Jaipur में लोकरंग—2021 का आगाज: कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ कल्ला ने 11 दिवसीय रंगारंग कार्यक्रम 'लोकरंग-2021' का शुभारंभ

गुलाबी नगरी के जवाहर कला केंद्र (जेकेके) में लोक कलाकारों के उत्सव, 24वें 'लोकरंग-2021' का आगाज हो गया। कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. बी.डी कल्ला ने इस 11 दिवसीय समारोह का शुभारंभ किया। 

कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ कल्ला ने 11 दिवसीय रंगारंग कार्यक्रम  'लोकरंग-2021' का शुभारंभ

जयपुर।
गुलाबी नगरी के जवाहर कला केंद्र (जेकेके) में लोक कलाकारों के उत्सव, 24वें 'लोकरंग-2021' का आगाज हो गया। कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. बी.डी कल्ला ने इस 11 दिवसीय समारोह का शुभारंभ किया। 
इस अवसर पर मंत्री डॉ. बी.डी कल्ला ने कहा कि कोविड के बाद जेकेके में पहले जैसी चहल-पहल देखने को मिली है। देश के विभिन्न प्रांतों और राजस्थान के विभिन्न हिस्सों से कलाकार अपनी विधा को प्रस्तुत करने के लिए जेकेके में एकत्रित हुए हैं।जवाहर कला केंद्र एक सांस्कृतिक केंद्र बन चुका है। आने वाले समय में लोकरंग कार्यक्रम को प्रतियोगिता का स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा। 
कलाकार यहां आकर प्रतियोगिता में हिस्सा लें और ऑल इंडिया लेवल पर ख्याति प्राप्त करें। इस 11 दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के साथ प्रदेश के 650 से अधिक लोक कलाकार अपने-अपने क्षेत्र की लोक कलाओं की खूबसूरती को प्रस्तुत करेंगे।


यह समारोह आजादी का अमृत महोत्सव के तहत जेकेके, कला एवं संस्कृति विभाग और रुडा (ग्रामीण गैर कृषि विकास अभिकरण) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। 
गुजरात को गरबा और महाराष्ट्र का लावणी नृत्य ने मन मोहा
लोकरंग के शुभारंभ के साथ ही पहले दिन जेकेके के मध्यवर्ती में विभिन्न लोक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में कलाकारों ने गुजरात का गरबा रास, महाराष्ट्र का लावणी नृत्य (गणपति), गोवा का कुनबी, तमिलनाडू का डोलू कुनीथा, पश्चिम बंगाल का छाऊ (महिसासुर वध), मध्यप्रदेश का बधाई -जवारा, उत्तर प्रदेश का धोबिया, बिहार का झिझिया, जोधपुर का लंगा गायन और चरी नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी।
वहीं जेकेके के शिल्पग्राम में शहनाई-नगाड़ा, तीन ढोल, कठपुतली, भरतपुर का नट, अलगोजा नृत्य, बहुरूपिया, कालबेलिया और बम रसिया की प्रस्तुति हुई। 
इस दौरान प्रमुख शासन सचिव, कला एवं संस्कृति विभाग और जेकेके महानिदेशक गायत्री राठौड़ और अतिरिक्त महानिदेशक (प्रशासन), जेकेके, डॉ अनुराधा गोगिया भी मौजूद रहीं।

राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला 
जेकेके के शिल्पग्राम में रुडा (ग्रामीण गैर कृषि विकास अभिकरण) के सहयोग से राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले की भी शुरूआत हुई। 
मेले का उद्घाटन कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. बी.डी कल्ला ने किया। मेले में देशभर के पुरस्कृत शिल्पियों द्वारा निर्मित कलात्मक हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। 
विजिटर्स के लिए यह प्रदर्शनी 16 से 26 दिसंबर तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 9.30 बजे तक खुली रहेगी।

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