Rajasthan @ कॉलेज व्याख्याताओं की भर्ती : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में कॉलेज व्याख्याताओं के 1000 पदों पर भर्ती को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में एक हजार व्याख्याताओं के पदों पर भर्ती के लिए मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राजस्थान में नए कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए 200 करोड़ के बजट की भी मंजूरी दे दी है। उत्कृष्ट मानव संसाधन तैयार करने की दृष्टि से प्रदेश में युवाओं को गुणवत्तायुक्त उच्च शिक्षा मिले।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में कॉलेज व्याख्याताओं के 1000 पदों पर भर्ती को दी मंजूरी

जयपुर।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में एक हजार व्याख्याताओं के पदों पर भर्ती के लिए मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राजस्थान में नए कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए 200 करोड़ के बजट की भी मंजूरी दे दी है। गहलोत बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। सीएम गहलोत ने कहा कि उत्कृष्ट मानव संसाधन तैयार करने की दृष्टि से प्रदेश में युवाओं को गुणवत्तायुक्त उच्च शिक्षा मिले। इसके लिए अधिकारी ऐसा पुख्ता मैकेनिज्म तैयार करें जिससे सभी कॉलेजों में यूजीसी सहित अन्य मापदंडों की प्रभावी पालना सुनिश्चित हो। 
गहलोत ने कहा कि युवाओं के करियर निर्माण को ध्यान में रखते हुए हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है कि राज्य में उच्च शिक्षा का स्तर अव्वल दर्जे का हो। उन्होंने कहा कि कॉलेजों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी कॉलेजों की दैनिक गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जा सकती है। गहलोत ने निर्देश दिए कि राजकीय कॉलेजों में पढ़ाई की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए रिक्त पदों पर भर्ती एवं पदोन्नति की कार्यवाही को गति दें। सीएम ने राजस्थान लोक सेवा आयोग के माध्यम से कॉलेज शिक्षकों के करीब 1 हजार पदों पर चल रही भर्ती की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने 1 हजार और पदों पर भर्ती की स्वीकृति देते हुए इसकी प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में तबादलों के लिए प्रभावी नीति भी बनाई जाए। 
कॉलेजों के निर्माण कार्य 2 माह में शुरू करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए भूमि का आवंटन हो चुका है, उनका निर्माण कार्य दो माह में आवश्यक रूप से शुरू हो। साथ ही शेष कॉलेजों के भूमि आवंटन प्रकरणों की मुख्य सचिव के स्तर पर समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूरस्थ स्थानों पर नहीं जाना पड़े। इस उद्देश्य से सरकार ने विगत तीन वर्षाें में 123 नए राजकीय महाविद्यालय खोले हैं। इन महाविद्यालयों के भवन-निर्माण, विभिन्न पदों पर भर्ती और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में मिशन भावना के साथ काम करें। 

निजी कॉलेजों की फैकल्टी को मिले उचित वेतन
सीएम गहलोत ने कहा कि ऐसा प्रभावी सिस्टम विकसित किया जाए कि निजी कॉलेजों में यूजीसी एवं अन्य निर्धारित मापदंड आवश्यक रूप से पूरा होना सुनिश्चित हों। इसके साथ ही इन कॉलेजों में कार्यरत फैकल्टी यूजीसी के नियमों के अनुरूप पात्रता पूर्ण करने वाली हो तथा उन्हें उनकी पात्रता के अनुरूप उचित वेतन सीधे उनके बैंक खातों में मिले। गहलोत ने महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेन्स एंड सोशल साइंसेज, हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय जयपुर तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय जयपुर के भवन निर्माण का कार्य भी जल्द शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री राजेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा की बेहतर गुणवत्ता के लिए विभाग मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रभावी योजना के साथ काम करेगा। कॉलेजों के नियमित निरीक्षण के लिए कारगर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजकीय कॉलेजों में भर्ती, पदोन्नति एवं भवन निर्माण के कार्याें को भी गति देकर राज्य में उच्च शिक्षा का बेहतर माहौल तैयार किया जाएगा। शासन सचिव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा एन एल मीना ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में की गई बजट एवं अन्य घोषणाओं की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेन्स एंड सोशल साइंसेज के संचालन के लिए एक्ट बनाया जा रहा है। 

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