One Nation One Election: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में आज होगी देश में एक साथ चुनाव कराने के मामले में बैठक

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ गोविंद की अध्यक्षता में आज होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में देश में एक साथ चुनाव कराने की संभावना को तलाशा जाएगा। पूर्व राष्ट्रपति कोविंद की अध्यक्षता वाली आज होने वाली इस बैठक में देश के गृह मंत्री अमित शाह के साथ गुलाम नबी आजाद व वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एन.के. सिंह शामिल होंगे।

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में आज होगी देश में एक साथ चुनाव कराने के मामले में बैठक
One Nation One Election पूर्व राष्ट्रपति की अध्यक्षता में आज बेठक।

दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ गोविंद की अध्यक्षता में आज होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में देश में एक साथ चुनाव कराने की संभावना को तलाशा जाएगा। पूर्व राष्ट्रपति कोविंद की अध्यक्षता वाली आज होने वाली इस बैठक में देश के गृह मंत्री अमित शाह के साथ राज्यसभा में विपक्ष के नेता रहे गुलाम नबी आजाद तथा वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एन.के. सिंह शामिल होंगे।  इस समिति में पहले लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन को भी नामित किया गया था लेकिन उन्होंने सदस्य बनने से मना कर दिया था।

ज्ञात हो कि One Nation One Election अर्थात एक देश एक चुनाव को लेकर लंबे समय से चर्चा व बहस चल रही है। मौजूदा सरकार One Nation One Election को लेकर गंभीर है तथा इसकी संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द की अध्यक्षता में पूरी प्रक्रिया का खींचा जाएगा व संभावनाओं को तलाशा जाएगा। इस हेतु चुनाव प्रक्रिया से जुड़े लोगों से विचार विमर्श भी किया जाएगा।

देश में एक साथ चुनाव कराने की संभावना पर विचार के लिए आज आयोजित होने वाली बैठक में पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द अध्यक्षता करेंगे। बैठक आज शनिवार को होंगी। इस बैठक में संभावना पर विचार आगे बढ़ने की रूपरेखा तय की जाएगी। 

पूर्व राष्ट्रपति कोविंद ने 23 सितंबर को बैठक होने की जानकारी हाल के अपने ओडिशा दौरे के दौरान दी थी। केंद्र सरकार ने पिछले दो सितंबर को ही अधिसूचना जारी कर देश में लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, स्थानीय निकायों और पंचायतों के चुनाव एक साथ कराने की संभावना पर विचार के लिए आठ सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था।

उल्लेखनीय है कि एक सितंबर को मुंबई में हुई गठबंधन की बैठक के दौरान सरकार की मंशा पर हैरानी जताई गई। कहा गया कि इससे देश के संघीय ढांचे को खतरा पैदा हो जाएगा जो संविधान की मूलभावना के खिलाफ होगा।

समिति में यह होंगे सम्मिलित --
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद,  गृह मंत्री अमित शाह, गुलाम नबी आजाद और वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एन.के. सिंह शामिल हैं।

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