आखिर विवाद के बाद ​ट्वीटर ने की नियुक्ति: सरकार से विवाद के बाद आखिरकार ट्वीटर ने भारत में नियुक्त किए रेजिडेंट ग्रीवेंस ऑफिसर

सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्वीटर से चल रहे विवाद के बाद आखिरकार ट्विटर ने भारत के नए IT नियमों को मानते हुए नई नियुक्यिों की घोषणा की है। ट्वीटर कंपनी ने भारत में अपना रेजिडेंट ग्रीवेंस ऑफिसर नियुक्त कर दिया। ट्वीटर ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर बताया है कि उसने विनय प्रकाश को शिकायत अधिकारी बनाया है।

सरकार से विवाद के बाद आखिरकार ट्वीटर ने भारत में नियुक्त किए रेजिडेंट ग्रीवेंस ऑफिसर


नई दिल्ली।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्वीटर से चल रहे विवाद के बाद आखिरकार ट्विटर ने भारत के नए IT नियमों को मानते हुए नई नियुक्यिों की घोषणा की है। ट्वीटर कंपनी ने भारत में अपना रेजिडेंट ग्रीवेंस ऑफिसर नियुक्त कर दिया। ट्वीटर ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर बताया है कि उसने विनय प्रकाश (Resident Grievances Officer Vinay Prakash) को शिकायत अधिकारी बनाया है। आप को बता दें कि सरकार ने 25 फरवरी को नए कानून लागू किए थे। इन नियमों का 3 महीने के भीतर यानी 25 मई से पहले पालन किया जाना था, लेकिन ट्विटर ने डेडलाइन खत्म होने के 46 दिन बाद इन नियमों का पालन करते हुए विनय कुमार की नियुक्ति कर दी। पिछले माह 27 जून को ट्वीटर इंडिया के अंतरिम शिकायत अधिकारी धर्मेंद्र चतुर (Dharmendra Chatur) ने अपने पद से इस्तीफा (Resign) दे दिया था। इनकी नियुक्ति कुछ हफ्ते पहले ही ट्वीटर इंडिया ने नए IT नियमों के पालन के लिए की गई थी। India में PM नरेंद्र मोदी कैबिनेट के नए IT मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव (New IT Minister Ashwini Vaishnav) ने 8 जुलाई को अपना मंत्रालय संभाला था। इसके तुरंत बाद उन्होंने सबसे पहले ट्वीटर को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि देश का कानून सबसे ऊपर है और ट्वीटर को इसे लागू करना ही होगा। यहां आप को बता दें कि मंत्रिमंडल विस्तार से पहले IT मंत्री रविशंकर प्रसाद ()ने मंत्रालय से इस्तीफा दे दिया था। ट्वीटर कंपनी ने पिछले दिनों तत्कालीन आईटी मंत्री रविशंकर (Ravi Shankar) का ही अकाउंट ब्लॉक कर दिया था। इससे काफी बदनामी हुई थी। वहीं ट्वीटर विवाद पिछले दिनों से कोर्ट में भी चल रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट और संसदीय समिति ने ट्वीटर से साफ शब्दों में कहा था कि देश का कानून सबसे ऊपर है और उसे मानना ही होगा। जस्टिस रेखा पिल्लई (Justice Rekha Pillai) ने कहा था कि अगली सुनवाई में IT कानून लागू करने पर आप स्पष्ट जवाब के साथ आइएगा, वर्ना मुश्किल में पड़ जाएंगे। इससे पहले नए कानून न मानने की वजह से ही ट्वीटर ने भारत में थर्ड पार्टी कंटेंट के लिए लीगल शील्ड को खो दी थी। यानी सरकार की तरफ से उसे कंटेंट को लेकर किसी तरह की सुरक्षा नहीं दी जाएगी। ट्वीटर के ऊपर आईपीसी की धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है। इस स्थिति के लिए ट्वीटर खुद ही जिम्मेदार है। आपको बता दें कि  गाजियाबाद पुलिस ने मुस्लिम बुजुर्ग से मारपीट और अभद्रता के मामले में ट्वीटर के खिलाफ FIR दर्ज की थी। देश का गलत झंडा दिखाने पर बुलंदशहर में मामला दर्ज किया गया। देश का गलत झंडा दिखाने पर मध्य प्रदेश की साइबर सेल में केस दर्ज किया गया। चाइल्ड पोर्नोग्राफिक कंटेंट के मामले में दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने केस दर्ज किया। ये राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की शिकायत पर दर्ज किया गया।

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