Sirohi वीडीओ परीक्षा पेपर आउट मामला: Sirohi में ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा का पेपर आउट, Police ने गैंग के 2 युवकों सहित 1 महिला अभ्यर्थी को किया गिरफ्तार

प्रदेश के सिरोही जिले में ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा को लेकर पेपर आउट बताया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने मामले में नकल गैंग के दो युवकों को गिरफ्तार किया है तो एक महिला अभ्यर्थी को भी गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए है। 

Sirohi में ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा का पेपर आउट, Police ने गैंग के 2 युवकों सहित 1 महिला अभ्यर्थी को किया गिरफ्तार

सिरोही। 
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं को लेकर मानो पेपर आउट कराने का ट्रेड सा चल गया है। 
पेपर आउट होने के बाद ना तो प्रशासन को रिएक्शन दे रहा है, और ना ही सरकार पेपर आउट को लेकर कोई बयान दे रही है। 
फिर चाहे आरएएस परीक्षा हो, रीट भर्ती परीक्षा या फिर आज कराई गई वीडीओ भर्ती परीक्षा। प्रदेश के सिरोही जिले में ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा को लेकर पेपर आउट बताया जा रहा है। 
पुलिस प्रशासन ने मामले में नकल गैंग के दो युवकों को गिरफ्तार किया है तो एक महिला अभ्यर्थी को भी गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए है। 
जानकारी के मुताबिक नकल माफियाओं ने सिरोही के पवेलियन राजकीय स्कूल सहित कई सेंटर पर आंसर की भेजी है।
 पुलिस की नाकाबंदी में पकड़े गए कार चालक से पूछताछ में 15 लाख रुपए लेकर एक महिला अभ्यर्थी को आसंर की देने का भी मामला सामने आया है।
 सिरोही एएसपी डॉ देवेंद्र कुमार शर्मा के मुताबिक पुलिस ने नकल गैंक के प्रवीण कुमार, प्रकाश गोदारा और महिला परीक्षार्थी इंदूबाला को गिरफ्तार किया है। 

नाकाबंदी में बिना नंबर की कार से हुआ खुलासा 
पुलिस के मुताबिक वीडीओ परीक्षा में पुलिस की ओर से नाकाबंदी की गई थी। इस दौरान एक काले रंग की बिना नंबर की स्कॉर्पियो को रोका गया तो ड्राइवर कार भगाकर ले गया। 
इसके बाद वेलांगरी व सिरोही-रेवदर मेगा हाइवे के बीच स्कॉर्पियो को पुलिस टीम ने रूकवा लिया। चालक से से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम प्रवीण कुमार पुत्र लादूराम विश्नोई मांझू बताया। 
प्रवीण ने स्वयं को जालोर जिले के डी-गांव (करडा) का निवासी बताया। इसके बाद स्कॉर्पियो की तलाशी के दौरान वीडीओ परीक्षा दे रही इंदूबाला विश्नोई का प्रवेश कार्ड मिला। 
पूछताछ में प्रवीण ने बताया कि राजू ईराम, प्रकाश गोदारा और अशोक उर्फ प्रकाश ने परीक्षा का पेपर आउट करवाने के लिए सोमवार रात मीरपुरा के पास एक ढाणी में रोका था। यहां इंदूबाला और अन्य अभ्यर्थियों को भी ठहराया गया था। 
यहां पर रात को पेपर आउट नहीं करवा पाए। सोमवार सुबह अलग-अलग गाड़ियों से अभ्यर्थियों को सेंटर पर छोड़ा दिया। इंदूबाला को राजकीय बालिका सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पवेलियन छोड़ा गया।
 इंदूबाला से पूछताछ में सामने आया कि रविवार की शाम उसके पति ने मीरपुरा की ढाणी में छोड़ा लेकर गए थे। 
यहां पर अन्य परीक्षार्थी भी ठहरे थे। पेपर आउट नहीं होने पर सभी परीक्षार्थियों को सुबह सेंटर पर छोड़ दिया। 
इसके बाद गिरोह के तीनों सदस्यों ने सेंटर से पेपर आउट कर उसकी आंसर-की भेजने का प्लान बनाया। 
इसके बाद आरोपियों ने सेंटर से पेपर आउट कर एक कागज पर आंसर-की लिखकर वॉट्सऐप पर इंदूबाला और अन्य अभ्यर्थियों को भेजा। 
इस मामले में वॉट्सएप पर आंसर की, इंदूबाला को कौन मदद कर रहा था, पेपर कौनसी स्कूल या सेंटर से आउट किया, पैसे देने वाले परीक्षार्थियों तक कैसे पहुंचाया गया इसकी जांच की जा रही है। 

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