सिरोही का रेवदर विधानसभा क्षेत्र : विधानसभा में उद्योग मंत्री शकुंतला रावत ने सिरोही के रेवदर में औद्योगिक विकास के लिए बताए एमओयू प्रक्रियाधीन

सिरोही जिले के रेवदर विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए विभिन्न एमओयू प्रकियाधीन है। जैसे ही यह प्रकिया पूरी हो जाएगी, आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी और इसकी सूचना सदस्य को दे दी जाएगी।

विधानसभा में उद्योग मंत्री शकुंतला रावत ने सिरोही के रेवदर में औद्योगिक विकास के लिए बताए एमओयू प्रक्रियाधीन

जयपुर।
उद्योग मंत्री शकुन्तला रावत ने आज सोमवार को विधानसभा में कहा कि सिरोही जिले के रेवदर विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए विभिन्न एमओयू प्रकियाधीन है।
जैसे ही यह प्रकिया पूरी हो जाएगी, आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी और इसकी सूचना सदस्य को दे दी जाएगी।
उद्योग मंत्री रावत प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रही थी। रावत ने जगसी राम के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया किरीको द्वारा वर्तमान में जिला सिरोही के तीन विधानसभा क्षेत्र यथा सिरोही, रेवदर, पिण्डवाडा आबू में 15 औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए गए है।


उन्होंने बताया कि इसमें से 10 औद्योगिक क्षेत्र विकसित है व 2 औद्योगिक क्षेत्र अविकसित स्थापित है एवं 3 औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने के लिए विकास कार्य प्रगति पर है। उन्होंने विधानसभा क्षेत्रवार विवरण सदन के पटल पर रखा।
रावत ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक विकास को नया आयाम देने एवं आगन्तुक उद्यमियों को प्रोत्साहन देनेहेतु राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2019 तथा मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना 2019 योजना संचालित कि जा रही हैं।
उन्होंने उद्योग में हुए विनियोजन व रोजगार का विवरण तथा औद्योगिक इकाई वार विवरण सदन के पटल पर रखा। सिरोही जिले के औद्योगिक विकास हेतु विशेष कार्य योजना के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में एक इन्वेस्ट समिट योजना का निर्णय लिया गया था, उसकी पालना में इस जिले में 10 जनवरी 2022 को आबूरोड में इन्वेस्ट समिट सिरोही में आयोजित किया गया।
इसमें 40 एमओयू व 4 एलओएल हस्ताक्षर हुए है। इनमें लगभग 700 करोड़ विनियोजन तथा 1700 के करीब नियोजन आपेक्षित है।
उद्योग मंत्री ने बताया कि राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिए जाने तथा रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2019 जारी की गई है जो कि 31 मार्च 2026 तक प्रभावी है। 
उन्होंने बताया कि योजनान्तर्गत सभी पात्र विनिर्माण एवं सेवा उद्यमों के लिए निवेश अनुदान एसजीएसटी का 75 प्रतिशत रोजगार सृजन अनुदान श्रमिकों के ईपीएफ व ईएसआई के नियोक्ता के अंशदान का न्यूनतम 50 प्रतिशत पुनर्भरण तथा विद्युत कर, मण्डी शुल्क भूमि कर में 7 वर्षों के लिए शत प्रतिशत छूट एवं स्टाम्प ड्यूटी व भूमि रूपान्तरण शुल्क में शत प्रतिशत छूट के प्रावधान हैं।
रावत ने बताया कि योजनान्तर्गत अति पिछड़े एवं पिछड़े क्षेत्रों में तीन वर्ष की अतिरिक्त अवधि हेतु (अधिकतम 10 वर्ष के लिए) देय निवेश एवं रोजगार सृजन अनुदान, तीन वर्ष की अतिरिक्त अवधि हेतु (अधिकतम 10 वर्ष के लिए) देय विद्युत कर में छूट, अतिरिक्त 1 प्रतिशत ब्याज अनुदान (यदि उद्यम ब्याज अनुदान हेतु पात्र है) तथा देय अनुदान की अधिकतम सीमापात्र निवेश राशि के 150 प्रतिशत तक (100 प्रतिशत के स्थान पर) परिलाभ देय हैं। 
उन्होंने बताया कि योजनान्तर्गत अनुसूचित जाति/जनजाति उद्यमों के प्रोत्साहन हेतु डॉ. बी. आर. अम्बेड़कर स्पेशल पैकेज के तहत योजना के अन्य प्रावधानों में पात्र निवेश सीमा 50 प्रतिशत तक कम, प्लांट एवं मशीनरी या इक्यूपमेंट्स हेतु लिये गए ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान 5 वर्ष तक (अधिकतम 25 लाख रू. प्रतिवर्ष) अथवा प्लांट एवं मशीनरी या इक्यूपमेंट्स में किये गए निवेश पर 15 प्रतिशत पूंजी अनुदान (अधिकतम 2 करोड़ रूपये) तथा देय कुल लाभ पात्र स्थायी पूंजी निवेश के 150 प्रतिशत के स्थान पर 200 प्रतिशत तक अतिरिक्त परिलाभ देय हैं।
 उन्होंने बताया कि अति पिछडे़ एवं पिछड़े क्षेत्रों में डॉ. बी. आर. अम्बेड़कर स्पेशल पैकेज के परिलाभ भी देय हैं।

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