कृषि भूमि पर ऋण ने ली जान: फसल अच्छी नहीं हुई कमाने के लिए मुम्बई गया, लॉकडाउन में हालत खराब हुई तो अब फंदे पर लटक जान दी

समाराम ने कृषि भूमि पर राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक से फसली ऋण ले रखा था। लेकिन, फसल अच्छी नहीं हुई। कमाई के लिए वह मुम्बई जाकर नौकरी करने लगा लेकिन लॉकडाउन के चलते वहां से भी उसे वापस लौटना पड़ा। इस बीच, 10 अगस्त 2021 को समाराम को बैंक से बकाया राशि चुकाने का नोटिस मिला।

फसल अच्छी नहीं हुई कमाने के लिए मुम्बई गया, लॉकडाउन में हालत खराब हुई तो अब फंदे पर लटक जान दी

पाली। जिले के फालना थाना क्षेत्र निवासी एक युवक के लिए कृषि भूमि पर बैंक से लिया गया ऋण उसकी जान का दुश्मन बन गया। फसल अच्छी नहीं हुई। इस कारण वह ऋण समय पर चुका सके, इसके लिए कमाने मुम्बई गया, लेकिन लॉकडाउन के चलते वहां भी कुछ नहीं कर पाया। बैंक से ऋण जमा करवाने का नोटिस मिलने के बाद वह डिप्रेशन में चला गया। उसने शुक्रवार को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस के अनुसार थाना क्षेत्र के बेडल निवासी 45 वर्षीय समाराम पुत्र नवाराम जणवा चौधरी ने गुरुवार रात में घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार सुबह परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपने की कार्रवाई की।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि समाराम ने कृषि भूमि पर राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक से फसली ऋण ले रखा था। लेकिन, फसल अच्छी नहीं हुई। कमाई के लिए वह मुम्बई जाकर नौकरी करने लगा लेकिन लॉकडाउन के चलते वहां से भी उसे वापस लौटना पड़ा। इस बीच, 10 अगस्त 2021 को समाराम को बैंक से बकाया राशि चुकाने का नोटिस मिला। इस नोटिस में 2 लाख 26 हजार रुपए के बकाया ऋण की राशि जमा करवाने की बात लिखी थी। बैंक से नोटिस मिलने के बाद से वह डिप्रेशन में था। ऋण चुकाने की परेशानी में उसने मौत को ही गले लगा लिया।
मृतक की सादड़ी निवासी चम्पादेवी से हुई शादी से दो संतानें हुई। बड़ा बेटा 16 साल का लालाराम कक्षा 12वीं में पढ़ता हैं। जबकि, 8 साल की बेटी लक्ष्मी कक्षा तीसरी में पढ़ती हैं। पति द्वारा यह कदम उठाने से पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ हैं।

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