राजस्थान विधानसभा में भाजपा का हंगामा: राजस्थान विधानसभा में 3 दिन से रीट परीक्षा धांधली पर हंगामा, भाजपा विधायकों ने वेल में आकर किया हंगामा

राजस्थान विधानसभा में रीट परीक्षा धांधली को लेकर भाजपा की ओर से आज शुक्रवार को भी हंगामा किया गया।  विधानसभा में सदन में बने गतिरोध को तोड़ने स्पीकर ने शून्यकाल में एक घंटे कार्यवाही स्थगित करके पक्ष और प्रतिपक्ष के नेताओं से चर्चा की। इसके बावजूद दोनों पक्ष में सहमति नहीं बन पाई। 

राजस्थान विधानसभा में 3 दिन से रीट परीक्षा धांधली पर हंगामा, भाजपा विधायकों ने वेल में आकर किया हंगामा

जयपुर। 
राजस्थान विधानसभा में रीट परीक्षा धांधली को लेकर भाजपा की ओर से आज शुक्रवार को भी हंगामा किया गया। 
विधानसभा में सदन में बने गतिरोध को तोड़ने स्पीकर ने शून्यकाल में एक घंटे कार्यवाही स्थगित करके पक्ष और प्रतिपक्ष के नेताओं से चर्चा की। इसके बावजूद दोनों पक्ष में सहमति नहीं बन पाई। 
आज सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद भाजपा के विधायकों ने रीट परीक्षा में हुई धांधली की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर नारेबाजी करना शुरू कर दिया। 
विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सदन में रीट का मामला उठाना चाहा, लेकिन स्पीकर सीपी जोशी ने उन्हें अनुमति नहीं दी।


जोशी के मना करने के बाद भी राठौड़ ने बोलना जारी रखा तो वे नाराज हो गए। स्पीकर ने राठौड़ को फटकार लगाते हुए कहा कि मैं खड़ा हूं और आप बोल रहे हैं।
मैं आपको नाम लेकर बोल रहा हूं, इसके बावजूद आप जैसे सीनियर विधायक ऐसा कर रहे हैं। इसके बाद स्पीकर जोशी ने प्रश्नकाल शुरू करवा दिया।
भाजपा विधायकों ने हंगामे बंद नहीं किया तो प्रश्नकाल की कार्यवाही जारी रखी गई। इस दौरान मंत्रियों ने सवालों के जवाब भी दिए। बीजेपी के चार विधायकों को सदन में लाने पर स्पीकर जोशी ने राजेंद्र राठौड़ से कहा कि आप पार्लियामेंटेरियन हैं। 
इन चार विधायकों को सस्पेंड किया था, लेकिन उन्हें सदन में लेकर आ गए और हंगामा करवा रहे हो। मुझे संसदीय परंपराओं का ज्ञान दे रहे हो। 
स्पीकर सीपी जोशी ने तल्ख तेवर दिखाने के बाद प्रश्नकाल शुरू करवाया। इसके बाद जोशी ने नेता प्रतिपक्ष से गतिरोध तोड़ने की बात कही। 
नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया व उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सदन में रीट परीक्षा पर चर्चा करवाने के साथ भाजपा के चार विधायकों का निलंबन वापस लेने की मांग की।
राठौड़ ने कहा कि जब तक चारों का निलंबन रद्द नहीं होता तथा रीट पर कोई फैसला नहीं होता, तब तक वे सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे। 
इसके बाद सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर राठौड़ ने रीट मामले में सीबीआई से जांच करवाने की मांग की। 
इसके बाद भाजपा विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। गुरुवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान सीपीएम विधायक को बोलने से रोकने के लिए भारी हंगामा हुआ था।
धक्कामुक्की के चलते भाजपा विधायक मदन दिलावर, चंद्रभान सिंह, अविनाश गहलोत और रामलाल शर्मा को सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था। 

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