कोरोना पर विधायक की निगरानी: विधायक कोरोना मरीजों की व्यवस्थाओं में हाजिर, जिला अस्पताल का निरीक्षण कर दिए निर्देश

जिला चिकित्सालय सिरोही में 6 मई की रात ऑक्सीजन सपोर्ट पर निर्भर मरीज के लिए बेड उपलब्ध न होने के मामले को गंभीर लेते हुए विधायक संयम लोढ़ा ने दौरा किया।

विधायक कोरोना मरीजों की व्यवस्थाओं में हाजिर, जिला अस्पताल का निरीक्षण कर दिए निर्देश

सिरोही (Sirohi)।
जिला चिकित्सालय सिरोही में 6 मई की रात ऑक्सीजन (Oxygen) सपोर्ट पर निर्भर मरीज के लिए बेड उपलब्ध न होने के मामले को गंभीर लेते हुए विधायक (MLA) संयम लोढ़ा (Sanyam Lodha) ने दौरा किया। इसके साथ ही विधायक ने अधिकारियों को ऑक्सीजन बैस व बेड बढ़ाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय को 15 ऑक्सीजन काॅन्सेंट्रेटर शुक्रवार को दिए गए है तथा इसकी आपूर्ति लगातार बढे़गी। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियन्ता (Superintending Engineer) के.एल. मेघवाल से फोन पर बात कर इस माह में 100 ऑक्सीजन काॅन्सेंट्रेटर की आवक को देखते हुए इसके अनुरूप विद्युत क्षमता बढ़ाने का आग्रह किया। इसी तरह अधिक क्षमता के जनरेटर की खरीद के लिए प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) डाॅ. निहाल सिंह को निर्देश दिए। विधायक ने अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी कालुराम खोड, उपखण्ड अधिकारी हसमुख कुमार, पीएमओ डाॅ. निहाल सिंह, सीएमएचओ (CMHO) डाॅ. राजेश कुमार, कोविड प्रभारी (Covid in charge) डाॅ. जयप्रकाश कुमावत के साथ पूरे अस्पताल का दौरा किया। सी.सी.टी.वी. कैमरे के जरिये कोविड के 5 वार्डों का अवलोकन किया। इस दौरान बाहर खडे़ मरीजों के परिजनों से भी मुलाकात की। राजकीय महाविद्यालय कोविड वार्ड का भी दौरा किया। डाॅ. कुमावत ने बताया कि वार्ड में लगातार बेहतर सेवा देने का प्रयास कर रहे है। मरीजों को संगीत सुनाने की व्यवस्था भी की गई। अनेक गंभीर मरीजों के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। लोढा से जिले का ऑक्सीजन कोटा बढ़वाने एवं कार्य आधारित कार्मिक लगवाने का आग्रह किया गया। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि एक वेंटिलेटर की सुविधा प्रदान करने में पांच सिलेण्डर ऑक्सीजन का उपयोग होता है। ऑक्सीजन सिलेण्डर की कमी को देखते हुए फिलहाल सीमित मरीजों को ही वेंटिलेटर सुविधा दे सकेंगे। लोढा ने जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद से दूरभाष पर ऑक्सीजन बेड बढ़ाने व जिले के ऑक्सीजन कोटे व अन्य जिलों से की जा रही ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
लोढा ने मुख्यमंत्री (Chief Minister) अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) को पत्र लिखकर कहा है कि सिरोही जिले में वर्तमान में जिला अस्पताल, कोविड केयर सेन्टर मानसरोवर आबूरोड व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शिवगंज तथा तीन निजी अस्पताल ग्लोबल आबू पर्वत, ट्रोमा सेन्टर आबूरोड एवं बंसल अस्पताल आबूरोड में कोविड संक्रमित व्यक्तियों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा जा रहा है। इनमें प्रति मरीज 1.5 सिलेण्डर प्रतिदिन की आवश्यकता अनुसार राजकीय अस्पतालों हेतु प्रतिदिन न्यूनतम 300 ऑक्सीजन सिलेण्डर की आवश्यकता रहती तथा प्रतिदिन 10 प्रतिशत की दर से प्रतिदिन भरती योग्य मरीजों की संख्या में वृद्धि भी दर्ज हो रही है। इसके साथ ही निजी क्षेत्र के तीनों अस्पतालों में कोविड रोगियों के अलावा सिलिकोसिस, हृदय, किडनी के गंभीर रोगियों एवं नवजात शिशुओं को ऑक्सीजन की प्रतिदिन आवश्यकता रहती है, पहले ये गुजरात से लाते थे लेकिन अब उन्हे वहां से नहीं मिल रही, निजी चिकित्सालय की आवश्यकता 100 सिलेण्डरों की प्रतिदिन है। 
समय पर नहीं हो पा रही ऑक्सीजन आपूर्ति
वर्तमान में हमें 50 ऑक्सीजन सिलेण्डर प्रतिदिन सांईनाथ ट्रेडर्स सुमेरपुर से, 50 सिलेण्डर दरीबा प्लान्ट (राजसमन्द) से, 50 सिलेण्डर चित्तोडगढ के गगंरार निम्बाहेडा प्लांट से, 50 सिलेण्डर बालोतरा पंचपद्रा बाडमेंर से एवं 150 सिलेण्डर महाकालेश्वर जोधपुर से उपलब्ध करवाने बाबत् आवंटन राज्य संभाग स्तर से किया गया है, परन्तु इन संस्थानो-संयत्रों  से सिरोही  को निर्धारित स्लोट के अनुसार नियमित रूप से आपूर्ति समय पर नहीं हो पाती है। पिछले तीन दिनों में पंचपद्रा बाडमेर से हमें केवल एक बार 50 सिलेण्डर की आपूर्ति ही हो पाई है। जोधपुर से महाकालेश्वर ट्रेडर्स से मात्र 100 सिलेण्डर ही प्रतिदिन उपलब्ध हो रहे है। दरीबा (राजसमंद) एवं चित्तोडगढ के आपूर्ति संयत्रों से अधिक दूरी पर होने एवं प्लांट के ब्रेक डाउन हो जाने के कारणवश विलम्ब से आपूर्ति मिल पा रही है। जिला अस्पताल सिरोही का 50 ऑक्सीजन सिलेण्डर आपूर्ति का अनुबंध मातेश्वरी ट्रेडर्स जोधपुर से हो रखा है वहां से भी पिछले दो दिनों में मात्र 29 सिलेण्डर ही प्राप्त हुए है। हमारे पास स्वयं का उत्पादन जिला अस्पताल में मात्र 20 सिलेण्डर ही होने के कारण तथा संभाग-राज्य स्तर से आवंटित संस्थानों-संयत्रों  से नियमित-निर्बाध आपूर्ति नहीं हो पाने के कारण परेशानी हो रही है।