जालोर पुलिस के प्यार का बजरीनामा: महिला को प्रपोज करते हुए थाना प्रभारी कह रहा है 'दोस्ती करो तो दिन में भी बजरी का ट्रेक्टर घर भिजवा सकता हूं'

थाना प्रभारी, महिला के घर पर भिजवा रहा है अवैध बजरी, जालोर पुलिस अधीक्षक के दावों की पोल खोलती एक थानाधिकारी की काॅल रिकार्डिंग

महिला को प्रपोज करते हुए थाना प्रभारी कह रहा है 'दोस्ती करो तो दिन में भी बजरी का ट्रेक्टर घर भिजवा सकता हूं'

जालोर | राजस्थान के जालोर जिले में अवैध रूप से बजरी खनन करने वालों के खिलाफ कार्यवाही के नाम पर महज चंद ट्रेक्टर जब्त कर जालोर पुलिस के मुखिया इन दिनों ना केवल खुद की बल्कि पूरे पुलिस महकमे की पीठ थपथपा रहे हैं, जबकि हकीकत तो यह है कि पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से ही पूरे जिले में बजरी का यह धंधा जोरों से चल रहा है। फर्स्टभारत ने जब इस अवैध धंधे की पोल खोली तो पुलिस का कहना है कि अभियान चलाकर कार्रवाई जारी है। परन्तु एक थाना प्रभारी के वायरल हुए आडियो कॉल ने साबित कर दिया है कि पुलिस विभाग के अधिकारी ही बजरी माफियाओं से मिलीभगत कर यह कार्य करवा रहे हैं। हालांकि पुलिस अधीक्षक ने बजरी खनन के खिलाफ अभियान चला रखा है, लेकिन उनके मातहतों के कारनामे उनके प्रयासों पर भी पानी फेर रहे हैं। 

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जालोर जिले के एक थानाधिकारी की काॅल रिकाॅर्डिंग फर्स्ट भारत के पास आई है। जिसमें थानाधिकारी एक महिला से बातचीत कर रहे हैं। पहले तो महिला के हालचाल पूछते हैं। फिर उनसे दोस्ती के लिए प्रपोज करते हैं। बातचीत का मामला यहां तक ही नहीं थमता थानाधिकारी उस महिला को अकेले होना बताकर पांच मिनट के लिए घर पर मिलने तक बुलाते हैं, इसके बाद जब महिला यह कहती है कि उसके घर पर निर्माण कार्य चल रहा है इसलिए वह नहीं आ सकी। तो थानाधिकारी उसे यह पूछते है कि बजरी आ गई क्या? इस पर महिला कहती है कि हां, बजरी तो आ गई पर दिन में क्यों भिजवाई? रात में ही भिजवाते। दिन में तो बजरी परिवहन करने वालों के खिलाफ ऊपर से आदेश आए हुए हैं। इस पर थानाधिकारी रौब झाड़ते हुए कहते हैं कि देख लो, मैं तो दिन में भी बजरी भिजवा सकता हूं। हालांकि थाना प्रभारी बड़ी मनुहार से ही दोस्ती के लिए प्रपोज कर रहे हैं। बार—बार यह ताकीद कर रहे हैं कि वे जबरदस्ती मित्रता नहीं कर रहे हैं और मन से दोस्ती करें तो ही उनसे दोस्ती करें।

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थानाधिकारी का महिला को आफर, दोस्ती करोगे क्या?
जालोर जिले के एक थानाधिकारी और महिला की बातचीत का एक आडियो फर्स्ट भारत टीम को मिला है. इसमें थानाधिकारी उस महिला को दोस्ती करने का आफर दे रहे हैं। उस महिला से कई बार पूछते सुनाई दे रहे हैं कि दोस्ती करोगे कि नहीं? इतना ही नहीं थानाधिकारी अकेला होने पर महिला को पांच मिनट के लिए अपने घर पर भी आने का कह रहा है। थानाधिकारी महिला से यह भी कहलवा रहा है कि मैं कोई जबरदस्ती तो नहीं कर रहा हूं। धोखा तो नहीं देगी?

कार्रवाई की इतिश्री
हमारी टीम लगातार इस मुद्दे पर मुखरता से काम कर रही है। इसमें पुलिस की मिलीभगत के कारण बजरी माफियाओं के साथ-साथ पुलिस अफसर भी चांदी कूट रहे हैं। इस खबर के बाद पुलिस की ओर से अभियान चलाने की बात कहते हुए सफाई दी जा रही है। अपनी सफाई देते रहे कि पुलिस बजरी माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है। रोजाना ट्रेक्टर पकड़ रही है। ऐसे में जब एक थानाधिकारी एक महिला के घर पर बजरी का ट्रैक्टर भिजवा रहा है तो फिर क्या यह साबित नहीं होता कि पुलिस स्वयं बजरी माफियाओं को शह दे रही है। कुल मिलाकर थानाधिकारी की यह आडियो कॉल रिकोर्डिंग पुलिस के दावों की पोल तो खोल ही रही है। साथ ही पूरे पुलिस महकमे की किरकिरी तक करवा रही है। एसपी के प्रयासों पर ऐसे ही कृत्य पानी फेर रहे हैं।