Jalore Youth Murder: सेठ के यहां जी तोड़ मेहनत के मेहनताने में मिली मौत

युवक अपने सेठ के पास सालभर की पगार मांग रहा था। घर आने से पहले वह मेहनताना लेना चाह रहा था, लेकिन सेठ ने उसे पगार नहीं दी। परिजनों से हुई बातचीत के दो दिन बाद ही उसका शव घर आ गया।

सेठ के यहां जी तोड़ मेहनत के मेहनताने में मिली मौत

जालोर| Jalore Youth Murder: घर में कमाने वाला यह एक ही युवक था। अपने नजदीकी गांव के व्यापारी के साथ वह बैंगलोर चला गया। कुछ समय तक व्यापारी ने उसे अच्छी तरह से रखा। काम को देखते हुए उसकी पगार भी बढ़ा दी। लेकिन, पगार देने की बात आई तो उसे लटका दिया। युवक अपने सेठ के पास सालभर की पगार मांग रहा था। घर आने से पहले वह मेहनताना लेना चाह रहा था, लेकिन सेठ ने उसे पगार नहीं दी। उसने अपने घर फोन पर यह तक कहा था कि पूरी पगार मिलते ही वह दीपावली को घर आएगा, लेकिन उसका सपना अधूरा ही रह गया। परिजनों से हुई बातचीत के दो दिन बाद ही उसका शव घर आ गया। व्यापारी ने बताया कि ह्दयाघात से उसकी मौत हो गई। परिजनों ने व्यापारी समेत उसके सम्बंधियों पर युवक की हत्या का आरोप लगाया है। इस सम्बंध में बैंगलोर के कोटनपेट पुलिस थाने में मामला भी दर्ज कराया है। वहीं, जालोर पुलिस अधीक्षक को परिवाद देकर मामले में निष्पक्ष जांच करवाने की गुहार लगाई है।

तीखी का युवक, बिशनगढ़ का व्यापारी
 Jalore Youth Murder:  तीखी (सायला-जालोर) निवासी शैतानसिंह पुत्र परबतसिंह राजपूत ने बताया कि उसका पुत्र तेजपालसिंह (22) बैंगलोर में अर्जुनसिंह पुत्र भवानीसिंह राजपूत (बिशनगढ़-जालोर) की दुकान में पांच वर्षों से नौकरी करता था। गत सालभर से उसकी पगार व्यापारी के पास ही बकाया थी। इस पगार को लेकर वह घर आने की बात कह रहा था।

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बातचीत के दौरान कोई धमका रहा था
परिवादी शैतानसिंह ने बताया कि गत 30 जुलाई की शाम को उसके पुत्र तेजपालसिंह का वीडियो कॉल आया था। उसने पूरे परिवार से बातचीत की थी, जिसमें वह घबराया हुआ लग रहा था। पीछे कोई जोर-जोर से बोलते हुए उसे धमका रहा था। इस पर घरवालों ने उसे घर आने को बोला, लेकिन वह नहीं माना। कहा कि एक वर्ष की पगार मिलने पर दीपावली को घर आएगा।

वीडियो कॉल के दो दिन बाद शव पहुंचा
 Jalore Youth Murder: परिवादी ने बताया कि इस घटना के दो दिन बाद ही एक अगस्त को सुबह बड़े भाई नाथूसिंह उनके घर आए तथा तेजपासिंह की मौत के बारे में बताया। कहा कि बैंगलोर से अर्जुनसिंह का फोन आया था। दोपहर को तेजपालसिंह का शव गांव पहुंचा तथा सम्बंधियों ने दाह-संस्कार करवा दिया।

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राजीनामे के लिए दे रहे धमकियां
परिवादी शैतानसिंह ने आरोप लगाया कि व्यापारी अर्जुनसिंह एवं उसके भाई गणपतसिंह, हुकमसिंह, भाणेज परबतसिंह ने मिलकर तेजपालसिंह की हत्या कर दी। हत्या को लेकर वे बैंगलोर के कॉटनपेठ पुलिस थाने में रिपोर्ट दे चुके हैं। इसके बाद अर्जुनसिंह समेत कुछ लोग राजीनामा कर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बनाते हुए धमकियां दे रहे हैं।  

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