गहलोत के राज में रिश्वत का धंधा: वार्ड पंच की रेट एक लाख हो गई है, बड़े साहब से सेटिंग करके प्रकरणों में नाम निकलवाने का झांसा

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खास जालोर के पुखराज पाराशर जन अभाव अभियोग निराकरण बोर्ड के चेयरमैन हैं और जालोर की जनता को अपने अभियोगों के निस्तारण के लिए ऐसे लोगों को रिश्वत देनी पड़ रही है। गौर करने लायक बात तो यह है कि पहले इसी आरोपी ने परिवादी को एक प्रकरण में फंसाया और फिर रुपए मांगे।

वार्ड पंच की रेट एक लाख हो गई है, बड़े साहब से सेटिंग करके प्रकरणों में नाम निकलवाने का झांसा

जालोर | एक वार्ड पंच एक लाख रुपए तक की रिश्वत ले रहा है। परिवादी को मामले में फंसाया भी खुद ने और निकालने का मार्ग बताते हुए ग्यारह लाख रुपए मांग लिए। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में अपराधियों के इससे अच्छे दिन क्या आएंगे? वैसे इसने अपने खास राजनीतिक आकाओं का हवाला देते हुए दर्ज प्रकरण में मदद का झांसा दिया था। ये खास राजनीतिक आका कौन है, जिनके दम पर इस वार्ड पंच ने एक लाख रुपए रिश्वत के ले लिए। इस सवाल पर एसीबी के अफसर मौन है!

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खास जालोर के पुखराज पाराशर जन अभाव अभियोग निराकरण बोर्ड के चेयरमैन हैं और जालोर की जनता को अपने अभियोगों के निस्तारण के लिए ऐसे लोगों को रिश्वत देनी पड़ रही है। गौर करने लायक बात तो यह है कि पहले इसी आरोपी ने परिवादी को एक प्रकरण में फंसाया और फिर रुपए मांगे।

जालोर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो,राजस्थान की टीम ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए एक वार्ड पंच को एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। प्रकरण में जांच प्रारंभ की गई है। एक लाख रिश्वत लेने वाला भगवानाराम मेघवाल माण्डवला ग्राम पंचायत का वार्ड पंच है। इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावनाओं के चलते एसीबी पड़ताल में जुटी है। एसीबी के अनुसार इस आरोपी भगवानाराम ने परिवादी से एक प्रकरण में मदद करने की एवज में दबाव बनाकर 11 लाख की रिश्वत मांगी थी।

ऐसे हुआ भ्रष्टाचार का आरोपी ट्रेप
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक बीएल सोनी ने बताया कि ब्यूरो की जालोर इकाई ने यह कार्रवाई की है। टीम को एक परिवादी की ओर से शिकायत मिली थी। उसने बताया कि उसके खिलाफ एक मामले में जालोर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद जालोर तथा पुलिस थाना में भगवानाराम की ओर से की गई शिकायत वो वापस ले लेगा। आरोपी वार्ड पंच भगवानाराम मेघवाल ने परिवादी से कहा था कि वो उसके खिलाफ की गई शिकायत में मदद करेगा और मामला रफा- दफा करवा देगा। 

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इस पूरे मामले में आरोपी वार्ड पंच और अन्य लोगों की ओर से 11 लाख रुपये रिश्वत राशि मांग की गई थी। परिवादी का कहना है कि आरोपी वार्ड पंच उसे लगातार रिश्वत के लिए परेशान कर रहा था। इस पर उसने एसीबी को इस संबंध में सूचना दी। इसके बाद जोधपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस कैलाशचंद विश्नोई के सुपरविजन में एसीबी जालोर इकाई ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

आरोपी से पूछताछ जारी, हो सकते हैं नए खुलासे
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीरसिंह राणावत के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन किया गया। शनिवार को पुलिस निरीक्षक राजेन्द्रसिंह और उनकी टीम ने ट्रेप कार्यवाही करते हुए भगवानाराम पुत्र जेठाराम को जालोर में परिवादी से 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम. एन. के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ जारी है। एसीबी की ओर से मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।

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