Rajasthan @ पुलिस विभाग और धार्मिक आस्था: राजस्थान के पुलिस थानों से धार्मिक स्थलों के निर्माण पर रोक का तुगलकी आदेश वापस लें मुख्यमंत्री, हिंदूओं की आस्था पर हमला नहीं होगा बर्दाश्त: मीणा

राजस्थान पुलिस के एडीजी द्वारा पुलिस थानों व कार्यालयों में धार्मिक पूजा स्थल निर्माण नहीं करने के आदेश जारी करने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल शुरू हो गई। राजनेता पुलिस के इस आदेश को गृहमंत्री अशोक गहलोत से जोड़कर तुगलकी फरमान वापस लेने की मांग कर रहे है।

राजस्थान के पुलिस थानों से धार्मिक स्थलों के निर्माण पर रोक  का तुगलकी आदेश वापस लें मुख्यमंत्री, हिंदूओं की आस्था पर हमला नहीं होगा बर्दाश्त: मीणा

जयपुर। 
राजस्थान पुलिस के एडीजी द्वारा पुलिस थानों व कार्यालयों में धार्मिक पूजा स्थल निर्माण नहीं करने के आदेश जारी करने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल शुरू हो गई। राजनेता पुलिस के इस आदेश को गृहमंत्री अशोक गहलोत से जोड़कर तुगलकी फरमान वापस लेने की मांग कर रहे है। वहीं हिंदूओं की धार्मिक आस्था से खिलवाड़ नहीं करने की चेतावनी तक जारी की गई। वहीं राजस्थान पुलिस को लचर कानून व्यवस्था को मजबूत करने की सलाह दी जा रही है। जानकारी के मुताबिक अब पुलिस थानों व ऑफिस में धार्मिक या पूजा स्थल का निर्माण नहीं किया जाएगा। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय ने सभी एडीजी, आईजी, एसपी व पुलिस कमिश्नर के नाम से एक पत्र जारी किया है। पत्र पुलिस आवास विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) ए. पोन्नूचामी की ओर से जारी किया गया है। पत्र में लिखा किया गया है कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में धार्मिक स्थल का निर्माण करवाया जा रहा है।

अधिकांश निर्माण जन सहभागिता या फिर गांवों के भामाशाह के सहयोग से बनाए जाते हैं। जन सहभागिता से पूजा स्थलों के निर्माण में पिछले दिनों बढ़ोतरी हुई है, जो कि कानून के दायरे में नहीं है। पुलिस विभाग के आदेशों में कहा गया कि 'राजस्थान धार्मिक भवन एवं स्थल अधिनियम 1954' में सार्वजनिक स्थानों के धार्मिक स्थान बनाने की इजाजत नहीं देता। इसके साथ ही पुलिस थानों के प्रशासनिक भवनों के निर्माण के लिए बनाए गए नक्शों में भी पूजा स्थल के निर्माण करने के लिए कोई प्रावधान नहीं है। इस लिए 'राजस्थान धार्मिक भवन एवं स्थल अधिनियम 1954' के नियमों की पालना करवाई जाए।


सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विरोध
पुलिस की ओर से इस संबंध में आदेश जारी करने के बाद सोशल मीडिया पर विपक्ष की ओर से विरोध शुरू कर दिया गया। विपक्ष की ओर से इस हिंदूओं की आस्था पर चोट बताया जा रहा है। सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि प्रदेश में बेपटरी हो चुकी कानून व्यवस्था को संभालने की बजाय राजस्थान पुलिस बेमतलब के आदेश निकाल रही है। अशोक गहलोत जी आप तो स्वयं को गांधीवादी कहते हो, गांधी जी तो अपने हर कार्यक्रम की शुरूआत रघुपति राघव राजाराम से करते थे। आपको मंदिरों से तकलीफ क्यों है? वहीं दूसरी ओर विधायक राजेंद्र राठौड़ ने लिखा कि राजस्थान पुलिस की लचर कार्यशैली के कारण प्रदेश में अपराध चरम पर है। अपराधी बेखौफ होकर पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं। इन पर ध्यान देने के बजाय पुलिस विभाग कार्यालय परिसर/पुलिस थानों में पूजा-स्थलों के निर्माण पर रोक जैसे तुगलकी फरमान निकालकर धार्मिक आस्था पर चोट पहुंचा रहा है।

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