कर्नाटक में बसव राज: कर्नाटक में बसवराज बोम्मई ने नए सीएम पद की शपथ ली, पीएम मोदी ने दी बधाई

बोम्मई ने आज बुधवार को नए सीएम का पदभार संभाल लिया। कर्नाटक के राजभवन में राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने बसवराज को पद की शपथ दिलवाई। बसवराज के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है।

कर्नाटक में बसवराज बोम्मई ने नए सीएम पद की शपथ ली, पीएम मोदी ने दी बधाई

बेंगलूरु।
राजस्थान की राजनीति में जहां पिछले कुछ दिनों से मंत्री मंडल विस्तार को लेकर कसमकस चल रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा शासित कर्नाटक की राजनीति में अचानक उबाल आया और मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया। येदियुरप्पा ने ही विधायक दल की बैठक में कर्नाटक को नए सीएम के तौर पर बसवराज बोम्मई(Basavaraj Bommai) का नाम सुझाया। बोम्मई ने आज बुधवार को नए सीएम का पदभार संभाल लिया।

 कर्नाटक के राजभवन में राज्यपाल थावर चंद गहलोत (Governor Thawar Chand Gehlot)ने बसवराज को पद की शपथ दिलवाई। बसवराज के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने उन्हें बधाई दी है। मोदी ने कहा है कि बसवराज अनुभवी हैं और भरोसा है कि वे कर्नाटक में हमारी सरकार द्वारा किए गए असाधारण कामों को आगे बढ़ाएंगे।

वहीं दूसरी ओर कर्नाटक के डिप्टी सीएम को लेकर फिलहाल कोई निर्णय नहीं हो पाया है। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने भी कहा है कि कर्नाटक में उप मुख्यमंत्री को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। बीजेपी का राष्ट्रीय नेतृत्व इस बारे में तय करेगा।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट बसवराज
बोम्मई 28 जनवरी 1960 को जन्मे और कर्नाटक के गृह, कानून, संसदीय मामलों के मंत्री भी रह चुके। उनके पिता एसआर बोम्मई भी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट बसवराज ने जनता दल के साथ राजनीति की शुरुआत की थी। वे धारवाड़ से दो बार 1998 और 2004 में कर्नाटक विधान परिषद के लिए चुने गए। इसके बाद वे जनता दल छोड़कर 2008 में भाजपा में शामिल हो गए। इसी साल वे हावेरी जिले के शिगगांव से विधायक चुने गए। इंजीनियर और खेती से जुड़े होने के नाते बसवराज को कर्नाटक के सिंचाई मामलों का जानकार माना जाता है। राज्य में कई सिंचाई प्रोजेक्ट शुरू करने की वजह से उनकी तारीफ होती है। उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र में भारत की पहली 100% पाइप सिंचाई परियोजना लागू करने का श्रेय भी दिया जाता है।

आप को बता दें  कि कर्नाटक के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई येदियुरप्पा के चहेते और उनके शिष्य हैं। येदियुरप्पा ने इस्तीफा देने से पहले ही बोम्मई का नाम BJPआलाकमान को सुझा दिया था। दरअसल, लिंगायत समुदाय के मठाधीशों के साथ हुई बैठक में येदियुरप्पा ने अपनी तरफ से इस नाम को उन सबके बीच रखा था।

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