CM समीक्षा बैठक, बजट घोषणा पर निर्देश: मुख्यमंत्री गहलोत ने सार्वजनिक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में 8860 करोड़ रूपए की बजट घोषणाओं पर दिए निर्देश

नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पालिका क्षेत्रों में मुख्य सड़कों की मरम्मत के कार्यों के लिए 1200 करोड़ रूपए तथा 1 हजार किलोमीटर लंबाई के स्टेट हाइवे को दो लेन करने के लिए 1200 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री गहलोत ने सार्वजनिक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में 8860 करोड़ रूपए की बजट घोषणाओं पर दिए निर्देश

जयपुर।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सार्वजनिक निर्माण विभाग से जुड़ी पिछली बजट घोषणाओं के कार्य समय पर पूरे करते हुए वर्ष 2022-23 की बजट घोषणाओं के संबंध में विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत की जाए। 
गहलोत शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित सार्वजनिक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने नोन पेचेबल सड़कों के कार्य प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। 
सीएम ने कहा कि वर्ष 2022-23 के बजट में 8860 करोड़ रूपए लागत की घोषणाएं की गई हैं। इन घोषणाओं के कार्य समयबद्ध रूप से पूरे किए जा सकें इसके लिए विभाग रोडमैप प्रस्तुत करें। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में राज्य में सड़क निर्माण हेतु कोई कमी नहीं रखी गई है। हर जिले में सड़क केे तीन बड़े कार्य दिए गए हैं।


नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पालिका क्षेत्रों में मुख्य सड़कों की मरम्मत के कार्यों के लिए 1200 करोड़ रूपए तथा 1 हजार किलोमीटर लंबाई के स्टेट हाइवे को दो लेन करने के लिए 1200 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। 
इसके साथ ही, प्रत्येक विधायक के क्षेत्र में 10 करोड़ रूपए लागत की नोन पेचेबल सड़कें अथवा मिसिंग लिंक स्वीकृत करने की घोषणा की गई है। 
इससे करीब 7 हजार किलोमीटर नोन पेचेबल सड़कों की मरम्मत हो सकेगी। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर एवं नगर परिषद/नगर पालिका के आयुक्तों के साथ मुख्य सचिव वीसी कर उन्हें सड़कों के संबंध में प्रस्ताव समय पर भेजने के निर्देश दे।
गहलोत ने कहा कि खराब सड़काेंं की मरम्मत हमारी प्राथमिकता हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करें। गुणवत्ता की मॉनिटरिंग के लिए सिस्टम तैयार किया जाए।
उन्होेंने कहा कि कई बार नई सड़क बनने के बाद ही सीवर लाइन अथवा पानी की पाइप लाइन डालने जैसे कार्याें के लिए सड़कें तोड़ी जाती हैं और उनकी मरम्मत भी समय पर नहीं होती है। इस समस्या का स्थाई समाधान निकालने के लिए विभिन्न विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग के प्रमुख शासन सचिव राजेश यादव ने बताया कि बजट 2019-20 से 2021-22 की बजट घोषणाओं को सितंबर 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 की बजट घोषणाओं में सम्मिलित सड़कों की स्वीकृति व निविदा प्राप्त कर कार्य आरंभ करने की समय सीमा तय कर ली गई है। 
बैठक में सार्वजनिक निर्माण मंत्री भजनलाल जाटव, मुख्य सचिव ऊषा शर्मा, मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव सार्वजनिक निर्माण विभाग संजीव माथुर, मुख्य अभियंता (राष्ट्रीय राजमार्ग) डी आर मेघवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

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