कटारिया का विवादित बयान : बीजेपी नेता गुलाबचंद कटारिया के बयान पर महाराणा प्रताप की 21 वी पीढ़ी ने जताया ऐतराज, कहा नहीं सहेंगे महाराणा का अपमान

राजस्थान में बीजेपी के कद्दावर नेता माने जाने वाले गुलाबचंद कटारिया (Gulabchand Katariya) अक्सर अपने विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में आ जाते है। इस बार कटारिया राजसमंद में हो रहे विधानसभा उपचुनाव (Rajsamand Assembly By-Elections) में बीजेपी प्रत्याशी के प्रचार के दौरान भाषण दे रहे थे।

बीजेपी नेता गुलाबचंद कटारिया के बयान पर महाराणा प्रताप की 21 वी पीढ़ी ने जताया ऐतराज, कहा नहीं सहेंगे महाराणा का अपमान

पाली। 

राजस्थान में बीजेपी के कद्दावर नेता माने जाने वाले गुलाबचंद कटारिया (Gulabchand Katariya) अक्सर अपने विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में आ जाते है। इस बार कटारिया राजसमंद में हो रहे विधानसभा उपचुनाव (Rajsamand Assembly By-Elections) में बीजेपी प्रत्याशी के प्रचार के दौरान भाषण दे रहे थे। जिसमें कटारिया ने महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) को लेकर एक विवादित भाषण दिया जो अब उनके गले की हड्डी बन गया है। सोशल मीडिया पर कटारिया को जमकर घेरा जा रहा है वहीं राजपूत समाज के संगठनों ने भी इस पर आक्रोश जताया है। हालाँकि कटारिया ने अपने इस बयान पर दो बार माफ़ी भी मांगी है लेकिन उनके खिलाफ आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा।  

इस सम्बन्ध ने फर्स्ट भारत डॉट इन की टीम ने महाराणा प्रताप की 21 वी पीढ़ी से बात की। वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप के चौथे बेटे शेखाजी के वंशज राव बहादुर देवी सिंह बेडा व उनकी पत्नी ठकुरानी देवयानी कुमारी ने गुलाबचंद कटारिया द्वारा उनके भाषण में महाराणा प्रताप के लिए जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया है उसकी कड़े शब्दों में निंदा की।

इन्होंने कहा चुनाव प्रचार के दौरान राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने जिस भाषा एवं शब्दों का प्रयोग मेवाड़ के महाराणा प्रताप के बारे में कहे वह महाराणा के साथ साथ समग्र भारतवर्ष का अपमान है। जिसकी हम कड़े शब्दों में निंदा करते है। महाराणा जी जैसे हिन्दवा सुरज, मेवाड एवं भारतवर्ष नहीं अपितु समग्र विश्व के लिए प्रेरणा स्रोत, जन जन के ह्रदय में निवास करने वाले महान देशभक्त, महान योद्धा हमारे आदर्श महाराणा प्रताप का अपमान हम हरगिज़ सह नहीं सकते और कटारिया को विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष से हटाकर महाराणा के चाहनेवाले उनके करोड़ो प्रशंसकों की भावनाओं को आहत करने वाले  को सबक सिखाया जाए ऐसी हमारी अपील है। 

उन्होंने कहा राष्ट्रिय गौरव, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जैसे महापुरुष के प्रति ऐसी भाषा का प्रयोग अशोभनीय है। एक महान योद्धा के लिए इतनी निम्न स्तर की भाषा का प्रयोग किया जाना बहुत ही शर्मनाक है। गुलाब चंद कटारिया ने ओछे शब्दों का प्रयोग करके अपनी सोच को दर्शाया है। इससे हमारी भावनाये आहत हुई है। गुलाब चंद कटारिया को भाषा की मर्यादा रखनी चाहिए।  वह खुद मेवाड़ की धरती पर खड़े होकर एक वीर योद्धा के बारे में ऐसी भाषा का प्रयोग कैसे कर सकते है ? जिन्होंने अपने देश और धरती के लिए इतने त्याग और बलिदान दिए है।

महाराणा प्रताप एक शूरवीर थे। उन्होंने आजीवन कड़ा संघर्ष करके मानवता को मुग़लो की क्रूरता से बचाने के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया है।  ऐसे महापुरुष के बारे में किसी भी राजनेता को अभद्र टिप्पणी करना कतई शोभा नहीं देता। गुलाबचंद कटारिया ने जिस प्रकार से अपने भाषण में महाराणा प्रताप का अपमान किया है वह दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस वीर पुरुष ने राज सुख छोड़कर ताउम्र जंगल की कठिन परिस्थितियों में रहकर मुग़ल सेना के खिलाफ मोर्चा छेड़ा था वह सदैव ही हमारे लिए पूजनीय रहेंगे। हमारे राजनेताओं को हम सिर्फ इतना कहना चाहेंगे कि अपनी राजनीति से ऐसे तमाम वीर योद्धाओं को दूर ही रखे तो अच्छा होगा। महाराणा प्रताप के वंशज बेडा जागीर एवं समस्त गोडवाड़ की स्वाभिमानी जनता की ओर से ऐसे बिना सोचे समझे वाणी विलास करने वाले कटारिया की कड़े शब्दों में हम निंदा करते है।