कभी सींखचे दिखाती थी, अब खुद पहुंची पीछे: बर्खास्त एसआई सीमा जाखड़ को पन्द्रह दिन की न्यायिक हिरासत

सरूपगंज पुलिस की ओर से सीमा जाखड़ को सोमवार सवेरे सक्षम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पन्द्रह दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए गए। सक्षम न्यायालय में पेश करने से पहले सीमा को बरलूट थाने भी ले जाया गया। जाखड़ को न्यायिक हिरासत के दौरान जोधपुर जेल में रखा जाएगा।

बर्खास्त एसआई सीमा जाखड़ को पन्द्रह दिन की न्यायिक हिरासत

सिरोही। बरलूट एसएचओ रहते हुए 10 लाख रुपए की डील कर 2 डोडा-चूरा तस्करों को फरार करवाने के मामले में बर्खास्त एसआई सीमा जाखड़ को अदालत ने पन्द्रह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सरूपगंज पुलिस की ओर से सीमा जाखड़ को सोमवार सवेरे सक्षम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पन्द्रह दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए गए। सक्षम न्यायालय में पेश करने से पहले सीमा को बरलूट थाने भी ले जाया गया। जाखड़ को न्यायिक हिरासत के दौरान जोधपुर जेल में रखा जाएगा।

शादी के बाद से फरारी काट रही सीमा जाखड़ को सिरोही पुलिस ने जोधपुर से गिरफ्तार किया था। नवंबर 2021 के इस मामले में अब तक चार आरोपियों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। सरूपगंज एसएचओ हरिसिंह राजपुरोहित और आबूरोड शहर एसएचओ सरोज बैरवा जोधपुर से सीमा जाखड़ को गिरफ्तार कर सिरोही लेकर पहुंचे। इसके बाद उसे सरूपगंज थाने में रखा गया। जाखड़ को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। गौरतलब है कि 14 नवंबर को बरलूट थाने की नाकाबंदी में पकड़े गए तस्कर धोरीमन्ना निवासी रमेश विश्नोई और चितलवाना निवासी दिनेश विश्नोई को 10 लाख रुपए लेकर फरार फरार कर दिया गया था। एसपी धमेंद्र सिंह के मुखबिरों से सूचना के बाद एसपी ने बरलूट थाने पहुंच कर खुलासा किया था। एनडीपीएस एक्ट की धारा 59 और आईपीसी की धारा 221 के तहत गिरफ्तारी की गई है।

आरोपियों के परिवाद पर फाइल पिछले कुछ महीनों से एसओजी भेजी हुई थी। पिछले महीने इसी मामले में शंकर लाल नाम के एक और आरोपी की गिरफ्तारी होने और एसओजी से फाइल जिला पुलिस को मिलने के बाद पूरे प्रकरण में सीमा जाखड़ की भूमिका खुलकर सामने आ गई थी। इसके बाद एसपी के निर्देश पर रविवार को सरूपगंज एसएचओ हरिसिंह राजपुरोहित और आबूरोड शहर एसएचओ सरोज बैरवा जोधपुर पहुंचे और सीमा जाखड़ को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि सीमा को गिरफ्तार करने से पहले पुलिस टीम ने पूरी रैकी की और सीमा के मूवमेंट का पता लगाया। सीमा का मायका और ससुराल का घर ज्यादा दूर नहीं है। रविवार को सीमा को ससुराल से मायके वाले घर में जाने के बीच सड़क पर ही दबोच लिया गया।

मामले के अनुसार 14 नवंबर 2021 की शाम बरलूट थाना इलाके में जावाल नदी के पास नाकाबंदी की थी। सिरोही से जालोर की तरफ जा रहे तस्करों की कार पुलिस की बिछाई लोहे की कीलों से पंक्चर हो गई थी। तस्कर गाडी और 141 किलो डोडा पोस्त छोड़कर फरार हो गए थे। सीमा जाखड़ ने तस्करों के सरगना को वॉट्सएप कॉल कर तस्करों को छोड़ने का ऑफर दिया। डील तय होने के बाद सीमा जाखड़ खुद की गाड़ी में दोनों को बैठकर सांचोर गई और 10 लाख रुपए व तस्करों को साथ लेकर वापस आ गई। गणेश ट्रैवल्स की बस में बिठाकर दोनों तस्करों दिनेश विश्नोई और रमेश विश्नोई को फरार करवा दिया था।

अगले दिन 15 नवंबर को सीमा जाखड़ उदयपुर, जोधपुर और पाली में रुपए ठिकाने लगाकर आ गई। 15 नवंबर को ही एसपी ने बरलूट थाने जाकर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। तस्कर के नदी से होते हुए बलवंतगढ़ के पास रोड की आते हुए के सीसीटीवी फुटेज बलवंतगढ़ के रामदेव होटल से पुलिस ने बरामद कर लिए थे। तस्करों को जिस बस से फरार करवाया उस बस मे लगे सीसीटीवी मिलने के बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया और एसपी ने सीमा जाखड़ के साथ तीन कांस्टेबलों हनुमान, ओमप्रकाश और सुरेश को सस्पेंड कर दिया था। 26 नवंबर को सीमा जाखड़ और तीनों कांस्टेबलों को बर्खास्त कर दिया गया था। 29 नवंबर को सीमा की जोधपुर में शादी थी।

खुलासे के 15 दिनों बाद 29 नवंबर को मुख्य सरगना मांगीलाल विश्नोई के बहनोई हेमाराम विश्नोई की पहली गिरफ्तारी हुई थी। कुछ दिनों पहले इस मामले में शंकर लाल विश्नोई का गिरफ्तार किया गया था। शंकर लाल डोडा मंगवाने वाले मांगीलाल का भागीदार है, जिसने तस्करी करने के लिए आरोपियों को चोरी की कार उपलब्ध करवाई थी। मुख्य तस्कर दिनेश विश्नोई को गिरफ्तार किया गया था। अब सीमा जाखड़ के गिरफ्तार होने के बाद इस मामले में चौथी गिरफ्तारी हो चुकी है।

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