सिरोही : शिवगंज शहर में फल फूल रहा अवैध बार का कारोबार

सिरोही जिले में अवैध शराब की बिक्री को लेकर ना तो पुलिस प्रशासन गंभीर दिखाई दे रहा हैं और ना ही आबकारी विभाग, इसकी एक बानगी हम आपको आज दिखाने जा रहे हैं। हमारी टीम सिरोही जिले के शिवगंज शहर पहुंची जहां खुलेआम संचालित हो रहे अवैध बियर बार का स्ट्रिंग करके ये तस्वीरें आपके लिए उपलब्ध करवाई हैं।

शिवगंज शहर में फल फूल रहा अवैध बार का कारोबार
  • पुलिस थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर संचालित हो रहे अवैध बार
  • सुबह 6 बजे से लेकर रात 12 बजे तक परोसी जाती हैं शराब
  • एक नॉनवेज रेस्टोरेंट तो एक शराब की दुकान में संचालित हो रहा अवैध बार
  • ना पुलिस प्रशासन कर रहा कोई कार्रवाई और ना ही आबकारी विभाग
  • मिलीभगत के चलते हर रोज होती हैं लाखों रुपये की काली कमाई

सिरोही। सिरोही जिले में अवैध शराब की बिक्री को लेकर ना तो पुलिस प्रशासन गंभीर दिखाई दे रहा हैं और ना ही आबकारी विभाग, इसकी एक बानगी हम आपको आज दिखाने जा रहे हैं। हमारी टीम सिरोही जिले के शिवगंज शहर पहुंची जहां खुलेआम संचालित हो रहे अवैध बियर बार का स्ट्रिंग करके ये तस्वीरें आपके लिए उपलब्ध करवाई हैं। 

आप इन तस्वीरों को देखिए, ये तस्वीरें सिरोही जिले के शिवगंज शहर की हैं, जहाँ पुलिस थाने से मात्र 500 मीटर की दूरी पर एक नही दो-दो अवैध बार खुलेआम संचालित हो रहे हैं, और जिम्मेदार हैं कि उन्हें ये अवैध बार नज़र ही नही आ रहे।  शिवगंज शहर से सिरोही जाने वाले पुराने हाईवे पर एक के बाद एक कुल दो अवैध बार संचालित हो रहे हैं जो ना सिर्फ रात के अंधेरे में चलते हैं बल्कि दिन के उजाले में भी बेधड़क चल रहे हैं।

यहां बाकायदा आपको एक लाइसेंस शुदा बार की तरह सारी सुविधाएं आसानी से मिल जाएगी।  वेलकम नॉनवेज के नाम से संचालित रेस्टोरेंट संचालक ने तो हदें ही पार कर दी हैं... इस रेस्टोरेंट में कुल छह कमरे बने हुए हैं, जिसमें हर एक कमरे में एक टेबल के साथ कुर्सियां लगाई गई हैं... जहां आप अपनी प्राइवेसी के साथ शराब का सेवन कर सकते हैं, वही रेस्टोरेंट के पीछे पड़ी खुली जगह के कुछ हिस्से में शेड बनाकर एक हॉल बनाया गया हैं।

जहाँ एक साथ कई टेबल कुर्सियां लगी हुई हैं, इसके साथ ही यहां खाट भी लगाए गए हैं, जहां आप जैसे चाहो वैसे बैठकर शराब पीने का पूरा लुफ्त उठा सकते हैं... इतना ही नही शेष पड़ी खुली जगह में भी कुर्सी टेबल लगाकर खुले आसमान के तले शराब पीने वालों के लिए ओपन बार की भी व्यवस्था की गई हैं... ये अवैध बार सुबह 6 बजे खुलता हैं जो रात के 12 बजे तक लगातार शुरू रहता हैं... और एक दिन में यहां करीब 80 हज़ार से 1 लाख रुपये तक की अवैध शराब बेची जाती हैं। 

हमारी टीम ने मौके पर पहुंचकर इस काले कारोबार का स्ट्रिंग ऑपरेशन किया... यहां पर शराब MRP से कहीं अधिक रेट पर बेची जाती हैं, मसलन 260 रुपये की बड़वाईजर बियर यहां पर आपको 400 रुपये में खरीदनी पड़ेगी... यानी करीब करीब दुगुनी रेट पर यहां शराब बेची जाती हैं... पर बिना किसी डर के यहां सारी सुविधाएं उपलब्ध होने के कारण शराब के शौकीन यहां खुशी खुशी अपनी जेब खाली करने से भी नही हिचकीचाते... होटल संचालक की पुलिस और आबकारी विभाग के साथ जबरदस्त सेटिंग के चलते यहां कभी रेड नही होती... जिससे ग्राहकों को किसी भी प्रकार की तकलीफ नही होती और मस्ती से यहां शराब का सेवन कर सकते हैं...

शराब की दुकान को बना दिया बियर बार

Vio- वेलकम नॉनवेज से थोड़े आगे चलते पांच दुकाने छोड़कर एक लाइंसेंस शुदा शराब की दुकान हैं... नियमानुसार यहां सिर्फ शराब बेची जा सकती हैं, किसी भी ग्राहक की यहां बिठाकर शराब पिलाना गैर कानूनी हैं... पर इस शराब दुकान संचालक ने भी दुकान के पीछे पड़े खाली प्लॉट को बियर बार का रूप दे दिया हैं... जहां शराब के शौकीनों के लिए शेड बनाकर टेबल कुर्सियां लगाई गई हैं... ओर यहां पर भी रात 12 बजे तक शराब परोसने का काम लगातार जारी रहता हैं... यहां भी शराब आपको MRP से अधिक दामों पर ही उपलब्ध हो पाएगी... हमारी टीम ने यहां से बैक आइस नामक बियर की दो बोतलें खरीदी... जिसकी एक बोतल की MRP 200 रुपये हैं जबकि हमारे से यहां 250 रुपए वसूल किए गए... वही किंगफिशर की एक बोतल जिसकी MRP 160 रुपये  हैं उसकी जगह पर हमारे से 200 रुपये वसूले गए। 

मिलीभगत के खेल में सरकार को करोड़ो के राजस्व की लग रही चपत

अवैध शराब कारोबारियों और जिम्मेदारों के बीच चल रहे इस मिलीभगत के खेल में सरकार को  प्रतिदिन करोड़ो के राजस्व की हानि हो रही हैं... पर जिम्मेदारों की मंथली के चलते सरकार के राजस्व की चिंता छोड़ जिम्मेदार अपना राजस्व बढ़ाने में लगे हुए हैं... वही अवैध कारोबारी सरकारी राजस्व के साथ साथ ग्राहकों के साथ भी खुली लूट करके अपनी तिजोरियां भरने में लगे हुए हैं... अब देखने वाली बात होगी हमारे इस स्ट्रिंग ऑपरेशन में सामने आए सच को देखने के बाद इस पर क्या कार्रवाई होती हैं।