राजस्थान रीट परीक्षा पर बांटी बधाइयां..!: राजस्थान में भले ही मोबाइल पर आ गया हो पेपर, या फिर खुली मिली हो पेपर की सील, मुख्य सचिव सफल आयोजन पर बांट रहे हैं कलेक्टरों को बधाई!

पेपर आउट मानना तो दूर राजस्थान सरकार के अधिकारी परीक्षा आयोजन को लेकर अब एक दूसरे को बधाई दे रहे है। आश्चर्य तो आज मंगलवार को उस वक्त हुआ जब राजस्थान के मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने संभागीय आयुक्त के साथ राजस्थान के सभी कलेक्टर को बधाई दी।

राजस्थान में भले ही मोबाइल पर आ गया हो पेपर, या फिर खुली मिली हो पेपर की सील, मुख्य सचिव सफल आयोजन पर बांट रहे हैं कलेक्टरों को बधाई!

जयपुर।
राजस्थान में 26 सितंबर 2021 को रीट परीक्षा 2021 का आयोजन किया गया। रीट परीक्षा को लेकर पिछले दो दिनों से लगातार सोशल मीडिया के साथ राजस्थान के न्यूज चैनल और समाचार पत्रों में पेपर आउट होने के साथ ही अधिकांश स्कूलों में खुली प्रश्न पुस्तिका को लेकर खबरें दिखाई गई, लेकिन इसके बावजूद राजस्थान सरकार इस परीक्षा के पेपर का आउट मानने को तैयार तक नहीं! इतना ही नहीं, पेपर आउट मानना तो दूर राजस्थान सरकार के अधिकारी परीक्षा आयोजन को लेकर अब एक दूसरे को बधाई दे रहे है। आश्चर्य तो आज मंगलवार को उस वक्त हुआ जब राजस्थान के मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने संभागीय आयुक्त के साथ राजस्थान के सभी कलेक्टर को बधाई दी। आर्य ने शासन सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभागीय आयुक्त एवं जिला कलक्टरों के साथ विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के दौरान कलेक्टरों को बधाई के पात्र बताया। अब ऐसे में राजस्थान के लाखों परीक्षार्थी स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे है कि क्या किया?राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट)-2021 के सफल आयोजन के लिए जिला कलक्टरों को बधाई देते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही इतनी बड़ी प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सकी। मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री के महत्वपूर्ण निर्णयों से रोडवेज में परीक्षार्थियों के लिए मुफ्त यात्र के साथ निजी बसों में बिना किराए आवागमन सुविधा संभव हो सकी। सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से ठहरने एवं खाने की समुचित व्यवस्थाएं की गई। राज्य के बाहर से आए अभ्यर्थियों ने भी यहां की व्यवस्थाओं की खूब तारीफ की है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस, शिक्षा, परिवहन विभाग, रोडवेज, रेलवे सहित सभी की सामूहिक भागीदारी से ही रीट का सफलतम आयोजन संभव हो सका है, जिसकी मुख्यमंत्री ने भी ट्वीट कर प्रशंसा की है। बैठक में आर्य ने ‘घर-घर औषधि’ योजना के तहत चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, टोंक एवं सवाईमाधोपुर द्वारा शत प्रतिशत लक्ष्य अर्जित करने की सराहना करते हुए अन्य जिलों को भी माह नवम्बर तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मॉनिटरिंग सिस्टम में समय पर डेटा फीड करने, वितरित पौधों की रेंडम चैकिंग करने तथा औषधीय पौधों से बीमारी की रोकथाम के संबंध में आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेटलैंड मैनेजमेंज की समीक्षा करते हुए वेटलैंड की पहचान कर वेटलैंड रूल्स-2017 के तहत नोटिफाई करने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव ने ‘प्रशासन गांवों के संग’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और व्यवस्थित प्लानिंग के साथ प्री-कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान जन आधार योजना में सभी का नामांकन करवाने और बने हुए जनाधार कार्ड वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बजट घोषणा की अनुपालना में प्राथमिकता से डेयरी बूथ आवंटन कार्य को सम्पन्न करने के निर्देश दिए। बैठक में आयोजना विभाग के शासन सचिव नवीन जैन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक डीएन पांडे एवं अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (आईटी) अरिजीत बेनर्जी उपस्थित थे। बैठक में विभिन्न विभागों के शासन सचिव, संभागीय आयुक्त एवं जिला कलक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शामिल हुए।

बधाइयां बांट रहे हैं..., पेपर आउट पर निर्णय क्यों नहीं 
राजस्थान में मुख्य सचिव ही नहीं, शिक्षा मंत्री और स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक रीट के सफल आयोजन पर बधाइयां बांट रहे है, लेकिन नकल गिरोह के सामने आने, पुलिस कांस्टेबल के मोबाइल पर पेपर आने , कई स्कूलों में या परीक्षा सेंटर पर प्रश्न पत्र खुला मिलने के बावजूद एक्शन क्यों नहीं लिया जा रहा! पेपर आउट पर परीक्षा होने के दो दिन बाद तक निर्णय क्यों नहीं लिया जा रहा! ये सवाल प्रदेश के लाखों युवा जो दिन रात एक कर परीक्षा की तैयारी कर रहे थे उनके है सरकार से!

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