राजस्थान विधानसभा 2023: भाजपा कांग्रेस दोनो कर रहे रेवदर के विकास का दावा, रेवदर विधानसभा सीट जगसीराम कोली वर्सेज मोतीराम कोली, दिलचस्प होगा मुकाबला

रेवदर विधानसभा सीट पर इस बार जगसीराम कोली के सामने मोतीराम कोली होने से दिलचस्प मुकाबला हो सकता है, दोनो ही पार्टियां रेवदर के विकास का दावा कर रही है। वर्ष 2003 के बाद कांग्रेस यहाँ पर एक सफलता केलिए तरस रही है, क्या इस बार सपना साकार होगा? क्या पांचवी बार जीत दर्ज करेंगे जगसीराम?

भाजपा कांग्रेस दोनो कर रहे रेवदर के विकास का दावा, रेवदर विधानसभा सीट जगसीराम कोली वर्सेज मोतीराम कोली, दिलचस्प होगा मुकाबला
रेवदर विधानसभा सीट जगसीराम कोली वर्सेज मोतीराम कोली, दिलचस्प होगा मुकाबला

रेवदर विधानसभा सीट पर इस बार जगसीराम कोली के सामने मोतीराम कोली होने से दिलचस्प मुकाबला हो सकता है, दोनो ही पार्टियां रेवदर के विकास का दावा कर रही है।

वर्ष 2003 के बाद कांग्रेस यहाँ पर एक सफलता केलिए तरस रही है,  क्या इस बार सपना साकार होगा? क्या पांचवी बार जीत दर्ज करेंगे जगसीराम?

सिरोही। रेवदर विधानसभा सीट से इस बार कांग्रेस ने भाजपा के जगसीराम कोली के सामने मोतीराम कोली को टिकट दिया है, इसलिए इस सीट पर भी रोचक मुकाबला होने की संभावना है।

ज्ञात हो कि वर्ष 2003 के बाद कांग्रेस यहाँ पर एक सफलता केलिए तरस रही है। कांग्रेस इस सीट पर जीत दर्ज करने के लिए पिछले 20 साल से प्रयास कर रही है लेकिन कामयाबी नहीं हो पाई।

इस बार कांग्रेस ने दांव खेलते हुए कोली के विरूद्ध कोली को खड़ा करके कोली समाज के वोटों को रिझाने का प्रयास जरूर किया है लेकिन इससे मेघवाल समाज और हीरागर आदि समाज के मतदाताओं के नाराज होने की संभावना भी है, ऊँट किस करवट बैठेगा यह तो कह नहीं सकते लेकिन दोनो ही प्रत्याशी रेवदर के विकास का दावा कर रहे हैं।

जगसीराम कोली -
बीस वर्षों से इस सीट पर भाजपा का विधायक है। रेवदर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी जगसीराम कोली यही बात करते हैं कि उन्होंने उन्होंने विकास की खूब मांगे उठाई लेकिन सरकार ने क्षेत्र के विकास की मांगों की उपेक्षा करने का कार्य किया है। इनका मानना है कि कांग्रेस सरकार ने पांच वर्ष में कोई कार्य नहीं किया है जिससे जनता त्रस्त है।

मोतीराम कोली -
दूसरी तरफ कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे मोतीराम कोली भी अपने प्रचार में कहते दिख रहे हैं कि कांग्रेस कार्यकाल में विकास के खूब कार्य हुए है लेकिन रेवदर बदलाव की मांग कर रहा है।

मोतीराम का मानना है कि बीस वर्षों से एक ही पार्टी का विधायक होने के बावजूद क्षेत्र पिछड़ा हुआ है। इनका कहना है कि शिक्षा व चिकित्साला के क्षेत्र में काफी काम करवाया जा सकता था।

मोतीराम विशेष रूप से रेवदर में ट्रोमा सेंटर की बात करते हैं कि इसकी मांग लंबे समय से की जा रही है लेकिन रेवदर में ट्रोमा सेंटर नहीं खुला। मोतीराम इस विजन के साथ मैदान में है कि कांग्रेस सरकार ने पिछले पांच वर्ष में जितना विकास कार्य करवाया है उतना पहले कभी नहीं हुआ लेकिन जनता बदलाव चाहती है।

रेवदर विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है जहां पर जगसीराम कोली चार बार विधायक का चुनाव जीत चुके हैं, वह पांचवी बार चुनावी मैदान में है। कांग्रेस ने नए चेहरे पर दांव खेला है तथा मोतीराम कोली का मौका दिया है।

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