राजस्थान में पशुओं के चारे का संकट: राजस्थान में पशुओं के चारे का संकट आने पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पूनिया ने हरियाणा और मध्यप्रदेश के सीएम को लिखा पत्र

चारे के संकट के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने मध्यप्रदेश तथा हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखते हुए राजस्थान में चारे पर रोक हटाने की मांग की। सीएम मनोहर लाल खट्टर तथा शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मांग की है कि सूखा चारा, तूडी तथा पराली पर से बिना देरी किए रोक हटाई जाए।

राजस्थान में पशुओं के चारे का संकट आने पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पूनिया ने हरियाणा और मध्यप्रदेश के सीएम को लिखा पत्र

जयपुर। 
राजस्थान में पशुओं के चारे का संकट गहरा गया। हालात यह है कि सूखे चारे के लिए पशुपालकों को 18 से 20 ​रुपए किलो के हिसाब से चुकाने पड़ रहे है। यह हाल तब है जब हाल ही में नहीं फसल से नया चारा बाजार में आ गया। इसके बावजूद सूखा चारा तूडी महंगी हो गई।  चारे के संकट के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने मध्यप्रदेश तथा हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखते हुए राजस्थान में चारे पर रोक हटाने की मांग की।


भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पूनिया ने बताया कि सीएम मनोहर लाल खट्टर तथा शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मांग की है कि सूखा चारा, तूडी  तथा पराली पर से बिना देरी किए रोक हटाई जाए। आपको बता दें कि ​मध्य प्रदेश तथा हरियाणा में भाजपा की ही सरकारें है। 
पूनिया ने खट्टर को लिखे पत्र में मांग की है कि राजस्थान में पशुओं की सुरक्षा के लिए सहानुभूति से विचार करते हुए सूखे चारे पर लगी रोक हटाई जाए। राजस्थान में चारे की कमी के चलते पशु पालकों केलिए समस्या खड़ी हो गई। हरियाणा के हिसार व सिरसा के कलेक्टर ने राजस्थान में सूखा चारा जाने पर रोक लगा दी। इसके साथ ही दूसरे प्रदेशों से जो चारे की गाड़ियां हरियाणा होकर आ रही थी उसे भी सीमा पर रोका जा रहा है।


वहीं दूसरी ओर पूनिया ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मांग की कि सूखा चारा भेजने पर लगी रोक को हटाया जाए। एमपी सरकार ने सीमा से लगते हुए प्रदेश के जिलों में चारा जाने पर रोक लगा दी। कई सालों से राजस्थान मध्य प्रदेश से सूखा चारा खरीद रहा है। इसमें मध्य प्रदेश सरकार की मदद भी मिलती रही है। ऐसे में पूनिया ने लिखा कि मेरा निवेदन है कि राजस्थान में पशुओं की रक्षा के लिए सहानुभूति से विचार कर चारे से रोक तुरंत प्रभाव से हटाई जाए।

राजस्थान में कांग्रेस तथा पड़ौसी राज्यों में भाजपा
राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया तथा गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने भाजपा शासित पड़ौसी राज्यों की सरकार  मदद नहीं करने का आरोप लगाया है। कटारिया ने कहा कि राजस्थान में इस वर्ष फसल कमजोर होने से चारा कम हुआ है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश सरकारों ने राजस्थान में चारा आने पर रोक लगा दी। इससे राजस्थान में चारा और महंगा हो गया तथा पशुपालकों के सामने संकट खड़ा हो गया। प्रदेश में 17 से 20 रुपए किलो की दर से चारा बिक रहा है जबकि अमूमन यह चारा 5 से 6 रुपए किलो आसानी से मिल जाता था। 

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