लॉकडाउन और कालाबाजारी, करें शिकायत: लॉकडाउन या कर्फ्यू में कोई दुकानदार कर रहा है कालाबाजारी तो राज्य सरकार को फोन, व्हाट्स ऐप या मेल पर करें शिकायत

सरकार ने कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का मानस बना लिया और राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया।

लॉकडाउन या कर्फ्यू में कोई दुकानदार कर रहा है कालाबाजारी तो राज्य सरकार को फोन, व्हाट्स ऐप या मेल पर करें शिकायत

जयपुर। 
कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या में अचानक वृद्धि के कारण राज्य सरकार द्वारा संक्रमण को रोकने के लिए वीकेंड लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू तो लगा दिया, लेकिन इससे अचानक लोगों में अफरा तफरी सी मच गई। वहीं दूसरी ओर बाजार में दुकानों पर सामान खरीदने वालों की लाइन सी लग गई। इसे में कुछ लोगों द्वारा इसका नाजायज फायदा उठाते हुए कालाबाजारी तक कर रहे है। अधिकांश सामान पर दाम बढ़ा दिए गए। ऐसे में सरकार ने कालाबाजारी(Black Market) करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का मानस बना लिया और राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम (State control Room) स्थापित कर दिया। 
सरकार की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक खाद्य वस्तुओं एवं मेडिकल स्टोर और प्रोडक्शन यूनिटों को आवश्यक आपूर्ति को बनाए रखने के लिए आपदा प्रबन्धन के तहत प्रतिबंधों से बाहर रखा गया है। वर्तमान में खाद्य वस्तुएं और हाइजीन प्रोडक्ट पर्याप्त मात्रा में और उचित कीमतों पर उपलब्ध है। व्यापारियों से अपेक्षा है कि वह आमजन को खाद्य वस्तुएं और हाइजीन प्रोडक्ट जैसे सर्जिकल मास्क, एन 95 मास्क, कीटाणुनाशक स्प्रे और सैनीटाइजर आदि सही कीमत और निर्धारित एमआरपी पर बेचे और जमाखोरी से बचें। 
टोल फ्री नंबर पर करें फोन या व्हाट्स एप पर भेज सूचना
यदि किसी व्यापारी द्वारा इस स्थितियों में अतिरिक्त लाभ कमाने के लिए निर्धारित एमआरपी (MRP) से अधिक मूल्य पर कोई भी वस्तु बेची जाती है तो तुरंत अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए राज्य उपभोक्ता हेल्पलाइन टोल फ्री (Toll Free) नम्बर 1800-180-6030 पर कार्यालय समय में फोन करें या व्हाट्सएप नंबर 7230086030 पर अथवा www.consumeradvise.in पर किसी भी समय पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते है। इसके अतिरिक्त उपभोक्ता जिला रसद अधिकारी (DSO) कार्यालय से तुरंत संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है।विधिक माप नियम (पैकेज में रखी वस्तुएं) नियम 2011के प्रावधानों की पालना कोई भी वस्तु निर्धारित मूल्य अर्थात एमआरपी पर बेचा जाना जरूरी है। यदि किसी व्यापारी के द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जायेगा तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।