India GST के दायरे में पेट्रोल—डीजल: देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार एक देश—एक दाम नीति के तहत जीएसटी में ला सकती है पेट्रोल—डीजल

देश में अगले साल 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होंगे। विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार पेट्रोल—डीजल को लेकर एक अहम फैसला कर सकती है। एक देश एक दाम नीति के तहत पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है। पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी में लाने के बाद इसके दामों में भारी गिरावट हो जाएगी।

देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार एक देश—एक दाम नीति के तहत जीएसटी में ला सकती है पेट्रोल—डीजल

नई दिल्ली, एजेंसी।
देश में अगले साल 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होंगे। विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार पेट्रोल—डीजल(petrol-diesel) को लेकर एक अहम फैसला कर सकती है। एक देश एक दाम नीति के तहत पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है। पेट्रोलियम पदार्थों को GST में लाने के बाद इसके दामों में भारी गिरावट हो जाएगी। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार ने 'एक देश -एक दाम'(one country one price) के अंतर्गत पेट्रोल-डीजल, प्राकृतिक गैस और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (विमान का ईंधन) को GST के दायरे में लाने पर विचार शुरू कर दिया है। इसको लेकर 17 सितंबर को लखनऊ में GST काउंसिल की होने वाली बैठक में इस पर चर्चा हो सकती है। कोरोना महामारी के प्रकोप के बाद से GST काउंसिल की यह पहली फिजिकल बैठक होगी। बताया जा रहा है कि GST काउंसिल की इस 45वीं बैठक में देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण(Finance Minister Nirmala Sitharaman) अध्यक्षता करेंगी। इस दौरान वित्तमंत्री की अध्यक्षता में मंत्री समूह पेट्रोलियम पदार्थों के 'एक देश-एक दाम' के प्रस्ताव पर चर्चा कर सकते है। बैठक में एक या एक से अधिक पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने पर बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर सिक्किम(Sikkim) में तीन साल के लिए फार्मा आइटम्स (Pharma Items) की इंटर-स्टेट सप्लाई पर 1 प्रतिशत उपकर (Cess) और बिजली की खपत या बिक्री पर 0.1 रुपए प्रति यूनिट लगाने की अनुमति देने के पक्ष में है। हालांकि यह राज्य का मामला है जो गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (Goods and Services Tax) के दायरे से बाहर है। केंद्र से 2023 तक सिक्किम को सहायता के रूप में 300 करोड़ रुपए प्रति वर्ष के विशेष पैकेज(Special package) पर विचार करने का आग्रह किया है ताकि उसे COVID​​​-19 के कारण हुए नुकसान की रिकवरी में मदद मिल सके।

अगर जीएसटी के दायरे में आया तो होगी दाम में कमी
जीएसटी काउंसिल(GST Council) की बैठक में अगर मंत्री समूह प्रस्ताव पर मुहर लगा देता है तो देशभर में एक साथ पेट्रोल—डीजल के दामों में भारी कमी हो जाएगी। वहीं देशभर में समान दाम हो जाएंगे। हालांकि, GST काउंसिल इस प्रस्ताव से सहमत नहीं है। सूत्रों का दावा है कि राजस्व को देखते हुए GST काउंसिल के उच्च अधिकारी पेट्रोलियम पदार्थों पर एक समान GST लगाने को तैयार नहीं हैं।

2019—20 में 5.55 लाख करोड़ का राजस्व
पेट्रोलियम पदार्थों(Petroleum Products) से केंद्र व राज्य सरकारों को सबसे ज्यादा राजस्व प्राप्त होता है। वित्तीय वर्ष 2019—20 में पेट्रोलियम पदार्थों से सरकारों को 5.55 लाख करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। पेट्रोल पर केंद्र सरकार 32 प्रतिशत तो राज्य सरकार को 23 प्रतिशत टैक्स ले रही है। इसी तरह डीजल पर केंद्र सरकार 35 प्रतिशत तो राज्य सरकार 14 प्रतिशत टैक्स वसूल रही है।

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