कोरोना वॉरियर्स आर्य परिवार: जालोर के नर्मदा पेयजल सप्लाई यूनिट के एईएन राजेश कुमार आर्य और उनके भाई—बहन बतौर कोरोना वॉरियर्स लोगों को कर रहे हैं जागरूक

पुरुषोत्तमपुरा गांव में रामकुमार आर्य के परिवार से करीबन सब परिचित है,लेकिन इस आर्य परिवार के पांच बहन—भाईयों ने आज वैश्विक महामारी के इस दौर में जनसेवा का ऐसा उदाहरण पेश किया है,जो काबिले तारीफ है।

जालोर के नर्मदा पेयजल सप्लाई यूनिट के एईएन राजेश कुमार आर्य और उनके भाई—बहन बतौर कोरोना वॉरियर्स लोगों को कर रहे हैं जागरूक

जयपुर।
राजधानी जयपुर में एनएच 8 पर ​पावटा तहसील का ग्राम पुरुषोत्तमपुरा। कहने को तो पुरुषोत्तमपुरा गांव में रामकुमार आर्य के परिवार से करीबन सब परिचित है,लेकिन इस आर्य परिवार के पांच बहन—भाईयों ने आज वैश्विक महामारी के इस दौर में जनसेवा का ऐसा उदाहरण पेश किया है,जो काबिले तारीफ है। रामकुमार आर्य की बेटी के साथ चार बेटे पिछले एक साल से बतौर कोरोना वॉरियर्स के तौर पर सेवाएं दे रहे है, इसके साथ ही लोगों की भी हर संभव मदद को तैयार रहते हैं। रामकुमार आर्य के पुत्र राजेश कुमार आर्य राजस्थार सरकार के पीएचईडी विभाग में बतौर एईएन सेवाएं दे रहे हैं। राजेश कुमार राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती जिले जालोर के रानीवाडा में नर्मदा पेयजल सप्लाई यूनिट में सेवाएं दे रहे हैं। यहां राजकीय कार्य के साथ—साथ एईएन साहब लोगों को कोरोना के प्रतिजागरूक भी करते है और  इस महामारी में मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग में रहने और सरकार की गाइड लाइन का पालना करने के लिए प्रेरित भी कर रहे है।

दिल्ली में वैक्सीनेशन कार्य में जुटे है मनोज और पंकज
राजेश कुमार के छोटे दो भाई मनोज कुमार और पंकज कुमार आर्य राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरकार के वैक्सीनेशन कार्य में जुटे हुए है। मनोज जहां दिल्ली के प्रेम नगर में तो पंकज संगम विहार में वैक्सीनेशन अधिकारी के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। यहां ये दोनों भाई वैक्सीनेशन के लिए लोगों को जागरूक करने कर हैं।

वहीं राजेश कुमार के चौथे नंबर के भाई संदीप कुमार आर्य जयपुर के जमवारामगढ तहसील के लालवास ग्राम में बतौर व्याख्याता नियुक्त हैै। इन्होंने कोरोना से बचाव के लिए सरकारी निर्देशों की पालना के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया।


बिंदू और बहनोई सतीश एसएमएस में नर्सिंग अधिकारी


रामकुमार आर्य की बेटी बिंदू और उनके पति सतीश कुमार एसएमएस अस्पताल जयपुर में नर्सिंग अधिकारी के पद पर तैनात है। यहां आने वाले मरीजों को देखते हुए ये लोगों को कोरोना के प्रति लापरवाही नहीं बरतने के लिए समझाते है। ये कोरोना वॉरियर्स पिछले एक साल से लगातार सेवाएं दे रहे है और जहां तक संभव हो पा रहा है, लोगों को इस महामारी के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

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