कोरोना की तीसरी लहर के संकेत: राजस्थान में कोरोना की तीसरी लहर के संकेत, डूंगरपुर, बाड़मेर और दौसा में 800 से अधिक बच्चे हुए पॉजिटिव

प्रदेश में कोरोना महामारी की तीसरी लहर के दस्तक देने के संकेत मिल रहे हैं। अब 18 से कम उम्र वालों के भी कोरोना संक्रमित होने के मामले सामने आने लगे हैं। पिछले दिनों डूंगरपुर जिले में महज 10 दिनों में 512 बच्चों के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद अब प्रदेश के दौसा जिले में भी 345 बच्चों के महामारी की चपेट में आने की खबर है।

राजस्थान में कोरोना की तीसरी लहर के संकेत, डूंगरपुर, बाड़मेर और दौसा में 800 से अधिक बच्चे हुए पॉजिटिव

जयपुर।
प्रदेश में कोरोना महामारी की तीसरी लहर के दस्तक देने के संकेत मिल रहे हैं। अब 18 से कम उम्र वालों के भी कोरोना संक्रमित होने के मामले सामने आने लगे हैं। पिछले दिनों डूंगरपुर जिले में महज 10 दिनों में 512 बच्चों के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद अब प्रदेश के दौसा जिले में भी 345 बच्चों के महामारी की चपेट में आने की खबर है। यह केस पिछले 22 दिनों में आए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि इनमें अभी कोई बच्चा गंभीर नहीं है। इनमें किसी को अस्पताल में भर्ती नहीं करना पड़ा है। रविवार को बाड़मेर में भी 8 साल के एक बच्चे के संक्रमित होने की जानकारी सामने आई। उसके फेफड़ों में संक्रमण मिला है और HRCT स्कोर 17 आया है। ऐसे में चिकित्सा विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। हालांकि वहीं दूसरी ओर राजस्थान में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेजी से कम होने लगी है। दूसरी लहर में पहली बार प्रदेश में संक्रमण की दर एक ही दिन में आधी हो गई। पिछले कुछ दिनों से यहां पॉजिटिव होने की दर 19 फीसदी से ज्यादा थी। शनिवार को यह घटकर 9 फीसदी रह गई। अब 100 में से 9 लोग ही कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। आप को बता दें कि शनिवार को 6103 नए केस सामने आए। 15 हजार से ज्यादा रोगी रिकवर हुए। वहीं, 115 मौतें हुई। राजधानी जयपुर में एक ही दिन में 51 फीसदी रोगी बढ़ गए। शुक्रवार को 1251 केस थे, तो शनिवार को बढ़कर 1900 हो गए। यहां पिछले 36 घंटों में कोरोना से हुई मौतों में भी करीब 11 फीसदी की गिरावट हुई है। जोधपुर में ब्लैक फंगस यानी म्यूकर माइकोसिस से शनिवार को पहली मौत हुई। यहां एमडीएस अस्पताल में 61 वर्षीय राधेश्याम ने दम तोड़ दिया। वहीं प्रदेश में कोरोना की स्थिति देखें तो 33 में से 14 जिले ऐसे हैं, जिसमें 100 से कम संक्रमित केस आए हैं। इनमें से भी आधे ऐसे हैं, जिनमें 50 से कम केस हैं। 50 से कम केस वालों में सिरोही, बूंदी, बारां, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर और जालौर जिले हैं। इन सभी जिलों में संक्रमण की दर भी 6 फीसदी से कम रही है।

देश में तेजी से फैल रहा है बच्चों में कोरोना
कोरोना की तीसरी लहर आने से पहले ही बच्चों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक जैसे राज्यों में बच्चों में संक्रमण तेजी से तेजी से फैल रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती है। तीसरी लहर में बच्चों के सबसे अधिक कोरोना पॉजिटिव होने की आशंका जताई गई है। ऐसे में अब दौसा में 341 बच्चों के कोरोना की चपेट में आने से मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। एक आंकड़े के मुताबिक, कोरोना की पहली लहर के दौरान 9 मार्च से 25 सितंबर 2020 के बीच 10 साल से छोटे बच्चों के 19,378 केस और 11 से 20 साल के बच्चों के 41,985 मामले सामने आए थे। वहीं, कोरोना की दूसरी लहर में सारे रिकॉर्ड टूटते नजर आए। महज 15 दिन यानी 1 से 16 मई 2021 के बीच 19 हजार बच्चे कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की माने तो ज्यादातर बच्चे जो कोविड से प्रभावित हैं, उनमें सामान्य रूप से हल्का बुखार, खांसी, जुकाम, सांस लेने में दिक्कत, दस्त, खाने में स्वाद ना आना, सूंघने की क्षमता कम होना, थकान, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द और नाक बहने जैसे लक्षण शामिल हैं।

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