Rajasthan सीएम की कोरोना समीक्षा बैठक: Corona को लेकर सीएम गहलोत ने सख्ती बरतने के दिए निर्देश, पहले 3 से 5 दिन चेतावनी, फिर बरती जाएगी सख्ती

देश में ओमिक्रॉन और कोरोना संक्रमण बढ़ने से एक बार फिर केंद्र तथा राज्य सरकारों ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया। ऐसे में राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी आज कोरोना रिव्यू बैठक में सख्ती बरतने के निर्देश दे दिए।

Corona को लेकर सीएम गहलोत  ने सख्ती बरतने के दिए निर्देश, पहले 3 से 5 दिन चेतावनी, फिर बरती जाएगी सख्ती

नई दिल्ली, एजेंसी। 
देश में ओमिक्रॉन और कोरोना संक्रमण बढ़ने से एक बार फिर केंद्र तथा राज्य सरकारों ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया। ऐसे में राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी आज कोरोना रिव्यू बैठक में सख्ती बरतने के निर्देश दे दिए। 
जनता को बचाने के लिए वैक्सीन नहीं लगाने वालों पर पेनल्टी लगाने की आवश्यकता हो तो लगाई जाए और नाइट कर्फ्यू की सख्ती से पालना कराई जाए। 
हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रशासन को पहले कुछ दिन चेतावनी देने के बाद सख्ती बरतने के ​लिए निर्देशित किया है। 
सीएम गहलोत ने कहा कि पंजाब सरकार ने वैक्सीन नहीं लगाने वालों की सेलरी रोकने तक के आदेश दे दिए। 
ऐसे में प्रदेश को भी कोरोना की वैक्सीन लगवाना अनिवार्य करना होगा।


मास्क के साथ रात्रि कर्फ्यू को लेकर सरकार की ओर से सख्ती बरती जाएगी। 
सीएम ने कहा कि ओमिक्रॉन और डेल्टा का नया वैरिएंट लोगों के लिए नुकसान दायक हो सकता है। 
ऐसे में लोगों को दूसरी लहर की तबाही और उसके दर्द को नहीं भूलना चाहिए। 
फिर से ऐसे हालात न हो इसलिए सावधानी बरतनी चाहिए। सीएम की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा, हेल्थ सेकेट्री वैभव गालरिया ने भी पाबंदियां और वैक्सीनेशन के लिए सख्ती बरतने के लिए सुझाव दिया। 
सरकारी योजना का फायदा करना पड़ेगा बंद
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि तमिलनाडु ने जैसे वैक्सीनेशन अनिवार्य कर दिया। 
पंजाब सरकार ने वैक्सीन नहीं लगाने वाले की सेलरी रोकने के आदेश दे दिए, वैसे ही हमें भी कोरोना की दोनों डोज नहीं लगाने वाले का सरकारी योजनाओं का लाभ बंद करना होगा। 
प्रशासन पहले एक माह का समय दे और इसके बाद दोनों डोज नहीं लगाने वाले की लिस्ट बनाकर उसकी सुविधाएं बंद कर दें। 
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति वैक्सीन के लिए इनकार नहीं कर सकता। यह उसका अधिकार नहीं है। 
हम लोगों को एक माह का समय दे सकते है, इसके बाद वैक्सीन नहीं लगने पर पेनल्टी लगा सकते है।


सीएम ने कहा कि वैक्सीन के लिए कलेक्टर से लेकर पटवारी तक सबको अभियान में सक्रिय होना होगा।
​वैक्सीन नहीं लगाने वालों की लिस्ट बनानी होगी। इसके साथ ही सीएम ने कोविड जांच का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए। 
उन्होंने कहा कि पहले जगह चिन्हित कर उस क्षेत्र में जांच बढ़ाई जाए। 
बूस्टर डोज के लिए केंद्र को लिखे पत्र
सीएम ने रिव्यू बैठक में  केंद्र से बूस्टर डोज के मामले में पत्र व्यवहार करने के लिए निर्देशित किया। 
उन्होंने कहा कि कई देशों ने तो बूस्टर डोज लगा दिए, हमें केंद्र से लगातार बूस्टर डोज के लिए मांग की जानी चाहिए। 
बूस्टर डोज के लिए भारत सरकार पर हमें दबाव बनाना चाहिए। बिना दबाव कोई सुनवाई नहीं होगी। 
सीएम की बैठक में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ. सुधीर भण्डारी ,कोरोना मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य और विशेषज्ञ डॉ. वीरेन्द्र सिंह,  मुख्य सचिव निरंजन आर्य सभी ने अपने विचार रखे।

Must Read: सिरोही की महिला वनरक्षक ने रेस्क्यू सेंटर में लगाई वन्यजीवों की तस्वीरें, लोगों को वनजीवों के प्रति कर रही है जागरूक

पढें लाइफ स्टाइल खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News) के लिए डाउनलोड करें First Bharat App.

  • Follow us on :