सोशल मीडिया पर बयानबाजी: राजस्थान महिला अत्याचार और दुष्कर्म के मामलों में हो रहा है अव्वल, सीएम गहलोत को देना चाहिए इस्तीफा: राठौड़

राजस्थान में बिगड़ती कानून व्यवस्था और लगातार बढ़ रहे महिला अत्याचार के मामलों के बाद एक बार फिर विपक्ष सरकार पर हावी हो रहा है। राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए राज्य सरकार को घेरा है।

राजस्थान महिला अत्याचार और दुष्कर्म के मामलों में हो रहा है अव्वल, सीएम गहलोत को देना चाहिए इस्तीफा: राठौड़

जयपुर। 
राजस्थान में बिगड़ती कानून व्यवस्था और लगातार बढ़ रहे महिला अत्याचार के मामलों के बाद एक बार फिर विपक्ष सरकार पर हावी हो रहा है। राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष उपनेता राजेंद्र राठौड़ (Deputy Leader of Opposition Rajendra Rathore) ने सीएम अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot) पर निशाना साधते हुए राज्य सरकार को घेरा है। रविवार सुबह उन्होंने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक पोस्ट करते हुए झालावाड़ के बाद बारां में दिनदहाड़े फायरिंग के बाद हुई युवक की हत्या को प्रदेश सरकार के माथे पर कलंक बताया है। इसके साथ ही राठौड़ ने दुष्कर्म के मामलों में राजस्थान(Rape cases in Rajasthan) को अव्वल बताते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से कहा है कि या तो वे कानून व्यवस्था की सुध लें या इस्तीफा दें।


राठौड़ ने लिखा कि राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त है और सरकार मस्त है। झालावाड़ के बाद बारां में दिनदहाड़े फायरिंग के बाद युवक की हत्या सरकार के माथे पर कलंक है। सीएम अशोक गहलोत जी अब तो कोरोना का कहर भी कम हो चुका है, कृपया गृह विभाग के मुखिया होने के नाते कानून व्यवस्था की सुध लें अन्यथा इस्तीफा दें।'


इसके बाद महिलाओं पर अत्याचार का उठाया मामला
Rathore ने दूसरे ट्वीट में कहा कि 'Rajasthan में प्रतिदिन बहन-बेटियों के साथ दरिंदगी की घटनाएं सामने आ रही है, लेकिन दुर्भाग्य है कि सरकार के मुखिया महिलाओं व बच्चियों को सुरक्षा देने में पूर्णतः विफल साबित हुए हैं। गूंगी-बहरी हो चुकी गहलोत सरकार को न्याय मांगती अबला की पुकार भी सुनाई नहीं दे रही है।' 'राजस्थान देश में दुष्कर्म के मामलों में पहले पायदान पर है। मानवता को शर्मसार करने वाली दुष्कर्म की घटनाओं के बाद भी राज्य सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है जिसका ही नतीजा है कि अपराधी बेखौफ होकर महिलाओं व बच्चियों के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार कर रहे हैं।

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