खबर का असर : FIRST BHARAT की खबर के बाद आज फिर आबू प्रशासन दिखा हरकत में, अवैध निर्माण पर चलाया पीला पंजा

कल देर रात प्रसारित खबर के बाद आज माउंट आबू प्रशासन ने फिर तत्परता दिखाते हुए ओरिया सरपंच द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई अमल में लाई गई। ईको सेंसेटिव जोन में लगातार हो रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर FIRST BHARAT द्वारा लगातार खबरें प्रसारित करके प्रशासन की नाकामियों को उजागर किया...

FIRST BHARAT की खबर के बाद आज फिर आबू प्रशासन दिखा हरकत में, अवैध निर्माण पर चलाया पीला पंजा
आबू प्रशासन द्वारा आज तोड़ा गया ओरिया सरपंच का अवैध निर्माण
  • गणपतसिंह मांडोली 9929420786

सिरोही। कल देर रात प्रसारित खबर के बाद आज माउंट आबू प्रशासन ने फिर तत्परता दिखाते हुए ओरिया सरपंच द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई अमल में लाई गई। ईको सेंसेटिव जोन में लगातार हो रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर FIRST BHARAT द्वारा लगातार खबरें प्रसारित करके प्रशासन की नाकामियों को उजागर किया जा रहा हैं। जिस पर आमजन में आबू प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर खूब किरकिरी भी हो रही हैं। जिसको लेकर अब आबू प्रशासन ने अपनी साख बचाने और लोकलाज के चलते इन अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों पर पीला पंजा चलाकर ध्वस्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जा रही हैं। कल हमने जब ओरिया सरपंच द्वारा अवैध तरीके से निर्माण करने की खबर प्रसारित की तो आज आबू प्रशासन का अतिक्रमण तोड़ दस्ता जेसीबी मशीन लेकर सरपंच के घर पहुंचा और सरपंच द्वारा अवैध तरीके से किए गए निर्माण कार्य को तोड़कर जमीदोंज किया गया। इसके साथ ही ओरिया ग्राम पंचायत क्षेत्र के ही लाखाराम द्वारा अपनी खातेदारी से लगती सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से अतिक्रमण कर पक्की दीवार व तारबंदी के निर्माण को भी ध्वस्त कर सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करवाया गया। इसके अलावा बिना किसी सक्षम स्वीकृति के राजकीय भूमि से अवैध तरीके से पत्थर तोड़कर परिवहन करते एक ट्रेक्टर ट्रॉली को भी जब्त करने की कार्रवाई की गई।

अगर इसी प्रकार प्रशासन करें कार्रवाई  तो आबू में अवैध निर्माण पर लग सकती हैं लगाम

आज आबू प्रशासन ने जिस हिम्मत के साथ ओरिया सरपंच द्वारा किए गए अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई की हैं। अगर इसी हिम्मत को बरकरार रखते हुए आबू प्रशासन दूसरे रसूखदारों के अवैध निर्माण को भी तोड़ने की हिम्मत दिखा दे तो शायद आबू को अतिक्रमण से मुक्त करने और आबू में चोरी छुपे हो रहे अवैध निर्माण कार्यो पर लगाम लग सकती हैं। पर इसके लिए आबू प्रशासन को आम आदमी से लेकर बड़े से बड़े रसूखदारों के अवैध निर्माण कार्यो और अवैध अतिक्रमण पर बिना किसी लाग लपेट, बिना किसी पक्षपात के आज की कार्रवाई को लगातार जारी रखना होगा, तभी आबू के प्राकृतिक सौंदर्य को बचाया जा सकता हैं। वरना आम आदमी पर कार्रवाई और रसूखदारों को रियायत देने से तो आबू का स्वरूप बिगड़ता ही जायेगा।

Must Read: मुख्यमंत्री गहलोत ने सिरोही के पिंडवाडा सहित 2 महाविद्यालयों के भवनों को शिलान्यास तो 11 महाविद्यालयों के भवनों का किया लोकार्पण

पढें राजस्थान खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News) के लिए डाउनलोड करें First Bharat App.

  • Follow us on :