Chief Minister गहलोत ने ली एसीबी बैठक: राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टोलरेंस नीति में प्रभावी क्रियान्वयन में एसीबी की अहम भूमिकाः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज एसीबी की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान सीएम ने कहा कि संवेदनशील, पारदर्शी एवं जवाबदेह सुशासन हमारी सरकार का मूल मंत्र है। भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को देखते हुए एसीबी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टोलरेंस नीति में  प्रभावी क्रियान्वयन में एसीबी की अहम भूमिकाः मुख्यमंत्री

जयपुर।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज एसीबी की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान सीएम ने कहा कि संवेदनशील, पारदर्शी एवं जवाबदेह सुशासन हमारी सरकार का मूल मंत्र है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को देखते हुए एसीबी की महत्वपूर्ण भूमिका है। एसीबी को स्टाफ एवं तकनीकी संसाधनों से सुदृढ़ बनाने के साथ ही पर्याप्त बजट आवंटित किया गया है।
ताकि भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस की राज्य सरकार की नीति को प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करने में एसीबी और मजबूती से काम करें। 
गहलोत ने एसीबी को भ्रष्टाचार के मामलों में प्रो-एक्टिव होकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2021 में करीब 90 प्रतिशत मामलों में अभियोजन स्वीकृति दी गई है। 
भ्रष्टाचार के विरूद्ध हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जो मामले किन्हीं कारणों से लंबित हैं उनमें प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लेकर अभियोजन स्वीकृति में देरी नहीं की जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टोलरेंस की नीति का ही परिणाम है कि एसीबी ने वर्ष 2021 में ट्रेप की 430 कार्रवाई कर भ्रष्ट कार्मिकों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा, जो ब्यूरो की स्थापना के बाद किसी वर्ष में सर्वाधिक हैं।
एसीबी ने पिछले वर्ष भारत सरकार के 32 अधिकारी भी रिश्वत के मामलों में गिरफ्तार किए और 575 अभियोगों का निस्तारण किया, जो एक उपलब्धि है। 
गहलोत ने कहा कि वर्ष-2021 में कुल 587 मामलों में अभियोजन स्वीकृति के निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिये गए, जो अब तक के सर्वाधिक हैं।
उन्होंने कहा कि गरीब परिवादियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने एक करोड़ रूपए के रिवॉल्विंग फण्ड की स्थापना की है। एसीबी की कार्य क्षमता में वृद्धि एवं अनुसंधान की गति बढ़ाने के उद्देश्य से एसीबी में सभी रैंक में 239 अधिकारी-कर्मचारी लगाए गए हैं। 
गहलोत ने एसीबी की पिछली समीक्षा बैठक में दिये गए निर्देशों की पालना जल्द से जल्द सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, उन्होंने भ्रष्ट कार्मिकों एवं संगठित भ्रष्टाचार के खिलाफ भी प्रभावी एक्शन लेने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री गहलोत ने एसीबी द्वारा सजग ग्राम योजना के नवाचार को अच्छी पहल बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में भ्रष्टाचार पर अंकुश एवं सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं में छीजत रोकने के लिए यह प्रभावी माध्यम बन सकता है।
उन्होंने एसीबी अधिकारियों से कहा कि वे इस योजना में चयनित 51 गांवों तक ही सीमित न रहें। अन्य गांवों में भी बिना पूर्व सूचना के अचानक जाएं और वहां लोगों से बातचीत कर उन्हें अपने जायज कायोर्ं के लिए किसी तरह की रिश्वत नहीं देने के लिए जागरूक करें। 
इससे एसीबी अधिकारियों को रिश्वतखोर अधिकारियों-कर्मचारियों के बारे में जानकारी मिलेगी और रिश्वत लेने वाले अधिकारियों-कार्मिकाें में भय पैदा होगा। 
एसीबी के महानिदेशक बीएल सोनी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2021 में भ्रष्टाचार के 90 प्रतिशत मामलों में अभियोजन स्वीकृति दी है। इससे राज्य सरकार की जीरो टोलरेंस अगेन्स्ट करप्शन नीति को मजबूती मिली है। 
बैठक मेंं मुख्य सचिव निरंजन आर्य, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह अभय कुमार, प्रमुख शासन सचिव वित्त अखिल अरोरा, प्रमुख शासन सचिव कार्मिक हेमन्त गेरा, एडीजी एसीबी दिनेश एमएन, एसीबी मुख्यालय से डीआईजी सवाई सिंह गोदारा एवं डॉ. विष्णुकांत, अजमेर रेंज के डीआईजी (एसीबी) समीर कुमार सिंह, जोधपुर रेंज के डीआईजी (एसीबी) कैलाश विश्नोई सहित विभिन्न रेंज एवं जिलों में पदस्थापित एसीबी अधिकारी वर्चुअल शामिल हुए। 

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