भारत: मध्य क्षेत्रीय परिषद के राज्यों ने प्रधानमंत्री के टीम इंडिया कांसेप्ट को जमीन पर उतारा : अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करने का काम किया है। नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले आठ साल में पूरे देश में टीम इंडिया की अवधारणा को सामने रख इसे चरितार्थ किया है।

मध्य क्षेत्रीय परिषद के राज्यों ने प्रधानमंत्री के टीम इंडिया कांसेप्ट को जमीन पर उतारा : अमित शाह
अमित शाह

भोपाल | केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद में शामिल मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड और छत्तीसगढ राज्य अपनी भौगोलिक स्थिति, जीडीपी में योगदान और देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। पहले इन चारों राज्यों को बीमारू राज्य माना जाता था, लेकिन अब ये सभी राज्य इससे बाहर निकलकर विकास के मार्ग पर अग्रसर हैं। मध्य क्षेत्रीय परिषद के राज्य देश में अनाज उत्पादन का प्रमुख केन्द्र हैं और परिषद में शामिल चारों राज्यों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के टीम इंडिया के कॉंसेप्ट को जमीन पर उतारा है।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 23वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने यह बात कही। इस बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करने का काम किया है। नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले आठ साल में पूरे देश में टीम इंडिया की अवधारणा को सामने रख इसे चरितार्थ किया है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हालांकि क्षेत्रीय परिषद की बैठकों की भूमिका सलाहकारी होती है, लेकिन गृह मंत्री के तौर पर तीन साल के अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूं कि परिषद और इसकी स्थायी समिति की बैठकों को महत्व देकर हमने अनेक मुद्दों को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।

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मध्य क्षेत्रीय परिषद की पिछली बैठक में 30 मुद्दों पर चर्चा हुई थी, जिसमें से 26 मुद्दों को हल कर लिया गया है, जबकि 17 जनवरी, 2022 को हुई स्थायी समिति की 14वीं बैठक में 54 में से 36 मुद्दो को पहले ही हल कर लिया गया। आज की बैठक में कुल 18 मुद्दों पर चर्चा हुई जिनमें से 15 का समाधान निकाल लिया गया।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद मध्य क्षेत्रीय परिषद में शामिल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्सलवाद की समस्या से सख्ती से निपटने के साथ-साथ इन क्षेत्रों मे विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाये गए।

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शाह ने कहा कि इस दौरान पुलिस थानों पर वामपंथी उग्रवादी हिंसा में भी कमी आई है, 2009 में ऐसी 96 घटनाएं हुई थीं, जो कि 2021 में कम होकर 46 हो गई। केन्द्र सरकार वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को और मजबूत करने और गैप्स कम कर रही है इसी के अंतर्गत पिछले तीन साल में 40 नए सुरक्षा कैम्प खोले गए हैं तथा 15 और खोले जाने हैं।

अमित शाह ने कहा कि सरकार द्वारा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में पिछले 3 सालों में पोस्टल बैंकिंग सुविधा के साथ करीब पॉंच हजार पोस्ट ऑफिस और 1200 से अधिक बैंक शाखायें खोली जा रही हैं। साथ ही दूरसंचार सेवाओं को गति देने के लिए पहले चरण में 2300 से अधिक मोबाईल टॉवर और दूसरे चरण में 2500 मोबाईल टॉवर लगाये जा रहे हैं।

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