चारागाह भूमि पर बसी सघन आबादी के नियमितिकरण के लिए नीति के प्रारूप के अनुमोदन सहित कई अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय किए गए।
मंत्रिमंडल ने राज्य एवं केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं एवं कार्यक्रमों की क्रियान्विति के उद्देश्य से एक निश्चित अवधि के लिए रखे जाने वाले कार्मिकों की संविदा नियुक्ति के लिए ‘Rajasthan Contractual Appointment to Civil Posts Rules2021‘ बनाये जाने का अनुमोदन किया है।


केबिनेट के इस निर्णय से मैनपावर की आवश्यकता की पूर्ति के लिए ऎसे कार्मिकों को संविदा पर नियुक्त करने के नियम बनाये जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
केबिनेट ने चारागाह भूमि पर बसी सघन आबादी के नियमितिकरण के लिए प्रस्तावित नीति के प्रारूप का अनुमोदन किया है। 
चारागाह भूमि का वर्गीकरण परिवर्तन व्यापक जनहित में ही अन्य राजकीय भूमि की अनुपलब्धता होने पर किया जाएगा। 
नीति के तहत चारागाह भूमि पर कम से कम 30 वर्ष से घर बनाकर रह रहे परिवारों में से प्रति परिवार अधिकतम 100 वर्गमीटर का पट्टा दिया जाएगा। 

पढ़ें यह खबर:—

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सिरोही विधायक संयम लोढ़ा की

मुलाकात, गोचर भूमि पर पट्टे जारी करने के विषय पर की चर्चा

https://firstbharat.in/Sirohi-MLA-Sanyam-Lodhas-meeting-with-Chief-Minister-Ashok-Gehlot-discussion-on-the-issue-of-lease-on-transit-land 


आयकरदाता व्यक्ति को इसका लाभ नहीं दिया जाएगा। इस नीति से चारागाह भूमि पर बसे निर्धन परिवारों को पट्टा मिल सकेगा।

विधायक लोढ़ा ने उठाई थी मांग
आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री के सलाहकार एंव विधायक संयम लोढ़ा ने सीएम अशोक गहलोत से मुलाकात की थी। इस दौरान लोढ़ा ने चारागाह भूमि पर पट्टे देने के मामले में नीतिगत फैसला किए जाने की मांग की थी। इसमें लोढ़ा ने कहा था ​कि जिले के विभिन्न गांवों में निवासरत लोगों को रहने हेतु भूमि आवंटन के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय से शिथिलता बरतने की मांग करने को लेकर विधायक लोढा ने जिले के कई गांवों में गोचर के अलावा किसी भी किस्म की भूमि उपलब्ध नहीं है ऐसे में गरीब तबको को गोचर भूमि में पट्टे जारी किये जाने हेतु न्यायालय के आदेश में थिशिलता बरतने हेतु राज्य सरकार द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में विशेष याचिका प्रस्तुत करने सहित अन्य मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।

राजस्थान में बनेगा 1500 मेगावाट का सोलर पार्क 
मंत्रिमंडल ने राज्य में 1500 मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क की स्थापना के लिए राज्य सरकार हरी झंडी दे दी। 
मैसर्स अदाणी रिन्यूबल एनर्जी पार्क राजस्थान लिमिटेड की हिस्सेदारी की ज्वॉइन्ट वेंचर कंपनी को जैसलमेर के भीमसर एवं माधोपुरा, सदरासर गांव में 1324.14 हैक्टेयर भूमि आंवटित की। 
इसके अलावा बाटयाडू एवं नेडान गांव में 276.86 हैक्टेयर राजकीय भूमि सशर्त कीमतन आवंटित करने की मंजूरी दी है। 
इसके अतिरिक्त करीब 30 मेगावाट विंड सोलर हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट की स्थापना के लिए केरालियां गांव में 64.38 हैक्टेयर राजकीय भूमि को लीज पर सशर्त कीमतन आवंटित करने की मंजूरी दी गई। 
इससे सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे। बैठक में प्रदेश में इथेनॉल उत्पादन इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राजस्थान इथेनॉल प्रोडक्शन प्रमोशन पॉलिसी-2021 को मंजूरी दी गई। 
यह नीति स्थाई एवं वैकल्पिक ईंधन के रूप में इथेनॉल के उत्पादन को बढावा देगी। 
इस नीति के तहत लगने वाली इथेनॉल उत्पादन इकाइयों को रिप्स-2019 के प्रावधानों के तहत इंसेंटिव देय होंगे। 
इससे राज्य के भूजल सुरक्षित क्षेत्रों (सेफ ब्लॉक्स) में इथेनॉल प्लांट नियमानुसार स्थापित हो सकेंगे, जिससे औद्योगिकीकरण को बढावा मिलेगा। साथ ही किसानों, उद्यमियों एवं कामगारों के लिए लाभ के अवसर उत्पन्न होंगे।

आरटीपीपी एक्ट में जुड़ेगा सुलभ इंटरनेशनल 
मंत्रिमंडल ने राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम-2012 तथा राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम-2013 के तहत जारी अधिसूचना में सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन को जोडने का निर्णय किया है। 
इससे राज्य के सभी विभागों एवं विकास प्राधिकरणों, यूआईटी, नगर निगम, नगर परिषदों, नगर पालिकाओं आदि को शौचालय निर्माण, रखरखाव एवं संचालन का कार्य समयबद्ध एवं त्वरित रूप से किए जाने के लिए एक विकल्प उपलब्ध हो सकेगा।

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