साउथ के सुपरस्टार को फाल्के अवॉर्ड 2020: दक्षिण भारत के सुपर स्टार रजनीकांत को दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से किया जाएगा सम्मानि

साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत को दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड 2020 से नवाजा जाएगा। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को इसका ऐलान किया। इसे तमिलनाडु चुनाव से जोड़कर देखे जाने के एक सवाल पर उन्होंने कहा कि रजनीकांत का फिल्म इंडस्ट्री के योगदान के लिए उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है।

दक्षिण भारत के सुपर स्टार रजनीकांत को दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से किया जाएगा सम्मानि

नई दिल्ली। 
साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत को दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड 2020 से नवाजा जाएगा। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को इसका ऐलान किया। इसे तमिलनाडु चुनाव से जोड़कर देखे जाने के एक सवाल पर उन्होंने कहा कि रजनीकांत का फिल्म इंडस्ट्री के योगदान के लिए उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है। इसका चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। दरअसल, तमिलनाडु में 6 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए वाेटिंग होनी है। रजनीकांत का राजनीति में आने का सपना अधूरा ही रह गया। 70 साल के रजनी ने खराब सेहत की वजह से चुनावी राजनीति में नहीं आने का फैसला किया है।

3 दिसंबर को रजनीकांत ने कहा था कि वे नई पार्टी बनाएंगे और 2021 का विधानसभा चुनाव भी लड़ेंगे। 31 दिसंबर को नई पार्टी का ऐलान किया जाएगा, लेकिन ऐसा हो ना सका और 26 दिन के अंदर ही उन्होंने राजनीति छोड़ दी। 12 दिसंबर 1950 को बेंगलुरु के एक मराठी परिवार में जन्मे रजनी का असली नाम शिवाजी राव गायकवाड़ है। जीजाबाई और रामोजी राव की चार संतानों में शिवाजी सबसे छोटे थे। उनकी स्कूलिंग बेंगलुरु में हुई। रजनीकांत चार साल के थे, तभी उनकी मां का निधन हो गया था। घर की माली हालत बहुत अच्छी नहीं थी। इसलिए रजनीकांत ने कुली से लेकर बस कंडक्टर तक का काम किया। बस में टिकट काटने के अनोखे अंदाज की वजह से ही वे पॉपुलर हुए और दोस्तों ने उन्हें फिल्मों में एक्टिंग करने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने तमिल फ़िल्म अपूर्व रागंगल से अपने फ़िल्म कैरियर शुरू किय।
पद्म भूषण से सम्मानित


रजनीकांत को भारत सरकार ने कला क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया था। रजनीकांत को ज्यादातर तमिल में उनकी फ़िल्मों के कई के लिए कई बार पुरस्कार प्राप्त हुआ है। उन्होंने 1984 में सर्वश्रेष्ठ तमिल अभिनेता के लिए अपनी पहली फ़िल्म फेयर पुरस्कार प्राप्त किया। इसके बाद वे शिवाजी (2007) और Enthiran (2010) में अपने अभिनय के लिए फ़िल्मफेयर पुरस्कार नामांकन प्राप्त किया। 2014 के रूप में रजनीकांत विभिन्न फ़िल्मों में अपने अभिनय के लिए छह तमिलनाडु राज्य फ़िल्म पुरस्कार प्राप्त कर चुके।