जालोर कलेक्टर के नाम से ऑडियो वायरल: सोशल मीडिया पर जालोर कलेक्टर के नाम से वायरल हो रहा है ऑडियो

एक ऑडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा हैं। ऑडियो में एक महिला अधिकारी वायरलेस सेट पर कड़े निर्देश देते हुए सुनाई दे रही हैं। इस ऑडियो के साथ सोशल मीडिया पर एक लिखित मैसेज भी वायरल हो रहा हैं, जिसमें ये ऑडियो जालोर कलेक्टर नमृता वृषणी का होने का दावा किया जा रहा हैं।

सोशल  मीडिया पर जालोर कलेक्टर के नाम से वायरल हो रहा है  ऑडियो

जालोर।
जिले में सोमवार सुबह से ही एक ऑडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा हैं। ऑडियो में एक महिला अधिकारी वायरलेस सेट पर कड़े निर्देश देते हुए सुनाई दे रही हैं। इस ऑडियो के साथ सोशल मीडिया पर एक लिखित मैसेज भी वायरल हो रहा हैं, जिसमें ये ऑडियो जालोर कलेक्टर नमृता वृषणी का होने का दावा किया जा रहा हैं। जो पूरी तरह से भ्रामक मैसेज हैं। हमने इस वायरल ऑडियो की पड़ताल की तो हमारी जांच में ये ऑडियो जालोर कलेक्टर नहीं होना पाया गया। ऑडियो बीकानेर जिले की एक महिला पुलिस अधिकारी का होने की पुष्टि हुई। 
पड़ताल में बीकानेर एसपी प्रीति चंद्रा का पाया गया ऑडियो 


सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस ऑडियो के जालोर कलेक्टर का नहीं होने का मुख्य सबूत तो ये हैं कि इस ऑडियो में महिला अधिकारी जो निर्देश दे रही हैं वो फोन पर नहीं बल्कि वायरलेस सेट पर निर्देश देते साफ सुनाई दे रही हैं। यहां आप को स्पष्ट कर दे कि वायरलेस सेट पर जिला कलेक्टर किसी अधिकारी या कर्मचारी को निर्देश नहीं देते है। इससे यह भी स्पष्ट हो गया कि किसी पुलिस अधिकारी का ही ऑडियो है। ऐसे में ये बात तो स्पष्ट हैं कि ये जालोर कलेक्टर की आवाज नहीं हैं। फिर हमने उस पुलिस अधिकारी की जांच पड़ताल की तो सामने आया ये आवाज बीकानेर की एसपी प्रीति चंद्रा की हैं। हमने बीकानेर एसपी से इस बाबत बातचीत की तो उन्होंने इस वायरल ऑडियो की आवाज की पुष्टि करते हुए कहा कि ये उनकी आवाज हैं, और उन्होंने ही ये निर्देश शहर के एसएचओ और सीओ के लिए जारी किए हैं। यानी वायरल ऑडियो के साथ चल रहा मैसेज पूरी तरह से फेक हैं और ये ऑडियो बीकानेर एसपी प्रीति चंद्रा का होना पुष्टि होता हैं।
ऑडियो में क्या कहा था बीकानेर एसपी ने
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ऑडियो मेें महिला अधिकारी कह रही हैं सभी एसएचओ को बताइए कि अगर मुझे एक भी टैक्सी, एक भी मोटरसाइकिल, एक भी गाड़ी घूमती दिखी, हॉस्पिटल पर्पज वालो की अलग बात हैं, क्योंकि इस समय कोई भी एक्जम्पटेड केटेगरी नहीं, 11 बजे के बाद। 11 बजे के बाद कर्फ्यू हैं सुबह 5 बजे तक। और गाड़ियां मोटरसाइकिल उसी तरह से चल रही हैं, जैसे सुबह चल रही थी। तो इनको कहिए, दोनों सीओ को कहिए, बाहर निकले, जो सख्ती करनी हैं करें, उस दिन लट्‌ठ की एक डिप्टी एसपी धौंस दिखा रहे थे, कहिए लट्‌ठ मारने हैं मारें आप। लेकिन ये नहीं दिखाई देने चाहिए मुझे। या तो लट्‌ठ मारेंगे या ये बिलकुल सावधानी करके वालो को समझाइश करके नहीं करेंगे। ये तरीका क्या हैं? पूरे टैक्सी चल रहे हैं इनको बताईये 5-7-10 टैक्सी जब्त करें, कुछ मोटरसाइकिल जब्त करें। और जहां भी मुझे दिखा, सम्बन्धित एसएचओ जिम्मेदार होगा, कर्फ्यू में अगर मुझे कोई भी वाहन बिना मतलब घूमता दिखा तो, एक एक एसएचओ को और सीओ को बताईये आप।

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