घोर लापरवाही: प्रोटोकॉल का निर्वहन नही करना माउंट आबू नगरपालिका आयुक्त को पड़ा महंगा, जिला कलेक्टर ने आयुक्त को जारी किया 17 सीसीए नोटिस

प्रदेश की सबसे धनी, सबसे पुरानी और सबसे ऊंची नगरपालिका माउंट आबू के आयुक्त को अपनी लापरवाही का खामियाजा आखिर भुगतना ही पड़ा। सिरोही जिला कलेक्टर ने इसे गम्भीर लापरवाही मानते हुए माउंट आबू नगरपालिका के आयुक्त रामकिशोर को 17 सीसीए का नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर भीतर जवाब तलब किया हैं।

प्रोटोकॉल का निर्वहन नही करना माउंट आबू नगरपालिका आयुक्त को पड़ा महंगा, जिला कलेक्टर ने आयुक्त को जारी किया 17 सीसीए नोटिस

सिरोही। प्रदेश की सबसे धनी, सबसे पुरानी और सबसे ऊंची नगरपालिका माउंट आबू के आयुक्त को अपनी लापरवाही का खामियाजा आखिर भुगतना ही पड़ा। सिरोही जिला कलेक्टर ने इसे गम्भीर लापरवाही मानते हुए माउंट आबू नगरपालिका के आयुक्त रामकिशोर को 17 सीसीए का नोटिस जारी कर 7 दिन के भीतर भीतर जवाब तलब किया हैं। आपको बता दें इस वर्ष 22 मार्च को माउंट आबू नगरपालिका मंडल द्वारा निर्माण सामग्री परिवहन के लिए जारी होने वाले टोकन व्यवस्था के लिए एक ही स्थल पर टोकन आवेदन व टोकन प्राप्ति के लिए नगरपालिका कार्यालय में एकल खिड़की के उद्घाटन करवाया गया था। जिसमें स्थानीय सांसद देवजी एम पटेल और स्थानीय विधायक समाराम गरासिया के प्रोटोकॉल का उलंघन किया गया था। इसके साथ ही उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता भी अन्य विधानसभा क्षेत्र सिरोही के विधायक संयम लोढ़ा से करवाई गई थी, और स्थानीय विधायक समाराम गरासिया का नाम भी अंत में लिखा गया था। इसके साथ ही उक्त कार्यक्रम में जालोर जिले के रानीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रतन देवासी को आमंत्रित कर शिलालेख पट्टिका पर स्थानीय वर्तमान लोकसभा सांसद देवजी पटेल के नाम से पूर्व रतन देवासी का नाम लिखा गया। जबकि रतन देवासी वर्तमान में किसी भी प्रकार से निर्वाचित जनप्रतिनिधि नही हैं। जिस पर स्थानीय सांसद देवजी एम पटेल ने राज्य सरकार को इस बाबत शिकायत भेजी गई थी। जिसको लेकर सिरोही जिला कलेक्टर भगवतीप्रसाद ने आज माउंट आबू नगरपालिका आयुक्त को 17 सीसीए नोटिस जारी किया हैं।

ये हैं नियम
जिला कलेक्टर भगवतीप्रसाद द्वारा जारी 17 सीसीए नोटिस में उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रमों को लेकर जारी राज्य सरकार के नियमों का साफ साफ हवाला दिया गया हैं। नोटिस में लिखा हैं कि प्रदेश सरकार के प्रशासनिक सुधार विभाग (अनुभाग-1) द्वारा समय समय पर जारी परिपत्रों के द्वारा यह निर्देशित किया गया हैं कि राजकीय भवनों/आंशिक अथवा पूर्ण राजकीय धनराशि से निर्मित राजकीय भवनों/सार्वजनिक भवनों के शिलान्यास/उद्घाटन कार्यक्रमों व अन्य राजकीय समारोह जो कि राजकीय धनराशि से आयोजित हो, जो कि राजकीय उपक्रम/बोर्ड/निगम या स्वायत्त शासन संस्था, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत के हो, में स्थानीय जनप्रतिनिधियों यथा सांसद, विधायक, जिला प्रमुख, प्रधान, नगर निगमों के मेयर/सभापति/अध्यक्ष/ग्राम पंचायत के सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों विशेषतः कार्यक्रम स्थल से सम्बंधित जनप्रतिनिधियों को आवश्यक रूप से आमंत्रित किया जाये। इसके लिए विभाग द्वारा उक्त परिपत्रों की पालना सुनिश्चित किए जाने हेतु बार बार निर्देशित भी किया गया है। इसके बावजूद माउंट आबू नगरपालिका के आयुक्त द्वारा नियमों से परे जाकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा करना घोर लापरवाही की श्रेणी में आता हैं। जिसको लेकर आज 17 सीसीए नोटिस जारी कर सात दिवस के भीतर भीतर जवाब मांगा गया हैं।

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