Rajasthan @ नशा मुक्ति और नवजीवन योजना: प्रदेश में नशा मुक्ति के लिए नवजीवन योजना के तहत नई कार्ययोजना होगी लागू:सीएम

राज्य सरकार नशे की लत से ग्रसित और हथकढ़ शराब बनाने में लिप्त व्यक्तियों तथा परिवारों के पुनर्वास के लिए नवजीवन योजना के विस्तार के लिए नई कार्ययोजना लागू करेगी। इस क्रम में पूर्व विधायक स्व. गुरूशरण छाबड़ा की स्मृति में नशे की लत के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

प्रदेश में नशा मुक्ति के लिए नवजीवन योजना के तहत नई कार्ययोजना होगी लागू:सीएम

जयपुर।
राज्य सरकार नशे की लत से ग्रसित और हथकढ़ शराब बनाने में लिप्त व्यक्तियों तथा परिवारों के पुनर्वास के लिए नवजीवन योजना के विस्तार के लिए नई कार्ययोजना लागू करेगी। इस क्रम में पूर्व विधायक स्व. गुरूशरण छाबड़ा की स्मृति में नशे की लत के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत(Chief Minister Ashok Gehlot) ने इस विषय में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन कर 25.74 करोड़ रुपए के अतिरिक्त बजट प्रावधान को स्वीकृति दी है। वर्ष 2009 में राज्य में हथकढ़ शराब से जुड़े परिवारों के पुनर्वास के लिए ‘नवजीवन योजना’ शुरू की गई थी। इसके सकारात्मक परिणामों के दृष्टिगत राज्य बजट वर्ष 2021-22 में योजना के विस्तार तथा नशे की प्रवृत्ति के खिलाफ राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान की घोषणा की गई थी। स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार, नई कार्ययोजना के तहत नशे की लत से ग्रसित व्यक्तियों और परिवारों के चिन्हिकरण और पुनर्वास के लिए नवजीवन योजना के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों के लिए 22.60 करोड़ रूपए व्यय किए जाएंगे। इसके तहत लक्षित समूह के 5 हजार व्यक्तियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिस पर कुल 11.2 करोड़ रूपए खर्च होंगे। आधारभूत संरचना के लिए 10 करोड़ रूपए खर्च करने का बजट प्रावधान है। इस योजना के तहत संबंधित परिवारों के स्कूली बच्चों हेतु 2 हजार साइकिलों के वितरण के लिए 70 लाख रूपए, लक्षित व्यक्तियों एवं परिवारों के सर्वे के लिए 60 लाख रूपए तथा 500 विद्यार्थियों को छात्रावास के लिए 10 लाख रूपए खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, नशे से ग्रसित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट योजना(Indira Gandhi Urban Credit Scheme), महात्मा गांधी नरेगा और राजीविका योजना के अन्तर्गत ऋण अनुदान और शिक्षा का अधिकार अधिनियम(Right to Education Act) के तहत फीस पुनर्भरण से लाभान्वित किया जाएगा।
प्रचार प्रसार पर खर्च होंगे 50 लाख रुपए
अभियान के तहत जिला स्तर पर नशा मुक्ति के लिए प्रचार-प्रसार, विज्ञापन, होर्डिंग्स, पैम्पलेट्स वितरण आदि किया जाएगा। इसके लिए 50 लाख रूपए का बजट प्रस्तावित है। इसके साथ ही अन्य नशामुक्ति कार्यक्रमों और योजनाओं के तहत फिल्म प्रदर्शन, लघुकथा एवं नुक्कड़ नाटक, खेलकूद प्रतियोगिताएं, नवाचार प्रोत्साहन और शैक्षणिक विकास गतिविधियां संचालित की जाएंगी। गहलोत के इस निर्णय से पूर्व विधायक श्री गुरूशरण छाबड़ा के साथ 8 सितम्बर, 2013 को हुए समझौते की पालना के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर है। इस क्रम में नशे के आदी तथा हथकढ़ शराब बनाने में लिप्त परिवारों की इस बुराई से मुक्ति और पुनर्वास कर उन्हें रचनात्मक कार्यों के लिए प्रेरित किया जा सकेगा। 

Must Read: महंगाई पर कांग्रेस महिला मंडल के विरोध प्रदर्शन में सिरोही विधायक संयम लोढ़ा ने मोदी सरकार को बताया लापरवाह

पढें राजनीति खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News) के लिए डाउनलोड करें First Bharat App.

  • Follow us on :