भारत: भारत में कॉरपोरेट खेती के स्थान पर होगी कोऑपरेटिव खेती : अमित शाह

भारत में कॉरपोरेट खेती के स्थान पर होगी कोऑपरेटिव खेती : अमित शाह
भोपाल, 23 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एक दिवसीय प्रवास पर आए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह खेती के क्षेत्र में बड़े बदलाव के संकेत दे गए। उन्होंने कहा कि अब देश में जल्दी ही कॉरपोरेट खेती की जगह को-ऑपरेटिव खेती होगी।

राजधानी में नाफेड द्वारा आयोजित कृषि विपणन में सहकारी संस्थाओं की भूमिका विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा है कि भारत में शीघ्र ही कॉरपोरेट खेती के स्थान पर कोऑपरेटिव खेती होगी। केन्द्र सरकार शीघ्र ही नई सहकारिता नीति ला रही है। देश में सहकारिता विश्वविद्यालय खोला जायेगा। पैक्स (प्राथमिक कृषि सहकारी समिति) को बहुउद्देशीय बनाया जायेगा। मार्केटिंग के क्षेत्र में भारत सरकार आगामी एक माह में एक्सपोर्ट हाउस बनाने जा रही है। अमूल कुछ ही समय में देश में मिट्टी का परीक्षण एवं किसानों के उत्पाद का परीक्षण कर उन्हें जैविक प्रमाण-पत्र अमूल के नाम से देगा। इससे किसानों को अपनी फसलों का अधिक मूल्य मिलेगा और प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा।

उन्होंने एक जिला-एक उत्पाद योजना में मध्यप्रदेश के 11 जिलों के 11 उत्पादों के साथ देश के 6 अन्य राज्यों के उत्पादों का भी प्रमोशन किया।

केन्द्रीय मंत्री शाह ने कहा कि प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को बहुउद्देशीय बनाने के उद्देश्य से एक माह में मॉडल एक्ट लेकर आयेंगे, जो इन्हें मजबूत एवं बहुआयामी बनायेगा। हर पैक्स को एफपीओ बनने की योग्यता प्राप्त हो जायेगी। वे मार्केटिंग के साथ ही भण्डारण, परिवहन सहित 22 प्रकार की गतिविधियां कर सकेंगी। पैक्स से अपेक्स तक मजबूत मार्केटिंग व्यवस्था होगी।

केन्द्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में किसानों की आय को दोगुना करने के सराहनीय प्रयास हुए हैं। भारत दलहन एवं तिलहन को छोड़ कर अन्य उत्पादों में आत्म-निर्भर हो चुका है। किसानों को अच्छा एमएसपी मूल्य दिलवाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सबको साख-सबका विकास मध्यप्रदेश में सहकारिता का मूल मंत्र है। इस दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है।

केंद्रीय कृषि और किसान-कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत के संस्कार में सहकार शामिल है। जितना सहकार बढ़ेगा उतनी ही देश प्रगति करेगा और देश की ताकत बढ़ेगी।

--आईएएनएस

एसएनपी/एसकेपी

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