किसान नेता की सभा, पांडाल उडा, 1 घायल: राजस्थान के उपचुनावों से पहले किसान नेता टिकैत की महापंचायत, कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग, खराब मौसम ने डाली खलल

राजधानी गुलाबी नगरी में मंगलवार को किसान नेता राकेश टिकैत की महापंचायत के कई सियासी मायने निकाले जा रहे है। प्रदेश के तीन उपचुनावों से पहले कांग्रेस अपने लिए फायदे के तौर पर देख रही है। टिकैत की सभा में मौजूद कई दिग्गज राजनेताओं की उपस्थिति ने भी इस सियासी मायनों को ओर हवा दी।

राजस्थान के उपचुनावों से पहले किसान नेता टिकैत की महापंचायत, कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग, खराब मौसम ने डाली खलल

जयपुर।
राजधानी गुलाबी नगरी में मंगलवार को किसान नेता राकेश टिकैत की महापंचायत के कई सियासी मायने निकाले जा रहे है। प्रदेश के तीन उपचुनावों से पहले कांग्रेस अपने लिए फायदे के तौर पर देख रही है। टिकैत की सभा में मौजूद कई दिग्गज राजनेताओं की उपस्थिति ने भी इस सियासी मायनों को ओर हवा दी। हालांकि टिकैत का मौसम ने साथ नहीं दिया। जयपुर में मंगलवार को किसान नेता राकेश टिकैत की सभा का पांडाल गिर गया।

तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर पांडाल उड़ गया। कई जगह पाइप भी टूटकर गिर गए, इससे वहां हल्की भगदड़ की स्थिति बन गई। पांडाल उखड़ने के दौरान ही एक पाइप एक युवक के सिर पर लग गया। इसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में महापंचायत तय समय से करीब 3 घंटे से देरी से शुरू हुई।

सभा में कई संगठनों के नेताओं के अलावा कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। मंच पर कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद डॉ. करण सिंह यादव, सीपीएम नेता अमराराम, सीपीएम विधायक बलवान पूनिया, कांग्रेस नेता सोनादेवी बावरी, स्वराज आंदोलन के योगेंद्र यादव, भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर रावण, एनपीपी नेता नवीन पिलानिया, जाट महासभा अध्यक्ष राजाराम मील सहित कई संगठनों के नेता मौजूद हैं।
26 को किसान कर्फ्यू 
राजधानी जयपुर के विद्यानगर में संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले महापंचायत हुई। किसान महापंचायत में किसान नेता फूलचंद ढेवा और राकेश टिकैत ने कहा कि यह विचारधारा की लड़ाई है। इस दौरान उन्होंने कहा कि 26 मार्च को किसान कर्फ्यू का आह्वान किया। 26 मार्च को सुबह 6 से शाम 6 बजे तक किसान कर्फ्यू रहेगा। इससे पहले किसान महापंचायत में गुर्जर प्रतिनिधियों ने परिचय दिया। बयान, हिंडौन करौली, पीपल खेड़ा, टोंक, शेरगढ़ आदि स्थानों से आए गुर्जरों ने माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। 

भगत सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित
मंच पर पहुंचने के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने सबसे पहले शहीद दिवस पर क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजली अर्पित की। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुलाई महापंचायत में दो दर्जन से अधिक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। आंदोलन को लेकर जो 2-4 दिन से तैयारियां चल रही थी उस तैयारियों के मुताबिक रैली में भीड़ देखने को नहीं मिली। आयोजकों ने एक लाख लोगों की भीड़ जुटाने का दावा किया था, लेकिन महापंचायत शुरु होने तक पंडाल का बहुत बड़ा हिस्सा खाली था। वहीं मंच से महापंचायत में वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार यह नहीं समझे कि किसान थक जाएगा, जब तक तीनों काले कानून वापस नहीं लिए जाएंगे तब तक किसान दिल्ली घेरकर बैठा रहेगा। किसान महापंचायत में कोरोना गाइडलाइन पूरी तरह दरकिनार दिखीं। महापंचायत में आए हुए लोग सोशल डिस्टेंसिंग रखने की जगह सटकर बैठे दिखे। ज्यादातर ने मास्क भी नहीं लगा रखे थे।

Must Read: राजधानी में विधानसभा के नजदीक विधायकों के फ्लैट्स का शिलान्यास 11 अगस्त को

पढें राजनीति खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News) के लिए डाउनलोड करें First Bharat App.

  • Follow us on :